Monday, 5 September 2016



स्थान- राजनगर , नारका जेल
कमिश्नर राजन- नागराज तो निकल गया यहाँ से मिस्टर राघव, क्या हुआ आपकी ptf की तैयारियों का?
और मंत्री जी क्षमा कीजियेगा, मुझे अब भी लगता है क़ि हमारा प्लान ही गलत था, हमें नागराज को काउंटर करने के बदले उसकी सहायता लेनी चाहिये थी।
ध्रुव भले ही आप लोगों से सहमत हो, मेरा मन कभी मान ही नहीं सकता क़ि नागराज कभी हमारे लिए खतरा बन सकता है।
होम मिनिस्टर- कमिश्नर साहब, नागराज पर मेरा भी विश्वास आपसे रत्तीभर भी कम नहीं है। ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है इसलिए मैं सिर्फ़ वही कर रहा हूँ जो आवश्यक है।
कमिश्नर- मगर सर, नागराज ने पहले न जाने कितनी बार हमें खतरों से बचाया है, विश्व आतंकवाद का दुश्मन है नागराज और हम...
राघव- कमिश्नर, आप नागराज के वकील नहीं हैं, पुलिस कमिश्नर हैं। हम सबको पता है क़ि सिचुएशन कितनी नाजुक है, हमने सही किया। वैसे भी स्प्रे का असर नागराज पर हो चूका है, वो अब हमारे लिए कोई खतरा नहीं है, हम अपना फोकस इच्छाधारी नागों को ढूँढने और ख़त्म करने में लगा सकते हैं।
ध्रुव- हमारे पास जानकारी बहुत लिमिटेड है राघव जी, ये सबकुछ बहुत जल्दी में हुआ। हमारा पहला फोकस विसर्पी को ढूढ़ना होना चाहिए। लेकिनमुझे लगता है की विसर्पी जल्द ही सामने आएगी।
मंत्री - विसर्पी खुद से सामने आ जायेगी?
ध्रुव- जी, उसके प्लान का पहला चरण सफल रहा, वो दुनिया का ध्यान अपनी ओर करने में कामयाब रही, और इन सारी घटनाओं की जिम्मेदारी ले के अपना मंतव्य भी हमारे सामने रख चुकी है। मेरे हिसाब से वो जल्द ही अपनी अगली चाल चलेगी।
स्थान- राज नगर, कमांडो हेडक्वार्टर
करीम- कैप्टेन, हमने सारी छानबीन कर ली है , हमें कुछ भी नहीं मिला।
ध्रुव- कुछ तो गड़बड़ है करीम, नागों को अगर हमला करना होगा तो बम का प्रयोग नहीं करेंगे।उस नाग की याददाश्त का जाना और उसका बड़ी आसानी से मुझसे हार जाना कुछ जमा नहीं।
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स्थान अज्ञात
लीडर- देखा टार तुमने, अविश्वास, धोखा, शक, डर, कैसे ये सब इंसान की सोचने की क्षमता पे असर डालते हैं।हमारे प्लान का पहला चरण सफल रहा।
टार- लेकिन सर, मुझे अभी भी समझ में नहीं आ रहा की इस प्लान से हमें क्या हासिल होगा?
लीडर- जो दुनिया मुसीबत के समय में नागराज को पुकारती है, बड़े से बड़े देश का हुक्मरान जो केवल नागराज की उपस्थिति मात्र से रिलैक्स हो जाता है चाहे कितना भी बड़ा खतरा क्यों न मंडरा रहा हो उस देश पे, क्योंकि लोगों का विश्वास है नागराज पे। आज हमने उस विश्वास में सेंध लगाईं है टार और तुम..... तुम पूंछते हो की हमें हासिल क्या हुआ है? अरे जिस नागराज पे इंसानो को अटल विश्वास था आज वही उसे शक की निगाह से देख रहा है।
कारण जानते हो टार इसका?
टार- ये बात मुझे भी समझ में नहीं आयी। इन लोगों ने नागराज की सहायता लेने की बजाय उसे कैद करने की कोशिश क्यों की? 
लीडर- अविश्वास, धोखा, शक, डर। क्योंकि खतरा नागों से जुड़ा है टार, इच्छधारी नागों से । उन्हें डर है की कहीं नागराज उनके खिलाफ न हो जाय क्योंकी आखिर में वो भी एक नाग ही है। इंसानों का डरना , शक करना स्वाभाविक है। इंसानो को नागराज पे तो आज भी विश्वास है टार लेकिन खुद पे नहीं है।वो आज भी नागराज पे विश्वास करना चाहते हैँ लेकिन नहीं कर पा रहे, उनका डर उनकी शंका उन्हें विश्वास करने नहीं दे रही। नागराज तो आज भी वही है टार लेकिन लोग वही नहीं रहे।
स्थान- महानगर , स्नेक आईज का ऑफिस
नागराज- इतना सब कुछ हो गया लेकिन मुझे पता कैसे नहीं चला। नागद्वीप में भी किसी से सम्पर्क स्थापित नहीं हो पा रहा।
सौडांगी- अब इस नाग का क्या करना है नागराज। इसे तो कुछ याद नहीं है।
नागराज- मुझे वेदाचार्य से बात करनी होगी।
सौडांगी- नागराज तुम्हे नहीं लगता की तुम्हे राजनगर में बुलाकर तुम्हारे साथ धोखा किया गया?
शीतनाग- ये प्रश्न का जवाब हम सबको भी चाहिए।
नागराज- उस समय जब ये सब घटित हुआ तो मुझे भी शॉक लगा था। मुझे ध्रुव से ये उम्मीद नहीं थी, उसे मुझे विश्वास में लेना चाहिये था।  लेकिन अब मैं जब वो सोचता हूँ की ध्रुव चाहता था की ऐसा हो। वो स्प्रे , मेरी शक्तियां, मेरा वहाँ से निकलना, ऐसा लगता है की ध्रुव जानता था की मैं वहां से निकल जाऊंगा। 
मुझे भी ध्रुव से मिलकर पूंछना है ये लेकिन ये ध्रुव के काम करने का तरीका है, वो जो सही समझता है वही करता है। और ज्यादातर समय वो सही होता। है
स्थान-  राजनगर सिटी
राघव- तुम सही थे ध्रुव, अभी थोड़ी देर पहले ही विसर्पी का सन्देश प्रसारित हुआ है। वो कल राजनगर के रेगिस्तान से अपने विश्वविजय अभियान की शुरुआत करेगी।
ध्रुव- मुझे पता है राघव जी,
राघव- ध्रुव, एक बात पूँछू?
ध्रुव- क्या?
राघव- तुमने नागराज के खिलाफ हमारा साथ क्यों दिया? 
Ptf का तो काम ही शक करना है, लेकिन क्या तुम्हे भी लगता है की नागराज हमारे खिलाफ हो सकता है?
ध्रुव- राघव जी, हम हीरोज की जिंदगी केवल सही और गलत के   हिसाब से नहीं चलती और ना ही हमारे सारे फैसले सही ही होते हैं।
गलतियां हमसे भी होती हैं। कई बार स्थितयां ऐसी होती हैं की हमें ज्यादा बुरे और कम बुरे फैसले में ही किसी एक को चुनना होता है।
मैंने नागराज के खिलाफ आपका साथ नहीं दिया, मैंने आपका साथ दे के एक चुनाव किया है ज्यादा बुरे और कम बुरे निर्णय में। मेरा चुनाव सही है या नहीं इसका फैसला समय करेगा।
और बात यहाँ   के हमारे खिलाफ होने की भी नहीहै, बात है नागराज की, हमारी, हम हीरोज की अपना कर्म सही तरीके से करने की। कई बार हमारे कर्म, हमारे फैसले हमें एक दूसरे के सामने ला के खड़ा कर देते हैं, विरोधियों की तरह लेकिन हम अपने कर्म पथ से नहीं डिगते।तो क्या फ़र्क़ पड़ता है राघव जी की सामने नागराज है या यमराज क्योंकि चुनाव तो मैंने कर लिया है।
राघव- (हंसते हुए) बाउंसर गया ध्रुव।
अच्छा बताओ कल के लिए कोई प्लान है?
ध्रुव- सोचते हुए) yes
🔸🔹🔸🔹🔸➖
स्थान- महानगर
नागराज- मैं अपनी सारी कोशिशों के बावजूद पूरे नागद्वीप में किसी से भी संपर्क स्थापित नहीं कर पा रहा
वेदाचार्य- इस सारे घटनाक्रम से एक बात तो साफ़ है नागराज क़ि कोई है जो इस सारे घटनाक्रम से तुमको दूर रखना चाहता ह, कोई है जो नहीं चाहता की तुम इसमें शामिल हो। और ऐसा करने में वो सफल भी हुआ है।
नागराज- शामिल तो मैं हो गया हूँ, मुझे इस षड्यंत्र की तह तक जाना ही होगा। उस नाग को कुछ भी याद नहीं है, मैं उसे लेकर नागद्वीप जाता हूँ। शायद महात्मा कालदूत से कोई सहायता मिल जाय।
भारती-(बाहर से आते हुए)- मुझे नहीं लगता नागराज की तुम्हे कहीं जाने की जरूरत  है,  मुझे पता  चला है है की कल विसर्पी राजनगर के रेगिस्तान से अपने अभियान की शुरुआत कर रही है।
नागराज- तो मैं वहां जाऊंगा और पता लगाउँगा की हो क्या रहा है।
सौडांगी- नागराज तुम आलरेडी बहुत कमजोर हो अभी, डॉ करुना करन ने तुम्हे आराम करने को कहा है।
नागराज- नहीं सौडांगी, जाना तो मुझे है और मैं जाऊंगा क्योंकि मेरे सारे सवालों के जवाब वहीँ मिलेंगे।
सौडांगी- तो फिर हम सब भी तुम्हारे साथ चलेंगे।
नागराज- मैं अभी तुम सबको अपने शरीर में लेने का रिस्क नहीं ले सकता क्योंक़ि स्प्रे का असर अभी समाप्त नहीं हुआ है। दूसरे जब तक हमें ये न पता चल जाय की इस इच्छाधारी नाग से उन लोगों ने ऐसा कैसे करवाया तब तक तुम सबका मेरे साथ उस स्थान पे जाना खतरनाक हो सकता है।
सौडांगी- हम कायरों की भाँति खड़े खड़े तमाशा नहीं देख सकते।
वेदाचार्य- नागराज का कहना सही है, और यहाँ 15 अगस्त की सुरक्षा की जिम्मेदारी है तुम पे।
सौडांगी- ठीक है, लेकिन अगर हमें कभी भी लगा की नागराज संकट में है तो हमें वहां जाने से कोई नहीं रोक सकता।
स्थान- राजनगर रेगिस्तान
रेगिस्तान वो इलाका जहाँ पानी की कमी से जीवन बहुत कठिनाई से पनपता है , ऐसा ही एक रेगिस्तान आज कुछ दिलों में भी बन चुका था विश्वास की कमी स 
रेगिस्तान े
रेगिस्तान में एक तरफ इच्छधारी नाग थे और उनके चारों तरफ सेना ने उन्हें घेर रखा था, PTF चीफ राघव, ध्रुव , और कमिश्नर राजन भी आगे खड़े थे।
दूर कहीँ से 2 जोड़ी आँखें भी स्थिति पे अपनी नजर गड़ाये हुए थी।
ध्रुव- विसर्पी, तुम तो नागराज की दोस्त हो, तुम ऐसा कैसे कर सकती हो?
विसर्पी- क्यों नहीं कर सकती, नाग इस सृष्टि की महत्वपूर्ण रचना है और अब हम इंसानो से छुप कर नहीं रहेंगे।
ध्रुव- देखो विसर्पी हम ये युद्ध नहीं चाहते है
बात चीत से भी इस मसले का हल निकाला जा सकता है।
विसर्पी - हम यहाँ बात करने नहीं, राज करने आये हैं। आक्रमण...
राघव- all units alert and fire
तभी वातावरण में एक हेलिकॉप्टर की आवाज गूंजती है और नागसेना और सेना के बीच एक रस्सी गिरती है, उसी रस्सी से नागराज नीचे उतरता है। अब नागों और इंसानी सेना के बीच नागराज खड़ा था।
राघव - ये क्या! आज नागराज ने बिना नाग रस्सी के एंट्री मारी है।
बी
नागराज- राघव की बात को अनसुना करते हुए) कोई भी हमला नहीं करेगा, मेरे होते हुए मैं ये युद्ध नहीं होने दूंगा।
राघव- STOP THE ATTACK SOLDIERS
Wait for next order
विसर्पी की सेना भी किंकर्तव्यविमूढ़ खड़ी रहती है।
विसर्पी- आओ नागराज, मुझे तुम्हारा ही इंतज़ार था।
नागराज- नगीना!!! तुम्हारा जाल न तो नागराज पे पहले कभी चला था न तो आज चलेगा।
नगीना विसर्पी के बगल में प्रकट होते हुए
नगीना- हा हा हा नागराज, यही तो मजा है तुझ जैसे दुश्मन का की ज्यादा देर छुपन छुपाई नहीं खेल सकते। तुझे पता चल ही गया।
नागराज- समझ तो मैं बहुत पहले गया था इसके पीछे का षड्यंत्र, लेकिन इसके पीछे तू ही है ये मुझे सिर्फ अंदेशा था। (वेदाचार्य ने सही कहा था, इस षड्यंत्र के पीछे किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ हो सकता है जिसे नागद्वीप और मेरे, दोनों के बारे में पता हो, और क्योंकि मेरे सर्प किसी तंत्र व्यवधान के कारण मुझे सन्देश नहीं भेज पा रहे थे तो मैं समझ गया की इसके पीछे नगीना ही है)
नागराज- नगीना इतना तो मैं समझ गया की तुमने मुझे दूर रखने के लिए किसी तंत्र का सहारा लिया लेकिन पूरा नागद्वीप तुम्हारा आदेश कैसे मान रहा है? महात्मा कालदूत और विशांक जैसी शक्ति के रहते तुम अपने षड्यंत्र में सफल कैसे हो गयी?
ध्रुव जो इतनी देर से शांत खड़ा था वो बोलता है।
ध्रुव- और इस षड्यंत्र में तुम अकेले नहीं हो नगीना। क्यों मैंने सही कहा ना 
नगीना- चौंकते हुए) उसने कहा था की तू सबसे खतरनाक है ध्रुव। तुझे कैसे पता?
तभी वहाँ पे टार और उसका लीडर जो की लबादे में है और जिसका चेहरा नहीं दिख रहा वहाँ ट्रांसमिट होते है।
लीडर- विलक्षण प्रतिभा का धनी है तू ध्रुव, तुझे पता चल गया की क़ि नगीना की कोई मदद कर रहा है।
ध्रुव- इतना भी कोई विलक्षण कार्य नहीं कर दिया मैंने, सारे इच्छाधारी नागों के शरीर में जो बम मिले थे वो अत्याधुनिक बम थे, और इसी से हमने अनुमान लगाया था की जरूर  नागों को कहीं बाहर से मदद मिल रही है।
और हाँ विलक्षण प्रतिभा का टैग लगाना ही चाहते हो तो इस बात के लिए लगाओ की मैंने ये पता लगा लिया है की इस अत्याधुनिक तकनीक के पीछे तुम हो _CRIME KING_
लीडर अपना लबादा उठा देता है, क्राइम किंग अपनी रोबोटिक बॉडी में रहता है।
क्राइम किंग- चौंक तो मैं गया लड़के, तेरे बारे में इतना जानने के बाद चौंकना  तो नहीं चाहिए लेकिन मैं चौंक गया। तेरे दिमाग की दाद देनी पड़ेगी।
ध्रुव- तुम अपने इरादों में कभी भी कामयाब नहीं हो पाओगे ।
नागराज- क्राइम किंग तू पहले भी मुझसे हार कर भाग चुका है और आज फिर इतिहास खुद को दोहराएगा।
क्राइम किंग- टार, देख रहे हो ये विश्वास। इन्हें पता चल गया की 
नगीना और क्राइम किंग हैं इस षड्यंत्र। के पीछे तो कैसे रिलैक्स हो गए सब। क्योंकि ये हमें पहले भी हरा चुके हैं तो अब ये सोच रहे हैं की ये युद्ध तो ये जीत ही चुके हैं। इन्हें ये लग रहा है की ये इस युद्ध का अंत है, लेकिन ये तो शुरुआत है।
नागराज, उत्तेजना छोड़कर ज़रा ये सोचो की नागद्वीप की इच्छाधारी सेना क्यों नगीना के आदेश की गुलाम है और ध्रुव तुम ये सोचो क़ि क्यों एक भी नाग के शरीर में फिट बम फटा क्यों नहीं?
और मैं तुम सबके बीच क्यों आ गया?
मेरा मकसद क्या था नागराज ? क्यों की मैंने नगीना का साथ दिया?
अभी मेरे एक इशारे पे पूरी नागसेना तुम सबपे टूट पड़ेगी और इस विनाश के जिम्मेदार तुम होंगे।
नागराज- तुम चाहते क्या हो?
क्राइम किंग- बिलकुल सही प्रश्न किया है नागराज। मैं कुछ ऐसा चाहता हूँ  जो सिर्फ तुम मुझे दे सकते हो, तुम्हारी जान।
नागराज- लेकिन तुम्हे नगीना के साथ की आवश्यकता क्यों पड़ गयी।
क्राइम किंग- तुमसे हार के भागने के बाद मैं अवसाद ग्रस्त हो गया था नागराज, जिस तरह से तुमने मुझे परास्त कर के मेरा सारा साम्राज्य छीन लिया था उससे मेरी बरसो की मेहनत पे पानी फिर गया था। इसलिए मैंने तेरा रिकॉर्ड खंगाला, अंडरवर्ल्ड में तेरा बहुत नाम है नागराज, मुझे ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी और तेरे दोस्तों और दुश्मनों की सारी कुंडली मुझे मिल गयी।
नगीना का मकसद नागद्वीप पर राज करना था लेकिन ये उसके अकेले के बस के बाहर था तो मैंने उसकी मदद की और उसे अपने प्लान में शामिल कर लिया।
नागराज- लेकिन तुम नगीना की क्या मदद कर सकते थे? क्या तुमने बम या हथियार से मदद की?
क्राइम किंग- हा हा नागराज,  आज विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है नागराज।मैंने एक बायोलॉजिकल नैनो वेपन का प्रयोग किया। इसे हमने नाम दिया है माइंड बग। ये बग हवा से, पानी स फैलता है और इसका संक्रमण एक शरीर से दूसरे शरीर में भी होता ह। और ये बग सीधे दिमाग पे कण्ट्रोल करता है और संक्रमित व्यक्ति अपने सोचने समझने की पॉवर खो देता है। हम इस बग को कण्ट्रोल कर सकते हैं और इस तरह संक्रमित व्यक्ति से हम कुछ भी करवा सकते हैं।
हमने पूरे नागद्वीप के वातावरण में ये बग फैला दिए।       
हमारे माइंड बग और नगीना के जाल ने पूरे नागद्वीप को अपना गुलाम बना डाला
नागराज- मुझे इस षड्यंत्र से दूर रखने की वजह?
क्राइम किंग- तुम्हारे सूक्ष्म सर्प नागराज, ये माइंड बग तुमपे बे असर है।इसलिये मैंने नागीना के तंत्र जाल से तुम्हे इस घटना से दूर रखा।
अब मेरा मकसद भी सुन लो नागराज अगर तुम्हे ये टकराव रोकना है तो तुम्हे  राजनगर के नारका जेल में बंद खूंखार अपराधी डॉ वायरस को जेल तोड़ के मेरे पास लाना होगा।नहीं तो मैं अभी यहाँ इतना विनाश मचाऊंगा की तुम्हारी रूहें काँप जाएँगी।।
नागराज - मैं लाऊंगा डॉ वायरस को।
राघव- हाँ भाई, हम तो खो खो खेलने आये हैं यहाँ पे, क्राइम किंग और नगीना तुम दोनों को गिरफ्तार किया जाता है।
क्राइम किंग- ध्रुव् मैंने तुमसे कहा था ना कि मैं यहाँ पे तुम्हारे  सामने कैसे आ गया? तो सुनो नागराज के दम पर। ये मेरा सेफ्टी टिकट है यहाँ से निकलने का।
ध्रुव- क्राइम किंग, तुम तो ऐसे बात कर रहे हो जैसे नागराज ने तुम्हारी डिमांड मान ली हो। मैं नागराज को जानता हूँ वो कभी भी ऐसा .....
नागराज-(ध्रुव की बात काटते हुए) कर सकता है ! नागराज ऐसा कर सकता है। शायद तुम स्थिति की गंभीरता को कम कर के आंक रहे हो ध्रुव।
ध्रुव- नागराज , मैं इसका प्लान समझ गया हूँ, इसका माइंड बग इंसानों पर असर नहीं करता किसी वजह से।अगर ये बग इंसानों पर असर करता तो अबतक ये इंसानों को भी गुलाम बना चूका होता। इसलिए ये डॉ वायरस को अपने साथ ले के इसे इंसानों के ऊपर भी असरकारक बनाना चाहता है।
नागराज- अगर मैंने इसकी बात नहीं सुनी तो ये यहाँ तबाही मचा सकताहै। बम भी हो सकते हैं नागों के अंदर।
ध्रुव- नागराज , मैं तुम्हे पूरे विश्व को खतरे में डालने नहीं दूँगा।
नागराज- आँखे खोलो ध्रुव्, विश्व आलरेडी खतरे में आ चूका है, या फिर तुम ये कहना चाहते हो क़ि इच्छाधारी नागों को तुम इस विश्व से बाहर का मानते हो.....
ध्रुव- मेरा वो मतलब बिलकुल नहीं था नागराज, और ये बात तुम भी अच्छी तरह समझते हो।
हम कोई न कोई हल अवश्य निकाल लेंगे इस प्रॉब्लम का।
नागराज- मैं रिस्क नहीं ले सकता ध्रुव।
ध्रुव- मैं तुम्हे ऐसा नहीं करने दूंगा नागराज। मजबूरन मुझे तुम्हे रोकना होगा
नागराज ध्रुव की तरफ बढ़ता है, उसका हेलिकॉप्टर उस तरफ ही रहता है जिधर सेना वाले रहते हैं।
ध्रुव- तुमने मुझे मजबूर कर दिया है नागराज।
ध्रुव की एक फ्लाइंग किक नागराज के ऊपर पड़ती है और नागराज उछल के थोड़ी दूर पे गिरता है।
ध्रुव- नागराज तुम अभी भी कमजोर हो, मान जाओ तुम यहाँ से कहीं नहीं जा सकते।
नागराज- नागराज को शक्ति उसके उद्देश्य से मिलती है।
(ध्रुव का अगला वा नागराज बचा जाता है और पलट कर एक किक ध्रुव् की पीठ पे लगती है और ध्रुव् कुछ दूर हवा में उड़ के गिरता है)
ध्रुव- उफ़्फ़, जबरदस्त वार था, ऐसा लगा की हड्डियां चटक गयी। मुझे जल्दी ही कुछ सोचना होगा। नागराज अभी भी कमजोर है इसलिये मुझे उस पे जल्दी ही काबू पाना होगा।
(ध्रुव ने बड़ी ही फुर्ती से नागराज के ऊपर मार्शल आर्ट के कुछ वॉर किये, नागराज लड़खड़ा जाता है। )
ध्रुव- स्टार रोप पे झूलते हुए)  बस मेरा ये वॉर सटीक पड़ जाय फिर नागराज काबू में आ जायेगा।
नागराज-(एक तरफ हट के ध्रुव् का वॉर बचा जाता है) ध्रुव, नागराज को काबू करना इतना आसान होता तो अब तक मेरा अस्तित्व ही मिट गया होता।
ध्रुव- नागराज, मैंने हमेशा ही तुमसे आमने सामने की लड़ाई बचाने   की   कोशिश की है। लेकिन आज लगता है मुझे तूमसे द्वन्द करना ही पड़ेगा।(सोचते हुए- उम्मीद है तब तक करीम अपना काम कर लेगा, नागराज को ज्यादा देर रोकना मुश्किल होगा)
नागराज- तो फिर ठीक है ध्रुव्, नागराज तुम्हे निराश नहीं करेगा। तुम् चुन लो जो भी द्वन्द विधा चुनना चाहो।( सोचते हुए; बस अब थोड़ी देर और तब तक वेदाचार्य और सौडांगी नगीना के इस तंत्र जाल को तोड़ देंगे लेकिन मैं ध्रुव को अभी ये समझने का रिस्क नहीं ले सकता , क्राइम किंग या नगीना को शंका भी हो गयी तो वे सावधान हो जायेंगे, मुझे कैसे भी करके उन्हें कुछ समय देना है )
नागराज और ध्रुव के बीच द्वन्द शुरू हो जाता है । 
(ध्रुव सोचते हुए )मुझे मेरी सारी इन्द्रयों को चौकस रखना होगा, तभी मैं नागराज को रोक सकता हूँ | नागराज कितना भी कमजोर सही लेकिन मैं शारीरिक शक्ति में इसके सामने ज्यादा देर तक टिक नहीं पाउँगा| वैसे भी मुझे नागराज को उलझा के रखना है थोड़ी देर तक बस |
ध्रुव - तो फिर ठीक है नागराज देखते हैं की तुम कैसे यहाँ से निकलते हो | 
ध्रुव बहुत ही फुर्ती से नागराज की तरफ लपकता है , नागराज सावधान था वो एक तरफ हैट के बच जाता है लेकिन ध्रुव को पता था की नागराज ऐसा करेगा, सर्कस में ट्रेंड ध्रुव की बॉडी ने एक कलाबाजी खायी हवा में ही और नागराज के पीछे लैंड हुआ, नागराज के कुछ समझने के पहले ही ध्रुव का जोरदार वार 
उसकी पीठ पे पड़ा और वो कुछ दूरी पे गिर पड़ा|
नागराज - (उठते हुए )अच्छा मूव था ध्रुव, लेकिन तुम मुझे इन बचकाने वारों से नहीं रोक सकते| 
अगले ही पल ध्रुव ने एक इशारा किया राघव को और राघव ने अपनी स्पेशल गन नागराज की तरफ घूम दी, लेकिन उसके फायर करने के पहले ही नगीना ने अपने मुंड की शक्ति से उसे जड़ कर दिया |
राघव - मैं हिल भी नहीं पा रहा ध्रुव ......
क्राइम किंग - न , अगर किसी ने इन दोनों के बीच में पड़ने की कोशिश की तो अंजाम बुरा होगा| मैं अभी इन नागों को लड़ाई में उतार दूंगा फिर इस विनाश के जिम्मेदार तुम सब होंगे| 
राघव- हाँ भाई, तू बात का बड़ा पक्का हो रहा है जो हम कुछ नहीं करेंगे तो बाद में हमें मिठाई बांटेगा|
क्राइम किंग- बकवास नहीं , इन दोनों के बीच में कोई नहीं आएगा /
ध्रुव भी राघव को कुछ नहीं करने का इशारा करता है |
टार- मैं अभी तक समझ नहीं पा रहा की आप क्या करना चाह रहे हैं, अगर आप चाहते तो किसी भी नाग योद्धा से डॉ. वायरस को नारका जेल से छुड़ा सकते थे, नागराज या ध्रुव को कुछ समझ आने के पहले ही आप ये युद्ध जीत जाते , इंसानो को भी काबू करके| लेकिन आप तो एक बचकानी हरकत कर रहे हैं, अपना समय बर्बाद कर रहे हैं इन दोनों को आपस में लड़ा कर| इनकी लड़ाई से आप को क्या मिलेगा.....
क्राइम किंग- संतुष्टि ........... संतुष्टि मिलेगी टार, पूरी दुनिया के इंसानों को गुलाम बना के अपना मनचाहा काम करवाने में वो संतुष्टि  नहीं है टार जो अपने जानी दुश्मन को उसके होशो हवास में उससे करवा के मिलती है | नागराज ने मेरा अपराध का साम्राज्य ख़तम किया था अब इससे ही अपराध करा के जो संतुष्टि मुझे मिलेगी टार वो अमूल्य है | सारी दुनिया के ताज के बदले भी अगर मुझे चुनने को कहा जाये तो मैं हर बार यही चुनुंगा|
नागराज ....... मैं केवल १० मिनट का समय देता हूँ तुमको यहाँ से निकलने के लिए , उसके बाद यहाँ पे मौजूद लोगों की तबाही के जिम्मेदार तुम होंगे|
नागराज- लगता है वेदाचार्य को कुछ समय और चाहिए, मैं यहाँ से निकल के उन्हें ये समय दे सकता हूँ, मुझे अब इस लड़ाई को यही ख़तम करना होगा|
नागराज- ध्रुव , मैं अब और नहीं रुक सकता , तुमने भी क्राइम किंग की बात सुनी, मुझे अब यहाँ से जान ही होगा |
ध्रुव- यहाँ पे आगे कुवां और पीछे खाई वाली बात है नागराज, तुम्हे मैं एक खतरे से बचाने के बदले दूसरे खतरे को आमंत्रित करने नहीं दे सकता |
नागराज- तो फिर ठीक है ध्रुव, मैं तुम्हे हराकर ही यहाँ से निकल सकता हूँ तो यही सही| मैं अब खेल खेलने के मूड में नहीं हूँ बिलकुल भी|
ध्रुव नागराज के ऊपर झपट पड़ता है, और नागराज को घूंसों पे ले लेता है, नागराज की फुर्ती ध्रुव जितनी नहीं थी, ध्रुव की फुर्ती और उसका क्राइम फाइटिंग का एक्सपीरियंस नागराज पे भारी पड़ रहा था , क्योंकि नागराज को बिना नागशक्ति के लड़ने की आदत नहीं थी|
 नागराज एकदम से लड़खड़ा गया था, ध्रुव के लगातर पड़ रहे किक्स और घूंसे उसके पहले से ही कमजोर शरीर को और कमजोर कर रहे थे|
ध्रुव- बस मेरा ये वार और नागराज कुछ समय के लिए अपनी चेतना खो देगा|
ध्रुव ने वहां खड़े एक टैंक पे अपनी स्टार लाइन को फंसा कर अपने शरीर को एक ख़ास कोण पे मोड़ते हुए एक जबरदस्त किक नागराज के शरीर पे लगाईं और नागराज लगभग उड़ते हुए कुछ दूर जाके गिर पड़ा| वहां पे एकदम सन्नाटा छ गया | 
राघव- ध्रुव कमाल कर दिया तुमने तो |
ध्रुव- क़रीम का सिग्नल क्यों नहीं आया अब तक|
टार- अब आपकी संतुष्टि का क्या होगा महोदय ?
क्राइम किंग- देखते जाओ टार , ये नागराज है , ये ऐसे नहीं हारेगा| किसी को उसके दुश्मनों से बेहतर कोई नहीं जानता |
नागराज के शरीर में एक हलचल होती है, और वो खड़ा होता है , ध्रुव नागराज को कमजोर समझ के वापस उसपे काबू पाने की कोशिश करना चाहता है,  और नागराज पे वार करता है |
नागराज न सिर्फ उसका वार आराम से झेल लेता है बल्कि एक वार अपना भी करता है, एक घूँसा, जबरदस्त वॉर, ध्रुव भौचक्का रह जाता है\
उसके बाद नागराज एक ववार और करता है स्नेक स्टाइल में जिससे ध्रुव की आँखों के आगे अँधेरा छ जाता है और वो वहीँ पे घुटनों के बल बैठ जाता है |
नागराज- ये स्नेक स्टाइल का वार है ध्रुव जिसने सीधा तुम्हारे स्नायु तंत्र पे हमला किया है| इसकी तीव्रता तुम जैसे अदम्य जिजीविषा वाले व्यक्ति के लिए भी सम्हालना मुश्किल है| अब तुम कुछ देर नहीं उठ पाओगे| उम्मीद है तब तक मेरा काम हो जायेगा |
नागराज वहाँ से निकलने का उपक्रम करता है, ध्रुव उसे रोकने की कोशिश भी नहीं कर पाता है, वो सिर्फ शून्य आँखों से नागराज को जाता हुआ देखता रहता है|
तभी ध्रुव के स्टार ट्रांसमीटर से आवाज आती है| उस तरफ से क़रीम की आवाज आती है-
क़रीम- हेलो कैप्टेन, हमने कर दिखाया, अब क्राइम किंग नागों को कोई भी कंमांड नहीं दे सकता, हमने न सिर्फ उसका अड्डा ढून्ढ निकाला बल्कि उस माइंड बग कंट्रोलर से सारे नागों को आजाद कर दिया है | आपका शक़ सही था की क्राइम किंग कहीं दूर से रिमोट टेक्नोलॉजी से उस मशीन को ऑपरेट कर रहा था , रिवर्स सिग्नल की मदद से हमने उसके अड्डे का पता लगाया फिर सब कुछ आसानी से हो गया|
नगीना- तो क्या हुआ जो क्राइम किंग से आजाद हो गए? नागिन के तंत्र जाल में अभी भी हैं, कोई चालाकी करने की कोशिश नहीं करेगा |
तभी विसर्पी अपने दंड से नगीना के मुंड पे वार करती है और सभी नाग भी उसके तंत्र जाल से आजाद हो जाते हैं|
नगीना - ये कैसे हो सकता हो सकता है? तुम तो मेरे तंत्र जाल में थी |
नागराज- मैं बताता हूँ, सुनो, हमें पहले से ही शक़ था की इस षड्यंत्र में किसी तंत्र शक्ति का हाथ है, मुझे इस षड्यंत्र से दूर रखने के लिए| वेदाचार्य लगातार मेरे संपर्क में थे और इस जाल को काटने की कोशिश कर रहे थे | उन्होंने अपनी शक्तियों से किसी तरह विसर्पी को आजाद कर दिया और फिर राजदंड की सहायता से विसर्पी ने तुम्हारे मुंड को नष्ट कर के तुम्हारे इस जाल को काट दिया|
नागराज- (दोनों हाथो से ध्रुव को उठाते हुए) क्राइम किंग, तुम जैसे लोग बार बार इंसानियत के ऊपर हमला करते हैं, लेकिन ये भूल जाते हैं की ध्रुव जैसे लोग भी हैं जो इंसानियत के लिए न अपनी जान की परवाह करते हैं और ना ही नागराज जैसे अपने मित्रों से भी टकराने से भी पीछे हटते हैं|
मैं ध्रुव से इस लिए टकराया ताकि वेदाचार्य को कुछ समय मिल सके|
ध्रुव मेरा सारा ध्यान तो तंत्र शक्ति की काट में था, क्राइम किंग के माइंड बग का खुलासा तो मेरे लिए भी चौंकाने वाला था|
ध्रुव- (नागराज के कंधे पे हाथ रख के चलते हुए ) जब से मैं उस म्युसियम में उस इच्छाधारी नाग से टकराया था, मुझे कुछ गड़बड़ लग रही थी, वो नाग जिस तरह से आसानी से हार गया मुझे शक़ हुआ की उसका मकसद तबाही फैलाना नहीं केवल डर फैलाना था| उस डर फैलाने का मकसद पूरी दुनिया को नागों के विरुद्ध करने के लिए था| कोई उस नाग को रिमोट से दूर से कण्ट्रोल कर रहा था इसलिए मैंने क़रीम को उस सोर्स का पता लगाने के लिए बोला था ताकि इच्छाधारी नागों के शरीर में फिट बम को निष्क्रय किया जा सके | माइंड बग के बारे में मुझे भी नहीं पता था लेकिन संयोग से ये वही यंत्र था जिससे नागों को कॉन्ट्रो किया जा रहा था | एक बार सोर्स का पता चलने पे क़रीम के लिए उसे नष्ट करना आसान था|
राघव-  हाँ तो भाई क्राइम किंग आप नारका जेल चलें, आपकी संतुष्टि की जिम्मेदारी मेरी | 
विसर्पी- नगीना हमारी कैद में रहेगी, आप सब को जो कष्ट हुआ उसके लिए मैं पूरे नाग जाती की तरफ से माफ़ी मांगती हूँ|
होम मिनिस्टर- कोई बात नहीं, सिचुएशन हे ऐसी थी की हम एक दुसरे के खिलाफ हो गए थे| नागराज से भी हमें माफ़ी मांगनी है|
नागराज- (ध्रुव को गले लगाते हुए )कोई बात नहीं मिनिस्टर साहब, मुझे कोई शिकायत नहीं है, ना आपसे न ध्रुव से|
                                      समाप्त

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