Monday, 25 July 2016

प्रथम ट्रेलर
।।
।।










अँधेरी काली रात
🌑🌑🌑🌑🌑🌑

सुनसान सड़क
🚦🚦🚦🚦🚦🚥🚥🚥🚥🚥🚥

*रात* के *2* बजे
🕑🕑🕑🕑🕑🕑🕑


एक्के दुक्के छुछुंदर नाले से इधर उधर आते जाते हुए


यह सुनसान सड़क कब्रिस्तान के खतरनाक शांति के जैसी लग रही है ।
😰😰😰😰😰😰😰


इस खतरनाक सन्नाटे को पाँच जोड़े कदमो की गूँज तोड़ रही थी ।
👟👟👟👟👟👟👟👟👟👟

कुछ देर चलने के बाद सारे ख़ौफ़नाक कदम रुक गए।

🏡

ये था B bro (बूढ़ा ब्रह्मा)  का घर
...............




*COP* प्रस्तुत करते है ---


*पागल* *कातिलों* *की* *टोली*

लेखक - विकास
     



स्थान - B bro की दुकान

वैसे वंशगुणात खुजली की बीमारी बहुत बुरी होती है और वैसे भी दिन भर दुकान ,मोबाइल में व्यस्त होने तथा चारों और उजाला होने के कारण ब्रह्मा भाई को काफी परेशानी होती है । इसी कारण B bro  बार बार चाय की दुकान के पीछे   जाया करते है ।
😂😂😂😂😂😂😂

रात हो गयी थी ।
सरिता जी से बात करने के चक्कर में  ब्रह्मा घड़ी देखना ही भूल गया था ।
(😳😳😳😳😳😳😳)

आख़िरकार लिपस्टिक में हो रहे नुकसान और B bro के हमेशा लाल रहने वाले चेहरे का यही राज था ।
💄💄💄💄💋💋💋💋


कॉल कटने के बाद B bro ने घड़ी देखा।
⏰⏰⏰⏰⏰

दुकान बंद करने का समय हो रहा था ,B bro ने सोचा चलो जरा *चाय* वाले दुकान के पीछे से हल्का हो आऊ  । वे चले गए हल्का होने ।

।।





ये क्या ?? 5 मिनट हो गए पर B bro अभी तक हल्का हो के नहीं आये ।
जा के देखना पड़ेगा क्या हो रहा है ।

(हालाँकि ये गलत है पर कहानी आगे बढाने के लिये उन्हें तो लाना होगा )

*या* *रब्बा*
😱😱😱😱😱😱

गए थे हल्का होने ।
पर यहाँ लगे खुजलाने
और 😰😰😰😰

नहीं लिख सकता भाई ।
बस आवाज आ रही थी
 😁😁😁😁😁😁😁


तभी अचानक B BRO की फोन बज उठी ।

न चाहते हुए भी B BRO ने कॉल रिसीव की ।क्योंकि B BRO जानते थे की  अगर *सटकी* की कॉल मिस किया तो ये मुझे *सटका* देगा ।
😢😢😢😢😢😢😢

B bro ने हांफ़ना रोकते हुए कहा - Hello
*सटकी* -किधर है याड़ी

*B bro* - दूकान में ।
*सटकी* - अभी तक दुकान में  या भौजी की मकान में ????

*B bro*  गुस्से से -- सटकी भाई  देख मै अभी दुकान में हूँ और थोड़ी देर में दुकान बंद करके घर जाने वाला हूँ । जल्दी बोल बात क्या है ?
😡😡😡😡😡😡

*सटकी* -ऐ भाई गुस्सा न कर , वो दरअसल  कबीर  भाई की शादी पक्की हो गयी है ,इस खुशी में वो बियर पार्टी दे रहा है , वे लोग तुझे कॉल लगा लगा कर परेशान हो गए पर तूझे कॉल लगा ही नहीं ।ये मैने पहली और अंतिम बार कोशिश की ।

*B bro* - वो मोदी जी का मन की बात सुन रहा था ।🙀🙀🙀🙀🙀🙀
🙀 तुमलोग यहाँ पर आ जाओ मै तुमलोग के साथ यही से चला जाऊँगा।

*सटकी* - अबे मै  तेरी दुकान पर ही हूँ और इतनी रात को बियर क्या चाँद  पर जाके पीयेंगे ? तू जल्दी से आ सब की बोतलें खुल चुकी है ।और सटकी ने कॉल काट दी ।

*B bro* shocked हो गए - हे भगवन 😰😰😰😰
इन कमीनों ने तो watt लगा डाली आज । अब  फिर से कल पांच बोतल *FOGG* छिड़कनी पड़ेगी । पर जो भी हो है तो साले मेरे ही दोस्त और अब तो कबीर की शादी भी fix हो गयी ।

B BRO जल्दी जल्दी  दुकान की और चलने लगे ।
🏃🏼🏃🏼🏃🏼🏃🏼🏃🏼

दुकान में जा के देखा  *सटकी* *कबीर* *प्रिंस*  *प्रदीप* और *संजय* के हाथ में एक एक बोतल थी और एक बोतल टेबल पर रखा हुआ था ।
😃😃😃😃😃😃😃


*प्रदिप* - ब्रह्मा भाई मन की बात सुन रहे थे या कर रहे थे ?
😂😂😂😂😂😂

*B bro* -- 😡😡😡😡😡😡
(बात टालते हुये) अरे कबीर भाई मुबारक हो Congrats

आखिरकार आपकी समाधि हो ही जायेगी ।

*कबीर* 😳😳😳😳😳
समाधि नहीं भाई शादी।

*B Bro* -- sorry bro sorry शादी। वैसे भाभी
 जी की pic दिखाओ ??
😃😃😃😃

*कबीर*--  ये ले भाई ।


👹👹👹👹👹👹
*ब्रह्मा* -- कबीर भाई ,ये तो चुडैल की फ़ोटो है मुझे ये क्यों दिखा रहे हो ??

*संजय*  -चुडैल (जिससे की बोतल की ढक्कन खुल नहीं रही थी ) 😳😳😳😳😳
चुडैल का नाम सुनते है संजय की बोतल भी नीचे गिर गयी ।

*सटकी* - संजू भाई चुडैल के नाम सुनते ही तो मेरी पेंट  गिली होती है पर तूने फर्श गिला क्यों किया रे ??
😡😡😡😡😡😡

*कबीर* -क्या बात बोलते हो भाई ये ऋचा की फ़ोटो है । बड़ी मुश्किल से पापा को लेकर गया था ।तुम इसे चुड़ैल क्यों बोल रहे हो ?
😰😰😰😰😰

*ब्रह्मा* भाई sorry बोलने ही वाले थे की *प्रिंस* बोल उठा -- अरे भाई इसे तो सिर्फ सरिता भौजी ही अप्सरा नज़र आती है बाकि सब तो चुड़ैल ।

मोबाइल को *संजय* ने लेते हुए कहा - देख भाई ब्रह्मा ये तो ऋचा की ही फ़ोटो है ?
😃😃😃😃😃

*ब्रह्मा* भाई ने डरते डरते मोबाईल लिया और उसमे देखने लगा और अचानक उसमे चुडैल की फ़ोटो प्रकट हुई और वे चिल्ला उठे और मोबाइल गिरने ही वाला था की प्रदीप ने मोबाईल पकड़ लिया और जोर जोर से हँसने लगा

हँसी एकदम डरावनी थी।


*ब्रह्मा* भाई ने डरते हुए कहा-- पादू तू इस तरह हँस क्यों रहा है ?
😰😰😰😰😰😰

*प्रदीप* - तू पहले ये बता तू था कहाँ ?
🤔🤔🤔🤔🤔🤔

*ब्रह्मा* -भाई वो दरअसल घूम रहा था?
🤔🤔🤔🤔🤔🤔

*प्रदीप* - घूम रहा था या घुमा रहा था ? *भौजी* को ??
😂😂😂😂😂😂😂😂


इस बात पर सब खिलखिलाकर हँस पडते है ।😆😆😆😆😆😆😆


*सटकी* -ब्रह्मा भाई भौजी को घर छोड़ आये न ?
😂😂😂😂😂😂😂


*ब्रह्मा* भाई जो बहुत शर्मा रहे थे , हलाकि बार बार (भाभी जी  का ) नाम सुनने से मन में लड्डू फुट रहे थे ,सोचते हुए बोले --
😭😭😭😭😭😭😭

कमीनो ने आज तो बैंड ही बजा दी ।
"
*SORRY* bhai लोग" ब्रह्मा ने शरमाते हुए कहा ।


सब के सब अभी तक हँस रहे थे ।
😂😂😂😂😂

*संजय* ने हँसते हुए कहा -- हम समझ सकते है ।
भाई आखिर  हम भी लड़के है ।
😂😂😂😂😂😂

*ब्रह्मा* भाई ने बेज्जती से बचने के लिए इस मुद्दा को टालते हुए कहा -- अरे भाई लोग पार्टी तो अभी तक शुरू नहीं हुई चल पार्टी शुरू करते है ,सब बोतल चियर्स करते है और *संजय* तू चिंता मत कर मैने दुकान में एक बोतल छिपा कर रखी है ।
😃😃😃😃😃😃😃


*ब्रह्मा* भाई बोतल निकाल कर *संजय* को देता है की तभी अचानक उसकी नज़र *संजय* से मिली उसने नोटिस किया की *संजय* आँख मिटका नहीं रहा है उसकी आँखे खुली की खुली है ।

*ब्रह्मा* भाई ने इसे नज़रअंदाज़ कर के चियर्स करने के लिये बाकि सभी की ओर मुड़े और धीरे धीरे उन्होंने नोटिस की हर किसी का आँख खुला का खुला है , कोई भी आँख मिटका नहीं रहा है  ।
😰😰😰😰😰😰😰


*ब्रह्मा* भाई थोडा डर गए और वे कुछ बोलने ही वाले थे की उनका मोबाईल बज उठा  , *माँ* का कॉल था ।

*ब्रह्मा*- hello

*माँ* - hello बमु बेटा ।
😂😂😂😂😂😂😂

*ब्रह्मा*- हाँ मम्मी , क्या बात है ?

*माँ* - बमु तू ठीक तो है न ।😂😂😂😂😂
*ब्रह्मा* -- हाँ मम्मी ।(😠😠😠😠)पर बात क्या है ??

*माँ* -- मैने सोचा की ,कही तू भी तो *कबीर* लोग के साथ तो नहीं था ?

*ब्रह्मा* भाई कुछ बोलने ही वाले थे परन्तु *माँ* अभी भी बोल ही रही थी ।
 ""बेटा वो दरअसल कुछ घण्टे पहले *कबीर* *प्रदीप* *संजय* और तुम्हारे ग्रुप के कुछ दोस्त कही जा रहे थे की उनलोगो का accident हो गया और शायद सभो की मौत हो गयी है ।

*क्या* ब्रह्मा भाई  ने चौकते हुए कहा *माँ* अभी भी मोबाईल में बोले जा रही थी पर ब्रह्मा भाई को कुछ सुनाई नहीं दे रहा था ।


😰😰😰😰😰😰
*ब्रह्मा* भाई डरते हुए पीछे मुड़े और देखा की सब के सब कबीर , सटकी , प्रदीप,संजय ,प्रिंस बहुत डरावने दिख रहे थे ।


किसी का पेट से खून निकल रहा था तो किसी का सर नीचे था

किसी का सर पूरी तरह बर्बाद हो गया था तो किसी  का पूरा पैर ।

कोई पूरा लाल दिखाई दे रहा था तो कोई बिना हाथ के किसी के आँख भी निकला हुआ था ।


*ब्रह्मा* भाई पूरी तरह जड़ हो गए थे की तभी  *कबीर* के शरीर से आवाज आयी -- हम तुझे लेने आये है यार , हम तेरे बिना चैन से मर भी नहीं सकते  ।

एक जोरदार आवाज गुंजी -- *नही*



😰😰😰😰😰😰😰😰😰😰😰😰😰😰😰😰



"'बमु बेटा क्या हुआ ?? क्या हुआ बमु बेटा ? कोई बुरा सपना देखा क्या ??""

*ब्रह्मा* ने देखा की वो अपने कमरे में है बगल में माँ उसके सर पर हाथ फेर रही थी । और वो पसीने से नहाया हुआ था ।









कहानी जारी है .......






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