Monday, 5 September 2016


🌍 *COP प्रस्तुत करते है*🌍


बदलाव

ब्रह्मा भाई के मोबाईल में रात के 3 बजे रिंग टोन बज रही है ....

*लहँगा उठा देब रिमोट से ...होहिहोहो ला ला ला ला लहँगा उठा देब रिमोट से*

"सितू डार्लिंग जरा मोबाईल देना ।" ब्रह्मा भाई ने धीरे धीरे आँख खोलते हुये सरिता भाभी को चिकोटी काटते हुये कहा जो की उनकी बगल में सोई हुई थी । 😳

"ये आप कैसे कैसे रींग टोन लगाया करते है ,आक छी छी" - सरिता भाभी ने चिकोटी का जवाब (हिहिहिहि) से देते हुये ब्रह्मा भाई को मोबाइल थमाया ।

*हळू* बी ब्रो ने कॉल रिसीव किया ।
*"हेल्लो ब्रह्मा"* उधर से आवाज आई।
*हाँ ब्रह्मा बोल रहा हूँ ,आप कौन?* ब्रह्मा भाई ने शालीनता से कहा।

*भाई मै कबीर बोल रहा* उधर से आवाज आई ।
*हाँ बोल भाई , क्या बात है ?* बी ब्रो ने थोडा घमण्ड से कहा ।

*ब्रह्मा भाई आप तो जानते ही हो की अभी मेरी economical conditions बहुत गड़बड़ है ,मै और ऋचा अभी हॉस्पिटल में रोहन के साथ है और डॉक्टर्स का कहना है की ""रोहन की जान बचाने के लिए आपरेशन करना ही होगा और वो भी 7 दिनों के अंदर"" और वे आपरेशन में 25 लाख की माँग कर रहे है...* कबीर भाई इतना ही कह पाये थे की ब्रह्मा भाई ने थोडा चिढ़ते हुये कहा -- *तो मै क्या करूँ ?*

*ब्रह्मा भाई अभी आपकी  economical conditions अच्छी है , आप शहर के सबसे बड़े अरबपति हो अगर मेरी थोड़ी से मदद कर देते तो मेरे बच्चे की जान बच जाती* इस बार कबीर भाई की आवाज में निराश साफ़ झलक रही थी ।

*देख कबीर भाई मै अरबपति अपनी काबिलियत से बना हूँ , मैने अपने खून को पसीने में बदल कर यह कामयाबी हासिल की है , माफ़ करना यार पर मै तेरी मदद नहीं कर सकता । तू निशांत , राहुल,अपूर्व या अभिराज से मदद क्यों नहीं मांगता ? वे सब भी तो करोड़पति है  ।* ब्रह्मा भाई ने एक ही साँस में ये सब कह दिया।
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*ब्रह्मा भाई मैने निशांत ,राहुल , अपूर्व और अभिराज सभी से मदद मांगी पर सब के सब ने मुझे मना कर दिया । ब्रह्मा भाई अब आप ही मेरी आखिरी उम्मीद है...plz ब्रह्म भ....* कबीर भाई इतना ही कह पाये थे की उधर से आवाज आई

पिप...पिप....पिप
कॉल कट चुकी थी।

*किसका कॉल था इतनी रात को ?* सरिता भाभी ने पुछा
*किसी का नहीं, चलो अब सो जाओ सुबह बात करते है।* ब्रह्मा भाई ने थोडा खिसियाते हुये कहा ।

हॉस्पिटल में कबीर भैया और ऋचा भाभी की हालत ख़राब थी , उनके सारे दोस्त सफलता की बुलन्दियो पर थे और उनकी इस दयनीय हालत में कोई भी उनकी मदद नहीं कर रहा था ।


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*कबीर अब हमारे बेटे का क्या होगा ?* ऋचा ने रोते हुये कहा ।
कबीर ने ऋचा की आँखों में देखा पर कुछ बोल न पाये ।

((सभी पाठकों को शायद कुछ समझ में न आ रहा हो तो चलिए थोडा character introduction हो जाय ))

*ब्रह्मा भैया* -- भारत के सबसे बड़े उद्योगपतियों में से एक  । *Red lips* लिपस्टिक कंपनी के मालिक, *साजन* चुडिया के मालिक , *be a apsra* cream के मालिक , *Beauty undergarments* के मालिक , *sarita jewellers* के मालिक , *देसी पौवा* शराब कंपनी के मालिक , *बाल सफव्य्या* hair Removal कंपनी के मालिक *काला चुल हेयर शैम्पू* के मालिक ....

इन सब के अलावा *"" Brhmaa & Brothers Group""* में अनेक कंपनिया है। और इस तरह ब्रह्मा भाई भारत के बड़े बड़े अरबपतियो में से एक है ।
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*निशानी भैया* -- भारत के सबसे बड़े entertainment कम्पनी *COP*  के मालिक जो कॉमिक्स के साथ साथ मूवीज भी बनाती है ।  *सर पर कौवे का घोशला* इनकी बेस्ट सेलर कॉमिक्स है जिनकी 98.5 करोड़ कॉपीज विभिन्न भाषाओ में बेचीं जा चुकी है , और इस कॉमिक्स में हीरो है *प्रदीप द पादूमैन*  । इनकी कम्पनी की एक फ़िल्म *कबीरा द अविवाहित* ने रिकॉर्डतोड़ 2000 करोड़ की कमाई पुरे विश्व से की थी । इनकी खासी चर्चा की एक और वजह है और वो है कैटरीना कैफ़ से आती इनकी अफेयर की खबरे ((( जो की इनसे उम्र में काफी बड़े है))।
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 राहुल भैया -- एशिया के सबसे बड़े खिलौने की कंपनी *toys & toys* के मालिक । ये बच्चों के  पसन्द आने वाली खिलौने बनाया करते है । दोस्तों के बीच नंबर one कंजूस के रूप में प्रचलित । शांत चेहरा किन्तु खतरनाक मष्तिक के मालिक ।

. *अपूर्व भैया* -- दुनिया के सबसे बड़े वो वाले एक्टर (😁😁)
अपनी एक *वो वाली फ़िल्म* के लिये 10करोड़ डॉलर लेने वाले अभिनेता । अमेरिका में अपनी 3 विदेशी पत्नियो के साथ रहते है....
एक interview में उन्होंने कहा था की वे सिर्फ अपनी खुसी के लिए इस तरह की फिल्में बनाया करते है।

इनसे मिलने की कोशिश और न मिल पाने की वजह से अभी तक 300 लडकिया और 1220 लड़के आत्महत्या कर चुके है ।
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*अभिराज भैया* - अमेरिकी सरकार के अनुसार पाकिस्तान में रहते है जबकि दोस्तों का कहना है की दुबई में मौजूद ।कुल सम्पति का पता नहीं पर विभिन्न देशो के सरकारों द्वारा इनके सिर पर कुल 2500 करोड़ का इनाम ।मुख्य धंधा *ड्रग्स का व्यपार, किडनैपिंग, मर्डर आदि*। प्रतिदिन किसी न किसी का कत्ल करना इनकी रोजमर्रा की ज़िन्दगी में शामिल है ।फ़ोर्ब्स द्वारा दुनिया के तीसरे नंबर के सबसे खतरनाक व्यक्ति ...।

और अब
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कबीर भैया -- शुरुवाती जीवन बहुत ही शानदार थी परन्तु *खुद्दारी* ने इनको कही का नहीं छोड़ा ।नौकरी से निकले जाने के बाद इनका दारु के अड्डे के बाहर चखना की दुकान बहुत ज्यादा नहीं चली पारिवारिक बिज़नस में बहुत बड़ा घाटा हुआ तथा अभिराज से नजदीकियां होने की वजह से कई बार हवालात भी जा चुके है । अभी भी अपने खुद्दारी पर दृढ़ता से कायम और अपने दोस्तों में अटूट विश्वास ।अपने दोस्तों के लिए कुछ भी कर जाने का जूनून इन्हे विशिष्ट बनाता है ।


हॉस्पिटल में कबीर भाई की सुबह निराशा भरी थी । अंधे की भांति जीवन में उम्मीद की कोई भी किरण नज़र नहीं आ रही थी ।सारे दोस्तों से *इंकार* इन्हें अंदर तक तोड़ चूका था।ऋचा भाभी आ रही थी।
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*कबीर चिंता मत कीजिये ,पापा ने कहा की वे हमारी मदद जरूर करेंगे..* ऋचा भाभी ने हल्की मुस्कान के साथ कहा ।
सभी जानते है की कबीर भाई का ससुर करोड़पति है और कबीर ने यही देखकर ही ऋचा से शादी की थी ।
😂😂

किन्तु अपनी *खुद्दारी* की वजह से अपने ससुर से मदद नहीं मांगते बावजूद इसके ऋचा भाभी के पिताजी कबीर भाई के 26 बार मदद कर चुके है । कभी *गोलगप्पे की दुकान* खोलने में तो कभी *दुसरो की मकान* खोलने में ।

कभी ट्रेनों में *साफ सफाई* कराने में तो कभी *बच्चों की लीद*  उठाने में ।😭😭

(( हालाँकि ये सिफ छोटी छोटी मदद है बड़ी वाली तो बड़ी डेंजरस है ))
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कबीर ने हल्की मुस्कान के साथ अपनी निराशा को छुपाने की कोशिश की और तभी अचानक बहुत सारे लोग जिन्होंने ऊपर से नीचे तक काले कपड़े पहने हुये थे जिनके हाथो में अत्याधुनिक हथियार मौजूद थे देखते - देखते *कबीर* से आगे बढ़ गए ।
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ये *कमांडोज* धीरे धीरे पुरे हॉस्पिटल में फैल गए । कबीर ने *डॉक्टर मुस्तफा* से पूछा - *ये सब क्या है डॉक्टर साहब ?*

*डॉक्टर मुस्तफा ने कहा* मुझे भी पूरी तरह से पक्का नहीं मालूम , पर इतना पता चला है की कोई बहुत बड़ा आदमी आने वाला है । शायद इस *कमल हॉस्पिटल* को बहुत बडा डोनेशन मिलने वाला है । .
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धीरे धीरे *कमांडोज* पुरे हॉस्पिटल में फैल गया । हॉस्पिटल के चारों ओर से *कमांडोज* ने घेर रखा था । हॉस्पिटल से 5 किलोमीटर आगे तक सिर्फ और सिर्फ *कमांडोज* और पुलिसवाले ही नज़र आ रहे थे ।

तभी हॉस्पिटल के आगे पांच कार आकर रुकी । सभी महंगे - महंगे कार थे । सब के सब एक से बढ़कर एक । एकदम जबर्दस्त । चारों और पुलिस और कमांडोज का जबर्दस्त पहरा।

पहली कार का दरवाजा खुला । एक पैर बाहर आई जिनके ऊपर सोने के जूते और सोने के जींस चढे हुये थे । बाहर आने वाला शख्स ने सोने की कमीज भी पहन रखी थी । ये शख़्स सा द ग्रेट बिजनेशमेन *ब्रह्मा*
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. दूसरी कार का दरवाजा खुला , इससे भी एक पैर बाहर निकलता है , पर ये क्या ये तो एक खिलौना पैर है। पर अचानक एक और पैर निकलता है और ये वाला आदमी का है इससे भी निकलने वाला शख़्स काफी रहिस लगता है। ये है दुनियाभर में *खिलौनामेन* के नाम से मशहूर *राहुल*।

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तीसरी कार का दोनों तरफ से दरवाजा खुलता है । दोनों ओर से दो पैर बाहर निकलती है , काफी खूबसूरत पैर 😘😘।

 दो अप्सरा के बाहर आने के बाद एक और पैर बाहर निकलता है (( ओफ्फो कितने बाल है इस पैर में)) जिन्होंने सिर्फ हाफपैंट पहना हुआ था ।ये है द ग्रेट वो वाले एक्टर *अपुर्व*
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चौथी कार का दरवाजा खुलता है। पर ये क्या पैर के जगह सिर्फ बाल नज़र आ रहे है । सर पे खूबसूरत, हवाएँ में लहराती घोड़ो की पुछ जैसी बालों का गुच्छा लेकर हाज़िर है  COP Film & Comics  Industries  के मालिक *निशांत*
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. पांचवी कार -- हालाँकि ये ज्यादा महंगी नहीं लग रही है , पर फिर भी इससे भी एक पैर निकल ही जाता है । लुंगी और बनियान पहने हुये है ये शख्स ,,की तभी अचानक इन्हे धक्का लगता है और वे गिर जाते है तथा एक और पैर बाहर निकलता है । पर ये क्या ??😳😳

ये तो एक ओल्ड फैशन महिला है जिन्होंने साड़ी पहन रखी है और अपने घुंगट से अपने चेहरे को छुपा रखा है , शायद ये इस गिरे हुये शख्स की *लुगाई* है। पर ये गिरा हुआ शख़्स कौन है ??
*((उठ जा भाई))*

ओह समझा , ये शख़्स है *सजल* और हिहिहिहिहि और इसके बगल में ये ओल्ड फैशन है इसकी *लुगाई*
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*ऐ ऐ , रुक जाओ , तुमलोग किधर जाते हो ? चलो यहाँ से बाहर चलो ?"*  सजल और उसकी लुगाई को साधारण वेशभूषा में देखकर गरजते हुये तोंद वाले इंस्पेक्टर *अभिषेक* ने कहा ।

*ऐ इंस्पेक्टर वाले भाई ((बनने चले थे जर्नलिस्ट , और बन गए कर्नलिस्ट)) ये दोनों हमारे साथ है । आने दीजिये इन्हें ।* ब्रह्मा ने इंस्पेक्टर से कहा।

कबीर और ऋचा भाभी तक पहुँचने के लिए सभी के सभी लिफ्ट में सवार हो चुके थे । ब्रह्मा भाई अपने एटिट्यूड के साथ, निशांत भाई अपने बालों के साथ, राहुल भाई रोहन ((कबीर भैया और ऋचा भाभी के प्रेमप्रतिक  )) के लिए ले जा रहे सुपरहीरो प्रदीप द पादूमेन के खिलौने के साथ व्यस्त थे ।

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जबकि अपुर्व भैया अपनी विदेशी बालाओं के कंधो में हाथ रखे लगातार सजल की लुगाई को उस वाले नज़र से निहारे जा रहे थे । चेहरा घूंघट में ढके होने के बावजूद ,थोड़ी थोड़ी सी नज़र आ रही लाल लाल होंठ ,उस औरत का खड़े होने का बॉडी लैंग्वेज ,उसके दोनों हाथो से अपने घुघँट का पकडे रहना और साथ में लाजवाब साड़ी अपुर्व को अंदर तक हिला कर रख दिया पर बगल में लुंगी और बनियान पहने हुये *सजल* अपुर्व को जलाये जा रही थी।
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*""और सजलवा ,तू उम्र में मुझसे जूनियर पर इस मामले में मुझ से सीनियर कैसे हो गया रे ?""* अपुर्व ने सजल की लुगाई को देखते हुये सजल से कहा ।
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*""वो वो वो........अपुर्व भैया...* सजल के मुँह से आवाज नहीं निकल रही थी की तभी सजल की लुगाई की आवाज गुंजी जो की काफी मधुर थी -- *वो अपुर्व जी , इन्होंने आपके नाम से ही मुझे इम्प्रेस किया है । हमेशा कहते रहते है की अपुर्व मेरा भैया है और तो और हमलोग प्रायः आपकी उस तरह की फिल्में साथ में देखा करते है।*

निशांत ,राहुल और ब्रह्मा ये बात सुन कर चौक गए जबकि अपुर्व थोडा क्षेप गया पर मन ही मन खुश हो रहा था ।
 *वाह , ये कुड़ी तो पहले से ही फसी हुई लग रही है।* अपुर्व मन ही मन ये सोच कर काफी खुश हो रहा था । .
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अपुर्व और सजल की लुगाई के बीच हो रही छेड़छाड़ के दौरान लिफ्ट ऊपर पहुँच चुकी थी ..
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कबीर और ऋचा भाभी *रोहन* के साथ अंदर थे की तभी बाहर से आ रही हलचल की आवाज ने उन्हें भी बाहर आने के लिए मजबूर कर दिया।
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कबीर और ऋचा भाभी जैसे ही बाहर आये *अपुर्व, ब्रह्मा ,राहुल ,निशांत ,सजल और उसकी लुगाई* को देख चौक पडे ।

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*ब्रह्मा , अपुर्व ,निशांत ,राहुल ,सजल और उसकी लुगाई* ने ऋचा और कबीर को देखते ही उसकी ओर दौड़ पड़े।
सबसे पहले सभी ने कबीर को गले लगाया।

*अरे ,हाँ भाई हाँ सजल की लुगाई ने भी कबीर को गले लगाया ।*
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. इसी बीच राहुल ने कबीर को प्यार से धप्पड़ मारते हुये कहा -- *अपनी शादी में तो तूने बुलाया नहीं , कम से कम बाप बनते वक्त तो बुला लिया होता !! मारो इस कमीने को*

ब्रह्मा -- *हाँ हाँ मारो , अच्छा से धोबियाओ इस कमीने को.., यह कमीना भाभी के चक्कर में तो हम सभी को भूल ही चूका था।*

 *भाईलोग , अगर कोई इसे छोड़ेगा तो मै उसे नहीं छोड़ूंगा । साले इसको मैने दोस्त से भी बढ़कर समझा , हमेशा दिल से लगा कर रखा और इसने 10 साल तक.......* इतना कहते हुये निशांत भाई की आँखों से आँशु गिर पड़े।

अपुर्व - *अबे निशा ये रोने धोने का वक्त नहीं है , इस कबीरा को पहले अच्छा से धोबियाओ फिर रोना ।*

सभी खुशी के आँसुओ से भीगे हुये ,प्यार से कबीर को धीरे धीरे मारे जा रहे थे ।कबीर बीच में और चारों दोस्त उसे घेरे हुये खुद को विश्वास दिल रहे थे की वे कबीर के साथ है। इतने सालो में बहुत कुछ बदल चूका था पर इन लोगो की दोस्ती वैसे की वैसी ही थी । सजल कुछ दूर खड़ा इस प्यार भरे लड़ाई का मजा ले रहा था। जबकि सजल की लुगाई  ऋचा भाभी के साथ चिपककर बैठ कर बाते कर रही थी। .
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*अबे , अब बच्चे की जान लेगा क्या ?*  कबीर ने नाटकीय अंदाज़ में कहारते हुये कहा ।
*नहीं यार , तू तो अपनी जान है तेरी जान कैसे ले सकता हूँ ।*ये बात अपुर्व , ब्रह्मा , राहुल , निशांत ने एक साथ कही।

यह सुनकर सभी अचानक चुप हो गए और भी सभी जोर जोर से हँसने लगे । तभी अचानक कबीर की नज़र सजल पर पड़ी और कबीर ने कहा - *अरे सजलवा ,अब तू नाबालिग नहीं रहा रे । अब तू बालिग है बालिग ।। 😊😊  चल आ गले लग मुझसे ।*

उधर ऋचा भाभी और सजल की लुगाई में बातचीत जारी थी और इधर कबीर और सजल गले लगे हुये थे की तभी कबीर ने हँसतेे हुये पुछा - *यार सजल ,तुझे तो मैने कॉल किया नहीं फिर तू यहाँ आया कैसे और इस गाँव की गोरी को किस गाँव से लाये हो , तनिक बातचीत तो करवाओ ?*

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*वो कबीर भैया मै स....* सजल इतना ही बोल पाया था की निशांत ने टांग अड़ाते हुये कहा -- *अरे ये सब छोड़ पहले ये बता तू इतने सालो तक हमसे दूर क्यों रहा ? शादी हो गयी , बाल -बच्चे हो गए फिर भी कोई कॉल नहीं ,कोई मेसेज नहीं । आखिर हमलोगो ने ऐसी क्या गलती कर दी थी ?* .
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*यार तुमलोगों ने कोई गलती नहीं की ये मेरी मजबूरी थी*  कबीर ने कहा
*ऐसी कौन सी मजबूरी थी ,जरा हम भी तो सुने ?* अपुर्व ने थोडा गुस्सा से कहा।

((सजल की लुगाई की बातचीत ऋचा भाभी से जारी थी ।))

कबीर उदास सा गुमसुम सा खड़ा था ,राहुल ने कहा - *अबे , तुम कुछ बोलेगा या फिर से धोबियाए ?*

इस बार ब्रह्मा ने कबीर के कंधो पर प्यार से हाथ रख कर कहा -- *plz यार कुछ तो बोल !*

कबीर के आँखों से आँसू टपक रहे थे , उसने बोलना शुरू किया - *यार , तुमलोग बहुत तेज भागे । मै शादी और घर बसाने में व्यस्त हुआ और जब मुड़कर तुमलोग को देखा तो तुमलोग मुझसे बहुत आगे थे । राहुल , निशांत ,अपुर्व , ब्रह्मा तुम सब बहुत बड़े बन गए थे ।एक दौ कोडी कमाने वाला इंसान तुम अरबपतियों से कैसे बात करता ?* *मेरी हालत बहुत खराब थी ,जमीन - जायदाद सब बेचनी पड़ी ।वो तो शुक्र मनाओ की मेरी शादी ऋचा के साथ हुई ,जिसने हर बुरे हालात में मेरे साथ दिया । वर्ना मै तो कब का मर गया होता ।* इतना कह कर कबीर रोने लगा

निशांत ने भावुक होकर कहा - *यार कबीर ,अगर तुमने हमे एक बार भी पुकारा होता तो हम अपना सब कुछ छोड़कर तेरे पास आते ।*

राहुल ने भी रोते हुये कहा - *तू क्या समझता है कबीरा ,हम तुझे भूल गए थे ।बार बार लखनऊ जाकर तुझे ढूंढा । पुलिस की मदद ली । पर तू  तो यहाँ पटना में बैठा रो रहा था। साले एक बार तो हमे याद कर लिया होता।*

अपुर्व  सजल के गले में हाथ रखकर दहाडे मार मार कर लड़कियो की भाँति रो रहा था और अंग्रेजी में कुछ गालियां बक रहा था।

((सजल की लुगाई ऋचा भाभी के कंधो पर हाथ रखकर ऐसे बात कर रही थी जैसे मानो वर्षो पुराणी सहेली हो।)) .
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ब्रह्मा भी रोते हुये खुद को कोसते हुये अपने आप में कुछ बड़बड़ाये जा रहा था । -- *ह ये साली दौलत भी बड़ी कुत्ती चीज होती है । जिसके पास जाता है ,साला उस से सब कुछ छीन लेता है ।*

माहौल पूरा गमगीन था सजल की लुगाई ऋचा भाभी से गले लग रही थी ।अपुर्व ने माहौल को बनाते हुये पुछा - *कबीर ,रोहन के ईलाज के लिए कितने रूपये चाहिए ?*

कबीर ने कहा - *25 लाख*

*यार कबीर अब चिंता मत कर अब रोहन भी पूरी तरह से ठीक होगा और तू भी।* राहुल ने कहा

*पर कबीर रोहन को हुआ क्या है ?* निशांत ने पुछा
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कबीर कुछ बोल पाता की उससे पहले सजल की लुगाई ऋचा भाभी के कन्धों पर हाथ रखते हुये आई और सजल को चूमते हुये सजल के कानों में कुछ कहने लगी और जब सजल की लुगाई के होंठ सजल के कानों से दूर हटे तब सजल ने कबीर को इस तरह देखना शुरू किया जैसे कबीर ने कोई कत्ल कर दिया हो । सजल की चेहरा और आँखे गुस्से से लाल हो चुकी थी ।उसके आँखों से गिरते आँसुओ से पुरे माहौल को भययुक्त कर दिया । सभी की धड़कने तेज हो चुकी थी। फिर भी ब्रह्मा ने हिम्मत करते हुये सजल से पुछा - *सजल , बात क्या है ?* .
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सजल की लुगाई ऋचा भाभी के कंधो पर हाथ रखे हुई थी । उसका चेहरा अब तक ढका हुआ था । ऋचा भाभी से चिपकी हुई सजल की लुगाई कबीर के ओर देख रही थी । सजल ने बोलना शुरू किया -- *कबीर ने आप सभी से झूठ कहा ! रोहन के ईलाज के लिए 25 नहीं 30 लाख लगने वाले है ।और पांच लाख के इंतजाम के लिए कबीर भैया अपनी किडनी बेचने वाले है !*

_राहुल ,निशांत ,अपुर्व, ब्रह्म_ सभी के सभी जड़वत हो गए काटो तो मानो शरीर में खून नहीं । सभी हतप्रभ थे।माहौल में पसरी हुई सन्नाटे से सब कुछ बयाँ हो रहा था ।

सन्नाटे को तोड़ते हुये भींगी हुई आँखो वाले कबीर ने रोते हुये कहा - *दोस्तों , मै तुमलोगों को ज्यादा परेशान नहीं करना चाहता था । माफ़ कर दो दोस्तों plz* .
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*तुम पक्का जान देकर ही मानोगे ।* ब्रह्मा ने रोते हुये कहा।
*तुम्हारी खुद्दारी ही तुम्हारी जान ले लेगी कबीर।* अपुर्व के आँखों में भी आँसू थी।
*कबीर क्या तुम हमसब को इतना पराया मानते हो ?* राहुल के आवाज से दर्द साफ नज़र आ रहा था ।
*तुमने ये ठीक नहीं किया कबीर* निशांत के आँसुओ ने उसे ज्यादा बोलने नहीं दिया। .
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*माफ़ कर दो दोस्तों plz , अब क्या मेरी जान लोगे और वैसे भी मैने किडनी बेचीं नहीं है ।*  इस बार कबीर के आँखों से आँसुओ का सैलाब उमड़ पड़ा ।

अगले एक घण्टे सभी रोये । जी भर के रोये । वर्षो पुराने के जो दर्द थे ,जो बिछड़ाव के घाव थे । उन सभी दर्दो को ,उन सभी घावों को इन आँसुओ से वे लोग धो देना चाहते थे । इन आँसुओ में डूबकर खुद के द्वारा हुये भूलों को ये लोग भूल जाना चाहते थे। .
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एक घण्टे बाद जब सब कुछ थोडा नॉर्मल हुआ तो ऑपरेशन थियेटर में रोहन का इलाज चल रहा था ।ऋचा भाभी और सजल की लुगाई एकदम चिपके हुये अपने बातचीत में मसगुल थे ।"" किसी का ऋचा से चिपक चिपक कर बतियाना , चाहे वो कोई औरत ही क्यों न हो ?"" ये बात कबीर को बहुत अखरता था ।

((सच्ची मोहब्बत है भाईलोग))

और वैसे भी सजल की लुगाई जब से आई थी तब से ऋचा से ही चिपकी हुई थी।तभी कबीर के दिमाग में बिजली कौंधी। .
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*अरे सजल ,एक बात बता ,तुझे तो मैने कॉल किया नहीं था । फिर तू यहाँ कैसे आया ?* कबीर ने पुछा

 *वो सजल भैया ,आपने सटकी भैया को कॉल किया था न , तो मै और...* सजल ने इतना ही कहा था की निशांत ने टांग अड़ाते हुये कहा - *यानि तुझे सटकी ने कॉल किया था । है न*

*नहीं मै और सटकी साथ आये है । ये औरत मेरी पत्नी नहीं सटकी भैया है।* सजल ने कहा

ब्रह्मा - 😳😳
राहुल -😳😳
अपुर्व-😳😳
निशांत-😳😳
((तो साला दो तिन घन्टो से ऋचा भाभी से चिपक चिपक बात करने वाली ये औरत सटकी है । ये सटकी ने ऋचा के हाथो को छुआ ।@#%%&^!*_×|[™[¶°【)))

इस तरह के ख्याल हमारे चारो योद्धाओ के मन में आ रहे थे। .
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सजल ने बोलना जारी रखा था - *पुलिस के डर से सटकी भैया ने ये प्लान बनाया था । सटकी भैया के ग्रुप में इंडिया का working head मै ही हूँ ।


*धाम , धलदाम् , बूम ,चटाक ,चटाक ,टँग टँग* सटकी भैया की धुलाई शुरू हो चुकी है ,आख़िरकार ऋचा भाभी से तीन घण्टे चिपककर बात करने का कोई नतीजा होता है न ।बस भगवान से शुक्र मनाइये की कही से गोली न चले । .

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