Tuesday, 11 October 2016


समीक्षक = राकेश वर्मा
पब्लिशर = फेनिल कॉमिक्स
लेखक = फेनिल शेरडीवाला
आर्टिस्ट = दिलदीप सिंह , अभिषेक विश्वा, गौरव श्रीवास्तव
कलर = नवल थानवाला, ज़ाकिर हुसैन
सबसे पहले मैं फेनिल जी को धन्यवाद देना चाहूँगा की इन्होंने कॉमिक्स पब्लिश करने का निर्णय लिया और हमें कॉमिक्स उपलब्ध करायी । इस समय भारत में कॉमिक्स के कैसे हालात है सब परिचित है खासकर के हिंदी कॉमिक्स के फिर भी फेनिल जी ने हिंदी कॉमिक्स निकालने का चुनौतीपूर्ण निर्णय लिया जबकि दूसरी कॉमिक्स कम्पनीज बंद हो रही है या जूझ रही है। हिंदी कॉमिक्स छापने वाले पब्लिशर 1-2 ही है जिसमे अब फेनिल कॉमिक्स भी जुड़ गयी है।
अब बात करते है *ओम* की। यह फेनिल कॉमिक्स की सातवीं कॉमिक्स एवम् ओम की पहली कॉमिक्स है। इसका *कवर* बहुत ही बढ़िया बना है। कवर का आर्ट और कलरिंग बहुत बढ़िया है इसके लिए आर्टिस्ट *प्रेम दांते* कलरिस्ट *जाकिर हुसैन* जी की तारीफ की जाये कम है।
कहानी शुरू होती है ओम के एक्शन से ।ओम एक गर्म दिमाग आठ साल पहले सेना से निकाला गया भूतपूर्व सैनिक है जिसकी जरुरत आन पड़ती है और उसे एक मिशन पर भेजा जाता है। जिसमे वो आतंकवादियो से जुड़े सबूत एकत्रित करेगा और अपने अफसरों को देगा ।इस कॉमिक्स में ओम के पास्ट की बात की है जिससे यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है की आगे उसके बारे किसी कॉमिक्स में बताया जायेगा । यह एक तरह से सस्पेंस बनाने की कोशिश है।यह शॉर्ट स्टोरी है तो ज्यादा नही है कहने को । कहानी अच्छी है। कॉमिक्स में पेजो को कमी खली। थोड़े पेज और होने चाहिए थे । कॉमिक्स में ओम का इंट्रो कराया पर मुझे लगता है की इसे और बढ़िया किया जा सकता था । कुछ जगह एडिटिंग की कमी खली और कुछ जगह संवाद की ।
आर्ट कुछ जगह अच्छा है और कुछ जगह काम चलाऊ। कुछ पेज वाकई अच्छे बने है। पर आर्ट को और बढ़िया किया जा सकता था। मैं उम्मीद करता हूँ की आगे की कॉमिक्स में इससे बढ़िया आर्ट होगा ।

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