Thursday, 6 October 2016

COP प्रस्तुत करते हैं

डेथ टारगेट

लेखक - राम चौहान

लेखक राम चौहान
इस कहानी को समझने के लिए पूर्व सीरीज सूरज और सोनू अवश्य पढ़ें
दृश्य 1
सूरज ने फोन रखा।दिमाग में सिर्फ एक ही सवाल था कि आखिर कौन थी वो लड़की,जिसने अपने बदले के लिए उसके परिवार को इस हालत में पहुंचा दिया।उससे भी बड़ा सवाल ये था कि उसकी दुश्मनी एडा से भी है, तो ऐडा तक उसे पहुंचने से कैसे रोके और उसे और उसके परिवार को कैसे बचाया जाए।
इंस्पेक्टर अरमान ने उसे फोन में बात करते देख लिया था, वो सूरज के पास पहुंचा।
"किसका फ़ोन था?"अरमान ने पूछा।
"उसी का जिसने अदरक चाचा और बाकियों को यहाँ पहुँचाया है।"सूरज बिना उसकी तरफ देखे बोला।"और उसका अगला शिकार अमेरिका में है।"
अरमान कुछ सोचते हुए बोला"मै कोई मदद कर सकता हूँ?"
सूरज ने उसे गहरी नजरो से देखा।"सच में करना चाहते हो,तो मुझे जल्द से जल्द अमेरिका पहुंचना है।"
"ठीक है।मेरा एक दोस्त रॉ का एजेंट है,क्या तुम उसकी जगह जाना चाहोगे?"अरमान ने अपने दोस्त का पासपोर्ट और वीसा उसकी तरफ बढ़ाया।
सूरज ने उन्हें उठाया।"तुम इन्हें जेब में लेकर घूम रहे थे?"
"उसकी हत्या कर दी गई थी 3 दिन पहले।तब से ये मेरे पास है।"अरमान ने सूरज के कंधे पर हाथ रखा।"तुम मेरे भी कोच रहे हो सूरज।अदरक चाचा और लायन जिम मेरे अपने परिवार की तरह है।"
सूरज ने धीरे से सिर हिलाया।"इनका ख्याल रखना और हर पल की खबर मुझे देते रहना।"
सूरज और अरमान ने हाथ मिलाया और गले लगकर विदा ली।
दृश्य 2
उस रहस्यमई लड़की ने नीम अँधेरे कमरे में कदम रखा।कदम रखते ही उजाला फ़ैल गया।एक शख्स सामने ही कुर्सी पर बैठा था।
"एक बात पूंछू?"उस आदमी ने कहा।
"बोलो.."लड़की ने उसकी तरफ खास तवज्जो नहीं दी।
"उस लड़के से दुश्मनी निकाल ने की कुछ ज्यादा ही जल्दी नहीं थी तुम्हे?"लड़की झटके से उसकी तरफ पलटी।तुरन्त उस आदमी ने आगे कहा।"मेरा मतलब है, तुम उसे अमेरिका से आकर भी तो मार सकती थी।"
लड़की ने ड्रिंक्स बनाये और एक उस आदमी को ऑफर किया।आदमी ने ड्रिंक उठाया।लड़की ने तेजी से अपना ड्रिंक उसके चेहरे पर दे मारा।
आदमी तेजी से अपनी कुर्सी से उठा।
"ये क्या मजाक था?"उसका चेहरा गुस्से में तमतमा रहा था।
लड़की मुस्काई।"तुमने भी तो किया अभी।अगर पहले ऐडा के पास जाती,तो सूरज के लिए जिन्दा वापस आ पाती क्या?"
अब तक वो आदमी नॉर्मल हो चूका था।
"तुम जानते ही हो,ऐडा को तबाह करने में कितना मजा आने वाला है और ..."वो लड़की बोलते बोलते रुकी।"वैसे भी वो हम दोनों की दुश्मन है।"
आदमी मुस्कुराया।"हां,मजा तो आएगा।"
दृश्य 3
सूरज को जिस रॉ एजेंट का पासपोर्ट और वीसा मिला था, उसका नाम भी सूरज ही था।सुरज ने फोटो बदल ली थी और फ्लाइट में जा बैठा था।उसे इंतज़ार था आगे होने वाले धमाकों का।
दृश्य 4
Queens International
11:30 pm
ऐडा अब भी वही मौजूद थी।तक्षिका अंदर आई।उसकी फेमस मुस्कान उसके चेहरे पर सजी हुई थी।
"2 दिन से इस कमरे से निकली नही हो,"ऐडा के करीब टेबल पर टिकती बोली वो।"यही रहने का इरादा तो नही है न?"
ऐडा मुस्काई।"नही.."उठ खड़ी हुई वो।"मै इस गैजेट को पूरा कर चुकी हूँ।"
तक्षिका ने गहरी सांस ली।"ओहके..तो बनाया क्या है तुमने?"
दोनों की नजरें सामने माचिस के डिब्बे की साइज के बॉक्स पर पड़ी।
"कमाल है?"आश्चर्य भरी आवाज में बोली तक्षिका।"2 दिन में मशीनी माचिस बनाई है तुमने?"
हंस पड़ी ऐडा।"माचिस नही,वक़्त में सफर करने की चाबी है ये।"ऐडा ने उसे उठाया।तक्षिका ने उसे छूने की कोशिश की।ऐडा ने हाथ पीछे खींचा।
"अ.. अ.."ऊँगली से नही का इशारा करती बोली ऐडा।"इसे छूना मत,वरना टाइम डाइमेंशन में फंस सकती हो।"
तक्षिका के चेहरे पर अचरज के भाव आये।
"फ़िलहाल मै ही इसे छू सकती हूं, क्योंकि ये मेरे डीएनए से जुड़ा है।नया डीएनए कनेक्ट होते ही ये उसे अपने अंदर खींचकर वक़्त सीमा में फंसा देगा।"ऐडा ने उसे वापस रखा।
तक्षिका उसे एकटक देखती रही।
"चलो अब.."ऐडा ने उसे कोहनी से टहोका।
"अ.. हां,हां.."तक्षिका उसके साथ चल दी।
दृश्य 5
New York, USA
सुव्यवस्थित ढंग से सजा हुआ कमरा,जिसके बिस्तर पर इस वक़्त ऐडा लेटी हुई थी।नींद हमेशा की तरह उसकी आँखों से कोसों दूर थी।मन पिछले वक़्त में लौटने को बेताब था।पर वो इसके लिए तैयार नहीं थी।आखिर वो उठ बैठी।घड़ी सुबह के 5 बजा रही थी।वो बाहर हॉल में आई।इस वक़्त उसने ढीला सा टॉप और मिनी स्कर्ट पहन रखी थी।एक नजर उसने दरवाजे पर डाली और बाल बांधते हुए आगे बढ़ी।एक झटके से उसने दरवाजा खोला।
उसके नेत्र फैले।उसे खुद की आँखों पर यकीन नहीं हुआ।दिल तेजी से धड़का।धड़कने बेकाबू होती महसूस हुई।
सामने "सूरज" खड़ा था।
"तुम?"ऐडा का स्वर मेंमिठास थी।साथ ही ढेर सारा आश्चर्य भी।
"गुड मॉर्निंग.."सूरज मुस्कुराता बोला।"अंदर आने को नही कहोगी?"
"अं.."ऐडा हकबकी सी रह गई।तुरंत नॉर्मल हुई।"यप.. सॉरी..प्लीज कम इन।"
सूरज अंदर आया।ऐडा ने पीछे दरवाजा बंद किया।उसका दिल सातवें आसमान पर था।सूरज को अपने पास पाकर वो कितनी खुश थी।शायद वो लफ्जो में भी नहीं बता पाती।
"आओ बैठो, मै कॉफी बनाती हूं।"ऐडा ने उसे सोफे पर बैठाया और किचन की तरफ लपकी।
पीछे सूरज हॉल में टहलता रहा और सभी चीज़ों को गौर से देखता रहा।कुछ ही देर में ऐडा 2 कप कॉफी के साथ लौटी।एक कप उसने सूरज की तरफ बढ़ाया।
"तो,"ऐडा सामने बैठती बोली।"अमेरिका कैसे आना हुआ?"
सूरज एकटक उसकी तरफ देखता रहा। दोनों अपनी कॉफीखत्म करने लगे।
फिर सूरज बोला"याद हैपिछली बार तुमने मुझे कुछ दिया था, जिसमे तुम्हारे दिल की बात थी।"
ऐडा मुस्कुरा पड़ी।
"मै उसी का जवाब देने आया था।"सूरज ने कॉफी खत्म की।
ऐडा को दिल डूबता महसूस हुआ।"अगर जवाब न है,तो कुछ बोलने की जरूरत नहीं।"ऐडा ने अपना और उसका खाली हो चुका कप उठा लिया।
सूरज बोला।"आईएम सॉरी।"
ऐडा पलटकर जाने लगी।
"आई लव यू ऐडा।"सूरज का स्वर उसके कानों में पड़ा।
ऐडा वापस मुड़ी।उसका दिल जोरों से धड़का।
"व्हाट डीड यू सेड?"उसे कानों पर भरोसा नहीं हुआ था।उसे ये शब्द सूरज के होंठो से निकलते देखने थे।
वो धीरे धीरे चलती उसके करीब आई।
"कुछ कहा तुमने या मेरे कान बज रहे हैं।"ऐडा उसके पास रुकी।
"नही,"सूरज बोला।"तुमने सही सुना।मेरे पास कोई गैजेट नही जिसके जरिये मै तुमसे ये बात कह सकूँ।"
ऐडा की आंखें छलछला आई,जिसे बेहद मुश्किल से वो सम्भाल पाई।
"तुम मुझसे मजाक तो नही कर रहे न?"स्वर में तब्दीली आने लगी थी उसके।शायद वो रोने वाली थी।
"नही ऐडा,"सूरज बोला।
ऐडा तेजी से सूरज से लिपट गई।आखिर उसके आंसू निकल ही गए।"आई लव यू सूरज।"रुआंसा स्वर पड़ने लगा सूरज के कानों में।
"आई लव यू टू ऐडा।"सूरज ने उसे खुद में समा लिया ।उसे पता था कि जिस दिन उसका झूठ पकड़ में आया,बहुत बुरा होगा पर अभी उसे कोई और रास्ता नजर नहीं आ रहा था।
दृश्य 6
सीआईए हेड क्वार्टर
ऐडा इस समय जुली के सामने खड़ी थी।
"कहो ऐडा,"जुली इस वक़्त कम्प्यूटर में बिजी नजर आ रही थी।"कोई मिशन चाहती हो या..."आधे शब्द उसने जानबूझकर छोड़ दिए।
"मै सीआईए छोड़ना चाहती हूँ।"ऐडा के इस दो टूक जवाब ने जुली को झटका दिया।
"क्या?"जुली उठ खड़ी हुई।"आरयू कीडिंग विद मी?"
ऐडा का सिर इंकार में हिल गया।
"तुम जानती हो, ये आसान नहीं है।"जुली वापस बैठती बोली।
"ओह्,सच में?"ऐडा भी उसके सामने बैठ गई।"अगर जाना चाहूँ, तो रोकेगा कौन मुझे?"
कुछ देर सन्नाटा पसरा रहा उनके बीच।
दोनों ने ही आँखों मेंएक दूसरे को समझा।
"इस परिवर्तन का कारण?"जुली ने ही हथियार डाले।
"शादी कर रही हूं।"ऐडा ने गम्भीर रहते ही जवाब दिया।
"यानि मजाक कर रही हो?"जुली रिलैक्स हुई।"मर्दों से तुम्हारी नफरत मुझे पता है।कोई गलती से भी छू ले तो उसके हाथ पैर तोड़ दो तुम।"
"वो अलग है।"ऐडा उठती हुई बोली।"मेरी बात को मजाक मत समझियेगा।"
जुली गम्भीर हुई।"मतलब तुम सच में सीआईए छोड़ दोगी?"
ऐडा ने सहमति में सिर हिलाया और पलटी।
"रुको ऐडा।"जुली उसके करीब गई और उसे गले लगालिया।ऐडा भी उससे लिपट गई।
"उम्मीद है तुम इसका बुरा नहीं मानोगी।"अलग होती जुली बोली।सुनकर ऐडा हंस दी।हालांकि आँखों में नमी दोनों के थी।
"मेरी कोई संतान नही,पर होती तोमै उसे तुम जैसा बनाती।"जुली ने उसे माथे पर किस किया।"बाय, हमेशा खुश रहना।"
नम आँखों से दोनों ने विदा ली।
दृश्य 7
11:45Pm
वाणी त्रिपाठी अपनेघर पहुंची।
(वाणी त्रिपाठी:-26 वर्षीय एक युवा सीआईए एजेंट,बेहद खतरनाकऔर चालाक।खुर्राट और जुडो कराटे में एक्सपर्ट।ऐडा के सिवाय सिर्फ इसके पास ही हर सीआईए एजेंट की डिटेल हैं।)
अभी उसने घर की लाइट्स ही ऑन की थीं कि उसे किसी के घर में होने का अंदेशा होने लगा।सारे सामान अपनी जगह से बिखरे पड़े थे।तेजी से उसने गन निकाली और आगे बढ़ने लगी।हॉल में थोड़ा आगे बढ़ते हीउसकी तलाश खत्म हो गई।
एक लड़की ,जो इस वक़्त सोफे पर पसरी हुई थी।इस वक़्त वाणी की तरफ उसकी पीठ थी।वाणी ने उसकी तरफ गन तानी।
"उठो,"कहर ढाती आवाज में बोली वाणी। "और हाथ सिर पर रखो।"
लड़की सीधी खड़ी हुई और झटके से पलटी।वो चेहरा वाणी के लिए अंजान था।
"कौन हो तुम?"गन उसी की तरफ तनी हुई थी अब भी।
"नफरत।"मुस्कुराई वो लड़की।
"जो भी हो।तुम्हे यहाँ नही होना चाहिए था।"वो गन चलाने के लिए तैयार थी।"अब मरो।"
वाणी ने गोली चलाई,जिससे बचने की उस लड़की ने कोई कोशिश नही की।गोली उसके कंधे के जरा नीचे लगी,पर उसके मुंह से कोई चीख नही निकली।उलटे वो मुस्कुरा पड़ी।
"इसकी जरूरत नहीं है वाणी,"हाथ बांधे खड़ी थी वो लड़की।"अगर तुम मुझे वो दे दो,जो मुझे चाहिए।"
वाणी तो पहले ही स्तब्ध थी,की उसे गोली महसूस भी नहीं हुई।फिर भी हिम्मत करके बोली।"क्या चाहिये तुम्हे?"
"उन सारे सीआईए एजेंट्स की लिस्ट,विद नेम एन अड्रेस,जो इस वक़्त अमेरिका में मौजूद हैं।"धीरे धीरे आगे बढ़ती हुई वो सीधे वाणी के सामने जा खड़ी हुई।
वाणी ने गन नही हटाई थी,बल्कि जैसे ही वो लड़की करीब आई,उसके सिर के बीच में एक गोली चला दी।गोली उसके सिर में छेद करती पार हो गई।
नतीजा
उस लड़की को कुछ भी नहीं हुआ,बल्कि उसने वाणी को गर्दन से उठाया और एक तरफ फेक दिया।वाणी पीछे बने सेल्फ्स पर जा गिरी।तुरंत उसने एक कबर्ड से चाकू निकाला और सीधा निशाना लड़की पे बनाया।लेकिन अब तक वो उसके सिर पर आ खड़ी थी।वाणी का चाकू चलाता हाथ उसने हवा में ही रोका, पर वाणी ताकत लगाती रही।तुरंत उस लड़की ने अपने दूसरे हाथ से वाणी का गला पकड़ा और उसे उठाकर दिवार पर टिका दिया।
वाणी ने भी हार न मानते हुए अपनी टाँगे उसकी गर्दन में फंसा दी ।लड़की अब पूरी तरह अपने आपे से बाहर हो चुकी थी।उसने वाणी को दिवार से हटाकर सीधे सेल्फ पर दे मारा।फर्नीचर का बना हुआ पूरा सेल्फ टूट गया।और वाणी के हाथों से चाकू भी छूट गया।
अब वो लड़की पूरी तरह गुस्से में नजर आ रही थी।"गलती मेरी है,जो तुमसे प्यार से पेश आई।"उसने वाणी का सिर पकड़कर दीवार पर दे मारा।वाणी के सिर से खून निकलने लगा।
बालों से खींचते हुए वो लड़की उसे बाथरूम में ले आई।वाणी ने छूटने की कोशिश की पर उसकी पकड़ काफी मजबूत थी।
बाथरूम में ले जाते ही उसने वाणी का सिर फ्लश पर दे मारा।एक ही वार में फ्लश टूट गया।लेकिन शायद लड़की का दिल नही भरा था।उसने वाणी को उठाकर बाथटब के किनारे पर दे मारा।
चारो तरफ खून ही खून नजर आ रहा था।
लड़की ने वाणी को बाथरूम की खिड़की पर खड़ा कियाऔर एक जोरदार लात मारकर उसे बाहर गिरा दिया।
"साली,मुझसे लड़ने चली।"
दृश्य 8
00:30Am
सूरज ऐडा के घर में ही रुक गया था।
रात की उस घड़ी उसकी नींद किसी आहट ने खोल दी।सूरज उठकर हॉल में आया।
ऐडा एक सोफे पर बैठी हुई थी।
"तुम जाग रही हो अब तक?"सूरज ने पीछे से आवाज लगाई।
ऐडा उसे देखते ही उठ खड़ी हुई।"हम्म,आओ बैठो.."
सूरज उसके सामने जा बैठा।दोनों ही एक दूसरे को चुपचाप देखने लगे।
"अब तक जागने की वजह?"आखिर सूरज बोला।
"मै सोती नही हूँ.."
"क्यों?"
"तुम्हे पता है सूरज ,ये सब जो तुम देख रहे हो इसके पीछे क्या क्या छिपा है?"सूरज के बोल पाने से पहले ही वो बोली।"बताती हूँ, सुनना कि मेरी जिंदगी में कौन स्पेशल रहा है।"
ऐडा ने अपने अतीत के उन पन्नों को खोलना शुरू किया, जिसे पाठक "सूरज और सोनू"सीरीज में पढ़ चुके हैं।
उसने अपनी बात खत्म की।
"यही वजह है कि मुझे ह्यूमन टच से नफरत है,इंसान सिर्फ अपना फायदा देखते हैं।अपने परिवार का।दुसरो की भावनाओं,रिश्तों परिवार की कोई कद्र नही उन्हें।"ऐडा ने एक एक शब्द पर जोर दिया था।बोलते हुए वो कही खो गई थी।फिर सूरज से मुखातिब हुई।"आई ऍम लकी आल्सो कि मुझे जो दोस्त मिले ,जो परिवार मिला,वो इस दुनिया में रहने वाले सबसे अच्छे लोगो में से हैं।"
ऐडा उठकर सूरज के पास आ बैठी।
"यही चीज़ मै अपने प्यार से चाहती हूँ।"आँखो में देख रही थी वो सूरज की।"मुझे कभी गलत साबित मत करना सूरज।"
सूरज क्या कहता।शायद वो गलत ही साबित करने वाला था ऐडा को।
दृश्य 9
सीआईए हेड क्वार्टर
जुली इस वक़्त उस कमरे में मौजूद थी,जहाँ वाणी का इलाज चल रहा था।वाणी को बचा लिया गया था पर वो कोमा में जा चुकी थी।
कैरोल ने अंदर कदम रखा।
"वाणी के घर से वो लिस्ट गायब हैं, जिनमे अमेरिका में काम कर रहे सीआईए एजेंट्स के नाम और पते हैं।"कैरोल पीछे ही खड़ी रही।एक रिपोर्ट उसके हाथ में थी।
जुली पीछे पलटी।
"ये रिपोर्ट कैसी?"
"वाणी के घर में एक डीएनए सैंपल मिला है, जो कि हमलावर का हो सकता है।"कैरोल बेहद गम्भीर थी।
"और वो डीएनए किसका है?"जुली के बोलने का तरीका बता रहा था कि वो हमलावर को छोड़ने वाली नही।
"ऐडा रॉश उर्फ़ ब्लडक्वीन का।"धमाका किया कैरोल ने।
जुली चौंकी।कुछ ही देर में उसके जबड़े भींच गए।"उसे यहाँ लेकर आओ।प्यार से या जबर्दस्ती।"
दृश्य 10
सुबह का उजाला फैलने लगा था।
ऐडा हमेशा की तरह अपने जिम मेंथी।आज सूरज उसे कम्पनी दे रहा था।
अचानक वहां सैकड़ो की संख्या में सीआईए एजेंट्स आगए।
"तुम्हे जुली मैम ने बुलाया है।"उनमें से एक सामने खड़ा था।"चुपचाप चलो,वरना घसीटकर ले जायेंगे।"
ऐडा के जबड़े भींचे।"ओह्ह रियली?"
वो आगे बढ़ी।"लेट्स ट्राय।"
"ऐडा,"आवाज कैरोल की थी।"अब तुम सीआईए एजेंट नही हो।सीधी तरह चलो।"
ऐडा गुस्से में बढ़ी ही थी कि सूरज ने रोका।"ऐडा लड़ो मत।एक बार जाकर देख लो कि वो क्या कह रही है.."
ऐडा शांत हुई।
"चलो.."ऐडा चल दी।
दृश्य 11
अंजान जगह
"अरे वाह।"अँधेरे में बैठा हुआ था वो शख्स ।"वाणी से ये लिस्ट लाना तो बच्चों का खेल निकला।"
सामने बैठी रहस्यमई लड़की मुस्कुरा पड़ी।
"वैसे अब अगला शिकार कौन है तुम्हारा?"पूछ बैठा वो अजनबी।
हंन्स दी वो लड़की।"अगला शिकार?"
कुछ सोचकर बोली वो।"अनबिटेबल कैरोलिना कैस्केट।"
कैरोल एक मुश्किल शिकार थी,लेकिन क्या उस रहस्यमई लड़की के लिए भी मुश्किल साबित हुई?
अगला भाग जल्द ही

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