Monday, 25 July 2016

🌍 *COP प्रस्तुत करते है* 🌍


रेणुका जी अभी तक बोल ही रही थी -- बाद में *राज ,रोहन और +2 राज हाई स्कूल के सभी सीनियर्स* के पुरे परिवार के भी रहस्यमय तरीके से खून कर दि  गयी थी जिसके कातिलों का कोई जानकारी अभी तक नहीं मिली है ।

मैने बाद में उन सभी पागलों पर शोध किया और जो परिणाम आये वे सभी चौकाने वाले थे ।उन सभी कातिलों पर काला जादू किया गया था तथा वे सभी का कत्ल किसी आत्मा के साये में रह कर कर रहे थे। उन सभी कातिलों पर अलग अलग किन्तु खतरनाक आत्माओ का साया था ।

और सब से हैरानी वाली बात ये है इस तरह की खतरनाक आत्माए जो किसी के शरीर पर कब्ज़ा करती है ,ऐसी आत्माये कब्ज़ा की गई शरीर को छोड़कर कभी नहीं जाती है पर इन दोनों मामलोँ में आत्माए सभी का कत्ल करने के बाद पता नहीं क्यों इन शरीरो को छोड़कर चली गयी ??

हालाँकि बाद में वे सभी पागल हो गए जिन पर आत्माओ का कब्ज़ा था ।
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. अब मै आपलोगो से एक बात पूछना चाहती हूँ ""क्या आप सभी लोगो में से किसी के भी साथ कुछ भी अजीब हुआ है पिछले तीन चार दिनों में ?"

""कुछ भी "" *सलोनी भाभी के इस सवाल ने माहौल को थोडा हसनुमा बना दिया*

"हाँ हाँ ,कुछ भी पर थोडा अजीब ,कुछ ऐसा जिसकी उम्मीद आप सपने में भी नहीं कर सकते "" *रेणुका जी के इस जवाब ने माहौल को फिर से गंभीर बना दिया*

सब अपने पिछले दो तिन दिनों के घटनाक्रम को याद करने लगे ।

 "'हाँ हाँ, कल को मेरे चाट दूकान में दो ग्राहक आये थे ,उन्होंने मुझ से पूछा चाट कितने रुपये प्लेट ? ,तो मैने कहा -20रुपये प्लेट । तब उन्होने कहा - भाई प्लेट तू अपने पास रख ले और चाट हमे दे दे ।" पंकज चाट वाले ने जब ये कहा तो सब हँसने लगे ।

*""देखिये ये मजाक का समय नहीं है ,मै किसी ऐसी घटना की बात कर रही हूँ जो पूरी तरह से अजीब हो ,जिसकी उमीद आप सपने में भी नहीं करना चाहते हो ।""* रेणुका जी ने खीझते हुये कहा ।

*सपना .....* बी ब्रो का माथा ठनका , बी ब्रो ने कहा - 'रेणुका जी मै आपसे अकेले में कुछ बात करना चाहता हूँ ।'

सलोनी भाभी सोचते हुये -- अकेले में 😳😳

रेणुका जी ने कहा - *आइये*।
  उसके बाद *बी ब्रो* ने रेणुका जी को अपने सपने के बारे में सब कुछ बता दिया । .

"ओह लगता है कुछ गड़बड़ है ,आप अपने सभी दोस्तों को यहाँ बुलाइये " *रेणुका जी ने गंभीर होते हुये कहा*
"वही तो गड़बड़ है वे सभी लोग कॉल रिसीव ही नहीं कर रहे ,मै उन लोगो को उनके घर में देखकर आता हूँ ।" *ब्रह्मा ने कहा*

"रुकिए मै भी आपके साथ चलूंगी" *रेणुका जी ने जब ये कहाँ तो ब्रह्मा की तो बाँछे ही खिल गयी क्योकि बाइक तो बी ब्रो ही चलाने वाले थे*

सबसे पहले दोनों कबीर भाई के घर पहुँचे पर कबीर भाई घर पर नहीं थे । पूछने पर पता चला की कबीर भाई तिन दिन से घर आये ही नहीं है।

''आखिरी बार आपने कबीर को कब देखा था ?'' *रेणुका जी की गंभीरता से पूछे गए सवाल ने कबीर भाई की माँ को डरा दिया*

*माँ* (डरते हुये) - कुछ गड़बड़ हुई है क्या ??

""अरे नहीं माँ जी बस ऐसे ही पूछ रहे है"" *बी ब्रो ने हँसते हुये कहा*

*माँ ने बी ब्रो को साइड में ले जाकर कहा --* देख बमु बेटा मुझे सच सच बता बात क्या है ?
ये लड़की कौन है ?

*ब्रह्मा ने काफी सोचने के बाद कहा -* वो माँ जी दरअसल ऋचा भी घर से गायब है ??

ब्रह्मा भाई को सच बताने की हिम्मत नहीं हो रही थी इसलिए उसने माँ से झूठ कहा ।
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"" *क्या!!!!* वो ऋचा भी गायब है । इस कर्मजले न तो मुझे कही मुँह भी दिखाने के लायक नहीं छोड़ा "" माँ रोते हुए बोली।

""माँ जी आप plz ये बात किसी को मत बताना ,पर अब ये बताओ आपने आखिरी बार उसे कब देखा था ?" *बी ब्रो ने कहा*

*आखिरी बार तो मैने उसे तब देखा था जब वो डॉ चिकुलम के पास जा रहा था ।* माँ ने कहा

*ये डॉ चिकुलम वही मनोचिक्स्टक न* ब्रह्मा ने पूछा
*हाँ हाँ वही ,पर मनोचिक्स्टक नहीं मनोचिकित्सक ।*माँ ने कहा।

*अच्छा ठीक है माँ जी* ये कहते हुये  ब्रह्मा भाई रेणुका जी के साथ वहाँ से निकल गए।

"अब हमे पहले डॉ चिकुलम से मिलना होगा " बी ब्रो ने रेणुका जी से कहा
""नहीं नहीं पहले अपने बाकि दोस्तों के पास चलो"" रेणुका जी के इस बात पर  बी ब्रो कुछ कहने वाले थे की तभी उन्हें ख्याल आया की वे बाइक चला रहे है और पीछे हिहिहिहि
😆😆😆

(मंसूबे खतरनाक है)हीहीही .
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बी ब्रो ,रेणुका जी के साथ बारी बारी से *प्रदीप ,अभिराज,प्रिंस,संजय* के घर गए पर पता चला तीन दिन से कोई भी घर पर नहीं है । उन्हें ये भी पता चला की सभी को कबीर ने कॉल कर के कही बुलाया था ।

बाइक चलते हुये दोनों डॉ चिकुलम की clinic की और जा रहे थे की तभी बी ब्रो ने ब्रेक मारा और चौकते हुये कहा -- *ये पाँचो के पाँचो गायब है कही मेरे घर के सामने मिलने वाले लाश इन पाँचो में से ही किसी के नहीं ??*
""हो सकता है ,पर पहले आप डॉ चिकुलम के clinic की और चलिए हम इस पर बाद में बात करेंगे ।""
रेणुका जी के कहने पर बी ब्रो ने बाइक आगे बढ़ाया ।

 ""हमे डॉ चिकुलम से मिलना है "" clinic में जाकर बी ब्रो ने एक staff से कहा ।

*ऊपर से दाँए पहला कमरा* स्टाफ ने दोनों को ध्यान से देखकर कहा
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. *रुको ब्रह्मा इस clinic में कुछ गड़बड़ है मुझे यहाँ बहुत सारी आत्माओं का आभास हो रहा है पहले ये लॉकेट पहन लो फिर चलते है ऊपर* लॉकेट देते हुये रेणुका जी ने कहा |

"May I Come in sir" डॉ चिकुलम के कमरे के बाहर जा कर बी ब्रो ने कहा ।

*हाँ हाँ आएये* उधर से एक डरावनी आवाज आई ।

"हेलो सर ,मेरा नाम ब्रह्मा है ..." ब्रह्मा भाई इतना ही कह पाये थे की उधर से डरावनी आवाज आई *ओह तो तुम्हारा नाम ब्रह्मा है ।तुम्हारी ज़िन्दगी का ज़्यादा दिन नहीं बचा हुआ है और न ही तुम्हारे दोस्तों का । सब मरेंगे । तुमने बहुत सताया है सबको अब तुम मरोगे । हा हा हा हा हा । मै तो तुम्हे आज रात को मारने वाला था पर अब जब तुम खुद आये हो हमारे पास, तो शिकारी शिकार को क्यों छोड दे ??*
डॉ चिकुलम ने हँसते हुये कहा -- हाहाहाहाहा
कबीर ये देखो हमारा शिकार खुद आया है आओ जरा काम तमामकर दो इसका ।

*पीछे एक दरवाजा खुलता है जिससे कबीर ,प्रदीप,संजय,सटकी ,प्रिंस सब बहार आते है । सभी के हाथ ,मुँह में खून लगे हुये थे । उन सब का चेहरा बहुत खतरनाक लग रहा था । वे लोग आगे बढ़ते ही जा रहे थे । की तभी अचानक रेणुका जी ने अपने बैग से एक छोटा सा गंगाजल का बर्तन निकाला और उसमे हाथ डालकर सभी पर गंगाजल का छिड़काव करते हुये बी ब्रो का हाथ पकड़ते हुये चिल्ला कर कहा -* भागो यहाँ से ।

ब्रह्मा भाई वहाँ से उठ नहीं रहे थे किन्तु रेणुका जी के खिंचाव के कारण उन्हें उठना पड़ा और भागना भी पड़ा । .
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*देखिये रेणुका जी वे मेरे दोस्त है हम उन्हें इस तरह छोड़ कर नहीं जा सकते* बी ब्रो ने कहा ।
*हाँ मालूम है पर हमे अभी तुरन्त घर पहुचना होगा*रेणुका ने कहा ।

ब्रह्मा के घर पर आकर रेणुका ने बोलना शुरू किया - देखिये ब्रह्मा जी ,आपने जिस तरह अपने सपने के बारे में बताया उससे यही लगता है की इस सपने को आपके उन सभी दोस्तों में से किसी ने आपको दिखया है जो शायद आपसे मदद मांग रहे थे या आपको सावधान कर रहे थे क्योकि आपके सभी दोस्तों के शरीर पर किसी और आत्माओं का कब्ज़ा है । डॉ चिकुलम ने ये कैसे किया मै नहीं जानती परन्तु इतना तो साफ़ है की इन सब के पीछे उसी डॉ का हाथ है और उसके अनुसार वो आज रात को आपको मारेगा । आपके दोस्त आपको जब मारने आएंगे तब मै उनके शरीर से उन सभी बुरी आत्माओ को निकाल सकती हूँ ।"

""रात का इंतजार क्यों करे हम अभी ही पुलिस लेकर वहाँ जाते है मेरे सारे दोस्तों की जान खतरे में है" बी ब्रो थोडा उत्तेजित होते हुये बोले ।

"वो इसलिए क्योकि आपके दोस्तों के शरीर से उन बुरी आत्माओं को निकालने के लिए हमें एक विशेष तंत्र जाल बिछाना होगा और अगर हम अभी गए तो आपके दोस्तों की जान भी जा सकती है और वैसे भी रात होने में मात्र दो घण्टे बचे हुये है । हम वहाँ जाकर उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। *रेणुका जी की इस सख्त आवाज ने बी ब्रो को रुकने के लिए मजबूर कर दिया*। .

।रात के 11 बज रहे थे पुरे मोह्हले में पुलिस वाले तैनात थे ,पहले से ही दो एम्बुलेंस और डॉक्टर को बुलाया जा चूका था ।रेणुका जी की तैयारी पूरी हो चुकी थी । मोह्हले में पसरी सन्नाटा किसी अनहोनी का संकेत दे रही थी । चारो ओर एक अनजाने डर का माहौल था ।मोह्हले में हर कोई अपने घरों में जाग रहा था । ब्रह्मा भाई अपने कमरे में सो रहे थे ।

तभी अचानक इस मरघट सी सन्नाटे को पाँच जोड़ी कदमो के सन्नाटे ने तोडा ।
सारे कदम बढ़ते बढ़ते ब्रह्मा भाई के घर तक आ चुके थे ।सारे के सारे दरवाजे पर बुरी तरह प्रहार करने लगे ।उन लोगो की ताकत के आगे दरवाजा टिक न सका ।वे सारे कदम बैखोफ अंदाज़ में ब्रह्मा भाई के घर में प्रवेश कर चुकी थी ।तभी सारे कदम अचानक रुक गये और पुरे घर का मुआयना किया । वे सारे कदम बढते चले गये । और बढ़ते बढ़ते ब्रह्मा भाई के कमरे तक पहुच चुके थे । पांच जोड़ी पैरो के सामने दरवाजा टिक न सका और वे आगे बढ़ते रहे ।ब्रह्मा भाई का बिस्तर की ओर बढ़ रहे कदमो के इरादे एकदम ख़ौफ़नाक था ।की अचानक सभी के कदम रुक गए सभी आगे बढ़ने की जी - तोड़ कोशीश कर रहे थे पर सभी के कदम आगे बढ़ ही नहीं रहे थे । .
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*रुक जा प्रेतात्मा , इससे आगे तू बढ़ नहीं सकती ये मेरा तंत्र जाल है । बता कौन है तू ?* रेणुका जी की पीछे से आ रही ये आवाज से पाँचो के पाँचो चौक गए । ब्रह्मा भाई उठ चुके थे ।कमरे को पूरी तरीके से पुलिस फ़ोर्स ने घेर लिया था ।

*नहीं बताऊंगा* - कबीर के गले से एक खतरनाक आवाज गूँजी ।

*नहीं बताएगा रुक तू* रेणुका ने गुस्से में कहा तथा सब के चेहरे में अभिमंत्रित जल का छिड़काव किया ।

सभी के सभी बहुत जोर जोर से चिल्लाने लगे सभी के जुबान से बचाओ बचाओ की आवाज आने लगी ।

*बता कौन है तू* रेणुका ने रौब से पुछा ।
*मै हूँ डॉ चिकुलम* कबीर की गले से आवाज आई
*और ये सब कौन है ?* रेणुका ने फिर पुछा ।

*ये सब मेरे गुलाम है*कबीर के गले से फिर से खतरनाक आवाज आई ।

*इन्हे तुमने गुलाम क्यों बनाया ?* रेणुका ने पुछा .
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*क्योकि इनका भी वही दर्द है जो की मेरा दर्द है* कबीर के शरीर से आवाज आई ।
*क्या दर्द है तेरा और इन सब का ?* रेणुका ने फिर पुछा
*इस कमीने ब्रह्मा और इसके दोस्तों ने हमे तकलीफ दी है* कबीर के शरीर से आवाज आई

*क्या चाहता है तू ?* रेणुका ने पुछा
*नहीं बताऊंगा* उधर से चिल्लाती हुई आवाज आई ।
रेणुका ने उन पर फिर से अभिमंत्रित जल का छिड़काव किया।
*मै इस कमीने ब्रह्मा को मारना चाहता हूँ |* कबीर के गले से गुर्राती हुई आवाज आई ।

*क्यों मारना चाहता है तू इसे* रेणुका ने फिर पुछा ।

*इसने तकलीफ दी है मुझे* कबीर के शरीर से आवाज आई।

*कैसी तकलीफ* रेणुका ने फिर पुछा । .
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*हा हा हा हा ।ये दो टका का कमीना और इसके दो कमीने दोस्त कहानियाँ लिखते है । गन्दी गन्दी कहानियाँ । हर कहानी में मेरी इज्जत नीलाम कर देते है ये कमीने मेरे गुलामो का रायता बना दिया जाता है ।पता नहीं इसे कोई और नहीं मिलता क्या ।इसी इसी कमीने और इसके दोस्तों की वजह से हर जगह मेरी बेइज्जती होती है ।कही पर मै चैन से नहीं बैठ पाता हूँ ।हर समय कॉल आती है मुझे ""क्या ब्रह्मा की कहानी सच तो नहीं है ?"" मेरे दादा परदादाओं के मेहनत से बनाई गयी इज्जत का मटियामेट कर दिया है इसने ।मेरे ससुराल वाले भी ये सब कहानियाँ पढ़ कर ऋचा से कहती है की "बेटी इससे से शादी मत कर गे है ये कबीर?"  COP में भी हमेशा सब कोई मुझसे शादी न होने का कारण पूछते है ? अरे वो पानवाला भी मुझे देख के हँसता है ।मुझ जैसे शरीफ के सराफत का इन सभी ने कहानी लिख -लिख के मर्डर कर दिया है ।ज़िन्दगी बर्बाद कर दिया है इन कहानियो ने मेरा सारे रिलेशन में हर जगह मेरी इज्जत का कबाड़ कर दिया है इस कमीने और इसके दोस्तों ने ।*
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*मेरी ज़िन्दगी से भी बदतर हो गयी है मेरे गुलामो की ज़िन्दगी ।अरे सटकी को तो अब हर कोई सनी लियोन समझता है कोई भी लड़की इसके पास भी नहीं आती है डर से । वो कोठे वाली तो इसे देखकर ही अपनी मकान बंद कर लेती है । one two क्लास की छोटी छोटी बच्चीया भी इन्हे देखकर भाग जाती है । हमारे मोह्हले के दो पिल्लो की माँ जो आजकल हमारे मोह्हले की रखवाली करती है सटकी के सामने कपडे पहन कर आती है।इनके घर वाले भी इन्हे देखकर परेशान हो जाते है  ।इनकी ज़िन्दगी सोनागाछी में रहने वाली वेश्याओ से भी बुरी हो गयी है और ये सब हुआ इस दो टके के कमीने लेखक और इसके दोस्तों की कहानियों की वजह से ।*
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*अरे क्या गलती थी बेचारे संजय की ,इसकी तो पूरी ज़िन्दगी को नर्क बना के रख दिया है इस कमीने और इसके दोस्तों ने अपनी कहानियो से । अब तो हर कोई न सिर्फ इसे #आशाराम बोलता है बल्कि अब हर कोई इसे ही बाबा आशाराम ही समझता है ।अरे आजकल खुद को छिपाने के लिए मंदिरो में रहता है पर वहाँ पर भी कोई इससे बात नहीं करता मजबूर होकर अपनी DP में भी इस बेचारे ने मंदिर का फ़ोटो लगाया है ताकि किसी से तो बिना अपनी शक्ल दिखाए ये बात कर सके। अभी पिछले सप्ताह ही इस बेचारे ने अपनी पुरानी gf की शादी करवाई #बाबा बन कर आषीर्वाद भी देना पड़ा इसे ।आखिर इससे भी बुरा कुछ हो सकता है।हर तरफ संजय को बाबा बनाकर फैला दिया है इन कमीनों ने ।कोई भी अपना इससे बात नहीं करता बस सब आषीर्वाद मांगते है ।अरे ये बोलते बोलते थक गया है की खुश रहो खुश रहो ।हँसते खेलते लड़के को सिद्ध सन्यासी बना दिया कमीनों ने अभी तो इसकी ज़िन्दगी बाकि थी । मरने से पहले मार दिया इस बेचारे को इस कमीनें  और इसके दोस्तों की  कहानियो ने ।* .
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*इस बेचारे प्रदीप का क्या इतना ही दोष था की इन्होंने खुद को Cop से जुड़वाया ।हर सुबह इनके घर के बाहर लाइन लगती है गैस भरवाने के लिये ।हद तो तब हो गयी जब एक गैस दुकानदार ने इन्हे पाँच दिनों तक चारो तरफ से बंद कमरे में रखा और अभी तक वो गैस वाला वही कमरे वाला गैस बेच रहा है ।#पादू बोल बोल कर जीना हराम कर दिया इसका ।पिछले सप्ताह एक बस सवारी कर रहा था ये बेचारा की अचानक गैस निकलना शुरू हो गया अभी तक कोमा में है सभी के सभी । आजकल कोई भी इनके आस पास नहीं आता कोई भी इससे बातचीत नहीं करता हर कोई इसका मजाक उड़ाते है ।gf भी एक रात गलती से कमरे में रह गयी सुबह पूरा का पूरा कोयला बन कर निकली । अब क्या मतलब रह गया है इस ज़िन्दगी का । और ये सब कुछ हुआ इन मुट्टीबंद कंगाल दो टकेे लेखको की वजह से ।* .
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*मैने कहा था की प्रिंस भाई को तो छोड दो पर हमेशा उनका मजाक उड़ाया हर कोई उनके पतले दुबले शरीर को देखकर उन्हें कौआ कह कर बुलाया करते थे ।सुबह शाम जहॉ भी जाते थे , सब उन्हें देखकर अपशगुन मानते थे । घर में हमेशा क्लेश रहने लगा । अरे बाथरूम से भी निकलना दूभर हो गया था इनका । कोई भी इनका शक्ल तक देखना पसन्द नहीं करता था ।क्या करता ये बेचारा कोई विकल्प ही नहीं बचा था चला गया न west bangaal ।*
*पर वहाँ पर भी इनकी ज़िन्दगी की बेंड बज गयी हर कोई वहाँ पर भी इन्हे कौआ कौआ कह कर बुलाता है । और इस सब का सब ,हम पाँचो की ज़िन्दगी को बर्बाद किया इन फटेहाल लेखको ने । पर चिन्ता की कोई बात नहीं दो को तो मार चूका हूँ अब आखिरी यही कमीना बचा है ।*

हह्ह्ह्ह्श *अब नहीं बचेगा ये कमीना हाहाहाहा* इतना कहकर कबीर भाई ने लंबी गहरी सांस ली ।
इतनी दर्दनाक कहानी सुनकर सभी के आँखों में आँशु आ गए थे ।

*पर तुम तो चिकुलम हो फिर तुम्हे कबीर की समस्याओ से क्या दिक्कत है* रेणुका ने तर्क करना चाहा ।

*हा हा हा हा कबीर आया था मेरे पास , इसकी शादी नहीं होने के कारण ये बहुत डिप्रेसन में था मैने जब डिप्रेशन का कारण जाना तब मैने इसकी मदद की ठान ली ।मैने पहले भी अनेक लोगो की मदद की है । और मै अभी अपना डॉक्टर धर्म निभा रहा हूँ । इस ब्रह्मा को कोई नहीं बचा सकता । अब मै ही कबीर हूँ और मै ही डॉक्टर चिकुलम ये गुलाम मेरे cilinc के स्टाफ़ है ।* कबीर ने हँसते हुये कहा ।

*तुम और तुम्हारे स्टाफ ...? तुम सब तो ज़िंदा हो फिर तुम सब प्रेत योनि में कैसे आ सकते हो ?* रेणुका ने फिर तर्क किया ।

*हाहाहाहाहा हम सब मर चुके है पिछले साल हमारे cilinic पर डकैतों ने डाका डाला था और हम सभी को मार दिया परन्तु हम सब ने उनका भी इलाज किया और अभी भी मरीजो का इलाज कर रहे है ।* कबीर ने फिर हँसते हुये कहा । .
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*अब तू किसी का भी इलाज नहीं करेगा डॉक्टर* ये कहते हुये रेणुका ने पांच कांच के बॉटल सामने रखे और तरह तरह के मन्त्र का उच्चारण करने लगी तथा उन पाँचो के शरीरो पर अजीबोगरीब चूर्ण फेकने लगी जिससे उन सभी के शरीर से धुँवा निकलने लगा  । पुरे कमरे से अजीबोगरीब आवाजे आने लगी ।

हँसने की रोने की चिल्लाने की गरजने की और भी कई तरह की आवाजे फिर अचानक उन पाँचो के शरीर से निकलने वाला धुआँ उन पाँचों बोतल में घुसने लगा उसके बाद रेणुका ने जल्दी से सभी बोतलों को बंद किया । *कबीर ,प्रिंस,प्रदीप,अभिराज,संजय*सभी बेहोश हो गए ।

रेणुका ,ब्रह्मा के साथ सभी पुलिसवाले ने चैन की साँस ली । .
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.बी ब्रो की माँ कमरे में आ चुकी थी उन्होंने ब्रह्मा भाई के सिर पर हाथ फेरना शुरू किया।

*अच्छा तो ब्रह्मा जी मै चलती हूँ आप इन सभी को हॉस्पिटल पंहुचा दीजिये मैने इन्हे चेक कर लिया है ये लोग ठीक हो जायेंगे ,ये लीजिये एम्बुलेंस वाले आ ही रहे है । और हाँ कहानी जरा सोच समझ के लिखियेगा* ये कहते हुये रेणुका जी कमरे से बाहर आ गयी ।
जैसे ही रेणुका जी कमरे से बाहर आई कमरा जिसका की दरवाजा टूट चूका था अपने आप ठीक होकर बंद हो गया ।

*अब तेरा क्या होगा कमीने ब्रह्मा, आज तो तू मर कर ही रहेगा ,डॉक्टर के काम को उसका दाँया हाथ #शिवा पूरा करेगा हा हा हा* आवाज माँ के गले से आ रही  थी जो की ब्रह्मा भाई के गले को दबा रही थी ।

*माँ माँ ये क्या  कर रही हो ?? रेणुका जी रेणुका जी मुझे बचाइये* दबती हुई ब्रह्मा की इस आवाज को रेणुका जी सुन चुकी थी ।

*ब्रह्मा जी आपकी माँ के शरीर में उस प्रेत के साथ आपकी माँ भी है । आप अपनी माँ को बुलाइये ,एक माँ कभी भी अपने बेटे का खून नहीं कर सकती है । उन्हें जगाइए उन्हें बुलाइये । हम दरवाजा खोलने की कोशिश करते है ।* रेणुका जी ने बाहर से कहा। .
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*माँ माँ , मै आपका बेटा बमु हूँ माँ ... माँ सुनो माँ मै बमु हूँ। मुझे भूख लगी है माँ ...आज दिनभर से मैने कुछ खाया नहीं है माँ । दिनभर इधर से उधर भागदौड़ कर रहा हू । माँ plz माँ कुछ खाने को दो plz माँ ।* बी ब्रो के इस भावुक आवाज और उनके आँखों से गिरते आंशुओं ने माँ को जगा दिया माँ भी रोने लगी । माँ ने बी ब्रो के गले को छोड़ दिया तभी बी ब्रो ने फुर्ती से जाकर दरवाजा खोला । रेणुका जी तुरन्त अंदर आई और अपने तंत्र मन्त्र से माँ का इलाज करने लगी ।कुछ देर में रेणुका जी ने शिवा को भी बोतल में कैद कर लिया ।


 *कबीर, प्रदीप ,प्रिंस,सटकी,संजय*  सब को हॉस्पिटल ले जाया गया सब के सब एक सप्ताह में ठीक हो गए।

















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अब तो बस इंतजार है *ब्रह्मा भाई* के अगले कहानी का










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