Friday, 5 August 2016



एक अज्ञात स्थान, कई लबादा धारी एक व्यक्ति के सामने खड़े हैं।
उनमें से एक- मगर सर, अगर हम इस प्लान में सफल भी हो गए तो भी हमें इससे कुछ भी हासिल नहीं होगा। हमारे संसाधनों का व्यर्थ उपयोग है ये प्लान। हम तो पहले ही मन बना चुके हैं की हम हारने के लिये खेलेंगे।

उनका लीडर (मास्क पहने हुए है)-  टार, तुम गणना करने में माहिर हो , लेकिन कभी कभी जीतने के लिए हारना पड़ता है।

टार- मैं समझा नहीं?

लीडर- गुड, तुम्हे जितना कहा गया है उतना करो।

स्थान-  महानगर, स्नेक आईज का ऑफिस

नागराज- सौडांगी, इस बार महानगर में 15 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्नेक आईज को मिली है। हमें पुलिस के साथ मिलकर ये काम करना है।

सौडांगी- चिंता की कोई बात नहीं नागराज, हम कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था 7 दिन पहले से ही अपने कब्जे में ले लेंगे।

शीतनाग- हाँ नागराज, तुम चिंता मत करो, क्यों नागू सही कहा न?

नागू- (बड़बड़ाते हुए)नहीं, मैं निर्णय नहीं ले पा रहा की क्या करूँ? मोहंजो दाड़ो या रुस्तम, पहले कौन सी मूवी देखूंगा?

नागराज- नागू, तुम्हारा ध्यान कहाँ है?

सौडांगी- (हँसते हुए) नागराज , नागू तो फ़िल्म देखने जाएगा ही जायेगा, चाहे हम कितना भी पहरा क्यों ना लगा लें।


स्थान- राजनगर, कमिश्नर राजन का घर

रजनी, ध्रुव की माँ- ये ले बेटा, तेरी पसंद की खीर

ध्रुव- wow, मम्मी जल्दी से दो, मुझे बाहर जाना है।

श्वेता - माँ के हाथ से खीर की कटोरी छीनते हुए, अरे माँ, क्यों भैया की दुश्मन बन रही हो, मीठा खिलाओगी तो डायबिटीज हो जायेगा उसे,
ध्रुव- रुक अभी बताता हूँ तुझे बंदरिया

रजनी- मुझे पता था की ऐसा ही कुछ होगा, ये लो ध्रुव दूसरी कटोरी


कमिश्नर राजन- अरे भाई, मेरा नास्ता कहाँ है, मुझे मंत्री जी के साथ कहीं जाना है।

ध्रुव- पापा आप कुछ सीरियस लग रहे हैं?क्या हुआ

कमिश्नर राजन- कुछ नहीं ध्रुव, एक इंटेल मिली है की 15 अगस्त के कार्यक्रम में कुछ गड़बड़ हो सकती है, उसी पे बात करने के लिये आज मीटिंग है।

रजनी- ओफ्फो, ये सब बातें ऑफिस में जाके कीजियेगा, अभी नाश्ता करो सब।

स्थान- राजनगर म्युज़ियम

एक इच्छाधारी नाग वहाँ तोड़ फोड़ कर रहा है, कमांडो फोर्स ध्रुव को इन्फॉर्म करती है इस घटना के बारे में-
करीम- कैप्टेन, जल्दी से राजनगर म्युज़ियम V वहां एक इच्छा धारी नाग ने भीषण तबाही मचाई हुई है, सिक्योरटी गॉर्डस और पुलिस दोनों ही उसे रोकने में नाकाफ़ी साबित हो रहे हैं।

ध्रुव- ok करीम, मैं पहुँचता हूँ, कैज़ुएल्टी कितनी हुई है?

करीम- उसनें ऐसे समय में हमला किया जब काफी भीड़ थी , नुक्सान तो हुआ है ध्रुव!

ध्रुव- ओके करीम, पूरी घटना पे कड़ी नजर रखो
Over and out

अंदर तबाही मचाते नाग पर जो की आधा नाग और आधा इंसानी रूप  में है  एक  बाइक  आकर  गिरती है अभी वो सम्हल भी नहीं पाया था क़ि स्टार रस्सी से झूलते हुए ध्रुव की एक टक्कर उसे उछाल कर कुछ दूर फ़ेंक देती है।

ध्रुव- रुक जाओ, तुम ऐसा क्यों कर रहे हो, इच्छधारी नाग तो कभी भी ऐसी हरकतें नहीं करते।
तुम ढूंढ़ क्या रहे हो

नाग बिनकुछ बोले ध्रुव पे पलटवार करता है जिसे ध्रुव बचा लेता है लेकिन उसकी पूँछ से नहीं बच पाता और उड़कर थोड़ी दूर जाके गिरता है।

ध्रुव- मुझे इसकी पूँछ से बचकर रहना होगा, ये काफी शक्तिशाली है। एक मिनट , पूंछ किसी भी नाग का सबसे सेंसिटिव भाग होता है अगर सही जगह पे वार हो तो।
ये छत का उखड़ा हुआ हिस्सा बिलकुल सही पोजीशन में है अब बस मुझे इस नाग को पीटते हुए यहाँ लाना है और अपनी स्टार रोप को इस उखड़े हुए हिस्से में फंसाकर एक जोर का झटका देना है जो सीधा इसकी पूँछ के पिछले भाग पे गिरेगा और ये बेहोश हो जाएगा।

करीम- गुड कैप्टेन, इसे कैद करने के लिए स्पेशल यूनिट्स रवाना हो चुकी ं

ध्रुव- मुझे कुछ सही नहीं लग रहा करीम, मैं कुछ मिस कर रहा हूँ।

स्थान - राजनगर, नारका जेल

एक कमरे में होम मिनिस्टर, इंटेलिजेंस के कुछ लोग, कमिश्नर राजन, ध्रुव और नागराज उपस्थित हैं।

गृहमंत्री- बताइये कमिश्नर, क्या पता चला है इस केस में

कमिश्नर राजन- सर, ध्रुव ने सही समय पे उस नाग को कण्ट्रोल कर लिया उसके अंदर एक हाई डैमेज कैपेसिटी का बम भी था जो की कभी भी फट सकता था जिससे पूरे 5 km के दायरे में कुछ भी नहीं बचता। अभी हमने उस बम को निष्क्रिय कर दिया है।

नागराज- मुझे इस मामले में बुलाने के लिए शुक्रिया आप सब का , मुझे उस नाग को अपने साथ ले जाना हैऔर पता करना है की कौन उससे ये करवा रहा है?
मैंने उसे सम्मोहितं किया लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

ंइंटेलिजेंस-   हेलो    नागराज मेरा नाम राघव है, मैं ptf यूनिट का चीफ हूँ। ptf मीन्स पोटेंशियल थ्रेट्स फॉर फ्यूचर।
मतलब की ऐसे लोग जो अभी तो क्रिमिनल नहीं हैं लेकिन भविष्य में खतरा बन सकते हैं। हम ऐसे लोगों को न्यूट्रल करने के लिए पहले से ही काउंटर प्लान बना कर रखते हैं। और एक बात की वो नाग यहीं रहेगा अभी हम उसपर और प्रयोग करेंगे।

नागराज- राघव, तुम समझ नहीं रहे हो, मेरा उस नाग से जानकारी निकलवाना बहुत जरूरी है  , हो सकता है उस जैसे और भी नाग घूम रहे हों बाहर। स्थिति बहुत खतरनाक हो सकती है

राघव- नागराज, हमने तुम्हे इसलिए बुलाया था क्योंकि मामला नागों का था, अगर तुम हमारी कोई मदद नहीं कर सकते तो हमें तुम्हारी कोई जरूरत नहीं।

ध्रुव- राघव जी सही कह रहे हैं नागराज। मामला हाई सिक्योरिटी से जुड़ा है तो हम इस नाग से यहीं पूछताछ करेंगे, 15 अगस्त नजदीक है, हो सकता है इसके पीछे कोई आतंकी संगठन हो हम रिस्क नहीं ले सकते।

नागराज- हम? तुम्हारे हम में मैं शामिल नहीं हूँ क्या ध्रुव?

ध्रुव- नहीं नागराज, तुम गलत समझ रहे हो।

नागराज- समझना तो तुम्हे चाहिए ध्रुव, बुरे इच्छाधारी नाग भी होते हैं मैं इस बात से इनकार नहीं कर रहा, मैंने पहले भी कई नागों  से युद्ध किया है। लेकिन वो सब मुझे ढूँढने के लिए तबाही मचाते थे या फिर मुझे मारने के लिए। लेकिन ये नाग तो यहां राजनगर में तबाही मचा रहा था और इसे कुछ भी याद नहीं है।
सबसे बड़ी बात ध्रुव क्या तुमने आज तक किसी आत्मघाती बम से लैस इच्छाधारी नाग देखा है कभी?

राघव-  नागराज ऐसा एक नाग नहीं बल्कि 50 से ज्यादा नाग पकडे गए हैं न सिर्फ भारत से बल्कि विदेशों से भी।

नागराज चौंक जाता है,।
नागराज- ऐसा अगर हुआ तो मुझे कैसे नहीं पता चला?

राघव- वो तो तुम ही बेहतर तरीके से बता सकते हो नागराज।

नागराज- तुम्हारा इशारा किस तरफ है राघव? तुम मुझपे शक कर रहे हो?

राघव- मेरा तो काम ही शक करना है नागराज। दुनिया जानती हैं की जहाँ नाग वहाँ नागराज। विश्व के कई देश इस इच्छाधारी नाग के संकट से निपटने को एकजुट हो गए हैं और उनके रहने की जगह खोज रहे हैं। इसके लिए हमने एक जॉइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया  है।  जिस दिन  हमें  उनकी रहने की जगह का पता चल गया उसी दिन हम उन पर अटैक कर देंगे

नागराज- मुझे तो इसके पीछे कोई बहुत बड़ा षड्यंत्र लगता है।
ऐसे में तो मेरा इस नाग को अपने साथ ले के जाना और भी आवश्यक है। ध्रुव तुम ही समझाओ इन लोगों को।

ध्रुव- नागराज मुझे लगता है की राघव अपना काम कर रहे हैं, उन्हें इस नाग के ऊपर कुछ प्रयोग करने देते हैं शायद उसे कुछ याद आ जाये। हम उस नाग को तुम्हे नहीं दे सकते।

नागराज- कमाल है, स्थिति बहुत गंभीर है, मेरा उस नाग को अपने साथ ले के जाना जरूरी  है   तभी  मैं ये साबित कर सकता हूँ की इस षड्यंत्र के पीछे इच्छाधारी
नाग नहीं हैं।

राघव- कमाल तो तुम कर रहे हो नागराज, बिना जांच के ही तुम इच्छाधारी नागों को बेगुनाह मान ले रहे हो, मैं जान सकता हूँ क्यों?

नागराज- क्योंकि मुझे पता है की वो ऐसा नहीं कर सकते। अब कोई बहस नहीं मैं इस नाग को ले के जा रहा हूँ, देखता हूँ कौन रोकता है मुझे?

राघव- शायद तुमने मेरे डिपार्टमेंट का नाम नहीं सुना नागराज, हम ऐसी सारी शक्तियों को और व्यक्तियों को जो की भविष्य में हमारे लिए खतरा बन सकते है,ं उनका तोड़  बनाकर रखते हैं। तुम कई सालों से हमारी निगरानी में हो नागराज। हमें तुम्हारी कमजोरियां पता है, तो हमसे उलझने में अपना समय बर्बाद मत करो।

नागराज- मंत्री जी, कमिश्नर साहब , ध्रुव ये हो क्या रहा है यहाँ पे? और मेरा सर क्यों घूम रहा है?

ध्रुव- माफ़ करना नागराज, हम इच्छाधारी नागों के साथ युद्ध नहीं चाहते थे, लेकिन आज सुबह ही विसर्पी का सन्देश हमें मिला है की ये सर्प उसने ही भेजे थे और वो अब इस दुनिया पर राज करना चाहती है, उसने सभी राष्ट्रों को गुलाम बनाने की धमकी दी है। हमने उस संदेस के प्रसारण स्थल का पता लगा लिया है और हम वहाँ जल्दी ही आक्रमण करने वाले हैँ।
मानवो और इच्छाधारी नागों के इस संघर्ष में मैं मानवों के साथ हूँ।
तुम इस संघर्ष में हमारी सबसे बड़ी रुकावट थे  नागराज,  राघव के मुताबिक़ तुम नागों के पक्ष में जा सकते थे, इसलिए हमने तुम्हे पकड़ने के लिए यहाँ बुलाया।

नागराज- नागराज केवल धर्म के पक्ष में रहता है ध्रुव, मुझे राघव से कोई शिकायत नहीं, he is doing his job, लेकिन ध्रुव तुम? तुम भी ऐसा सोचते हो की नागराज मानवों से युद्ध करेगा?
अरे एक भी निर्दोष पे हाथ उठाने से पहले अपनी जान दे देना पसंद करता नागराज।
विसर्पी ऐसा कोई कदम उठा ही नहीं सकती ध्रुव।
ध्रुव नीचे देखता रहता है, कुछ बोलता नहीं। नागराज नीचे गिर जाता है और तड़पने लगता है।
राघव-  नागराज,  हमने डॉ करुणाकरन से एक विषरोधी स्प्रे बनाकर इस कमरे के AC के डक्ट में मिला दिया था, तुम्हारा विष अब तक क्षीण हो चूका होगा, इस स्प्रे ने तुम्हारे नर्वस सिस्टम को भी सुन्न कर दिया है। तुम अपनी किसी भी शक्ति का प्रयोग नहीं कर सकते हो।
ये ध्रुव के दिमाग का कमाल है, उसने पहले ही अंदाजा लगा लिया था की तुम उस नाग को अपने साथ जबरदस्ती ले जाना चाहोगे। तो उसने ही डॉ करुणाकरन से मिल के ये तयारी कर ली थी।
ध्रुव ने तो ये लड़ाई शुरू होने के पहले ही जीत ली थी।

नागराज- (कराहते हुए) ध्रुव ने मुझे खतरा समझा इसलिए उसने मुझे हराने का तरीका खोजा, मैंने ध्रुव को मित्र समझा, मैं यहाँ जमीन पे पड़ा हूँ। इस विषरोधक स्प्रे से ज्यादा तुम्हारा ये व्यवहार दर्द दे रहा है, मैं तो एक मित्र के बुलाने पे आया था लेकिन  तुमने तो पीठ में खंजर भोंका है ध्रुव।

ध्रुव- नहीं नागराज

नागराज- कब से मैं तुम्हारी नजर में फ्यूचर पोटेंशियल थ्रेट हो गया ?

ध्रुव- नागराज मुझे दुःख है लेकिन यहाँ बात तुम्हारी हमारी नहीं, मानवता की है, इसके लिए ध्रुव किसी से भी लड़ जाएगा, तुमसे भी।
तभी वहाँ fpt के कुछ आदमियों में से एक अपना रूप  बदलता है  वो नागू था।

नागू- मैं तो star trek देखने चला गया था इसलिए लेट हो गया था, फिर ये काले कोट वाले भाई लोग आ रहे थे तो उनमे मैं भी मिल गया, हाँ तुम्हारा एक बाँदा टॉयलेट में बैठा होगा, जाते समय उसको जगा के लेते जाना नहीं तो बेचारे को बस में धक्के खा के जाना पड़ेगा।
सीन इमोशनल हो गया है यहाँ, अब थोडा एक्शन भी हो जाए।
मैं नागराज और उस नाग को ले के निकल रहा हूँ।
ध्रुव- नागू, मेरे होते हुए तुम कहीं नहीं जा सकते।

नागू- टॉयलेट भी नहीं?

नागू - सोचता है) ध्रुव भैया ने नागराज को बेबस कर दिया है, और इस ससुरे कलमुहे नाग को भी ले के जाना होगा, मैं ध्रुव से लड़ना नहीं चाहता।
नागू की मणि से तीव्र प्रकाश निकलता है और पलक झपकते ही नागू दोनों को लेके गायब हो जाता है।
राघव- अरे कहाँ गए वो तीनो?
ध्रुव- जिसका डर था वही हुआ, अब इंसानो और इच्छाधारी नागों के बीच   नागराज खड़ा है।

स्थान- स्नेक आईज का ऑफिस

सौडांगी- नागराज तुम आराम करो, हमने डॉ करुणाकरन से बात की है, उस स्प्रे से तुम्हारी शक्तियां कुछ दिनों के लिए सुप्त हो चुकी है, विष की मात्रा भी न्यूनतम रहेगी कुछ दिनों तक। डॉ करुणाकरन  शर्मिंदा है की उन्होंने तुम्हारे खिलाफ ये स्प्रे बनाया।

नागराज- कोई बात नहीं, उन्हें शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है। पहले हमें इस षड्यंत्र की तह तक पहुंचना होगा।
नागद्वीप खतरे में है। मुझे ये नहीं समझ आ रहा की इतना सब कुछ हो गया और मुझे पता क्यों नहीं चला?
विसर्पी ऐसा कैसे कर सकती है, उसे महात्मा कालदूत ने रोका क्यों नहीं?

शीतनाग- वो तो अच्छा हुआ नागराज की हम कई लोग तुम्हारे शरीर से बाहर थे 15 अगस्त की तैयारी के लिए नहीं तो हम सब भी सुप्तावस्था में आ जाते।
नागराज तुम अभी बहुत कमजोर हो, तुम आराम करो हम विसर्पी और महात्मा कालदूत से संपर्क करने का प्रयास करते हैं।

नागराज- नहीं शीतनाग, क्या हुआ जो नागराज आज अशक्त हो गया है
उसका मनोबल अभी समाप्त नहीं हुआ है।
ताकत से नहीं अपने दिमाग से इस राज से पर्दा हटाऊंगा,
ज्यादा समय नहीं है मेरे पास, मनुष्य कभी भी नागद्वीप तक पहुँच सकता है।
मुझे हर हाल में रोकनी है ये टक्कर......

क्रमशः

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