Saturday, 12 November 2016

कीर्ति छात्रों के साथ
तस्कर बुक 2 कवर लांच  IIT दिल्ली में हो रहे रोंदेवुज़ में संपन्न हुआ। रोंदेवुज़ IIT छात्रो द्वारा आयोजित वार्षिक कार्यक्रम है जिसमे छात्र अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते है। यही पर IIT छात्रों के मध्य तस्कर बुक 2 कवर लांच हुआ,  बुक के लेखक कीर्ति रम्भथला ने किया। समारोह में मार्केटिंग टीम से शवेता तथा बुक के colorist ज़ाकिर हुसैन भी मौजूद थे। इस दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन बुक 2 का कवर लांच हुआ और बाद में एक प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया जिसमे IIT छात्रों ने  अपनी कला एवं लेखन प्रतिभा का जौहर दिखाया।कीर्ति जी ने स्टूडेंट्स के लिए बुक रीडिंग भी की, तथा नोवल के मेन किरदार के बारे में बताया। इस बुक रीडिंग और बताई गई डिटेल्स के आधार पर प्रतियोगिता में IIT छात्रों ने ग्राफिक्स डिज़ाइन और बुक के लिए स्क्रिप्ट लिखी, विजेताओं को नकद पुरस्कार, तस्कर बुक डीवीडी merchandize तथा सर्टिफिकेट भी दिए गए।वहाँ उपस्थित लोगों को उपहार स्वरूप तस्कर कॉमिक बुक और तस्कर डीवीडी भी दिए गये।समरोह में उपस्थित लोगो ने लेखक के साथ फ़ोटो भी लिए और पूरे कार्यक्रम की वीडियोग्राफी भी की गई।
छात्रों को संबोधित करते कीर्ति
तस्कर कीर्ति रम्भथला द्वारा लिखित तथा फेनिल पब्लिकेशन  द्वारा प्रकशित अंग्रेजी ग्राफ़िक नावेल है, जिसका  पहला भाग 2 माह पूर्व प्रकाशित हुआ था , और कुछ ही समय में दूसरा भाग भाग भी आएगा। तस्कर की कहानी के आधार पर तेलगु भाषा में फ़िल्म भी बन चुकी है  जिसमे मुख्य करदार स्वयं लेखक कीर्ति ने ही अभिनीत किया है।
  लेखक कीर्ति जी ने बताया तस्कर में एक महीने के अंतराल पर कुल 9 भाग आएंगे। यह बुक साइंस और एकनॉमिक्स दोनों पर आधारित है। यह पुरी तरह से एक साइंस फिक्शन होगी, हर भाग में तस्कर एक नई परिस्थिति से लड़ेगा। उन्होंने ये भी बताया के तस्कर कोई सुपर हीरो बुक न होकर एक सामान्य इंसान की कहानी है जो दुनिया से गरीबी मिटाने के लिए प्रयास करता है, और उसे किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।अपीने काम के दौरान ही उसे बरसों से चला रहे और एक षड्यंत्र का पता चलता है और उस षड्यंत्र को समाप्त करने के लिए इस अपना सब कुछ छोड़ना पड़ता है। और इसके बाद शुरू होता है तस्कर का मुश्किल भरा सफर। स्टूडेंट्स में बुक को लेकर काफी उत्साह दिखा, उन्हीने विज्ञान  तथा अर्थशास्त्र से जुड़े  से कई प्रश्न भी कीये। और लेखक ने उनके उत्तर भी दिए।
कीर्ति जी के हाथों तस्करा बुक 1 प्राप्त करते हुए
तस्कर के लेखक के साथ एक  यादगार मुलाकात रही पर उससे भी ज्यादा मजा एक कॉमिक प्रेमी से मिलकर आया।कीर्ति जी के साथ व्यक्तिगत बातचीत के दौरान कॉमिक जगत की अन्य गतिविधियों के बारे में भी चर्चा हुई। उन्होने बताया बचपन में सुपाण्डि, बैटमैन तथा अमर चित्रकथा से उनका विशेष लगाव था। उन्होंने ये भी बताया के विदेशों में बुक रीडिंग सेशन को लेकर काफी उत्साह  रहता है पर भारत में अभी यह उतना लोकप्रिय नही है।कॉमिक जगत  को और विस्तृत करने को लेकर उन्होने कुछ सुझाव भी दिये। जैसे की स्कूलों में बुक रीडिंग करवाना, प्रकाशन लागत को कम करना जिससे सभी वर्ग के पाठको को सुलभ हो सके। निकट भविष्य में वो उनके दो प्रोजेक्ट आने वाले है, जिसमे एक तस्कर जैसे ही आम व्यक्ति की कहानी है तथा दूसरी एक सुपर हीरो की कहानी है। उन्होंने यह भी कहा के भारतीय  कॉमिक अभी भी उपेक्षा का शिकार है, अधिक लागत सीमित पाठक, तथा बुक सेलर्स भी बिक्री घटने का कारण है।
 भारत में कॉमिक के अस्त हो रहे सूर्य को फेनिल कॉमिक  के रूप में एक नई किरण मिली है।

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