Friday, 24 June 2016


11 सितम्बर 2015,Unknown place, Madrid, Spain मैड्रिड की सड़कों पर तेज बारिश हो रही थी। दो लड़के रेनकोट पहने जल्दी से छिपकर भागे जा रहे थे।
एक पुलिसवाला उनका पीछा कर रहा था।
"जल्दी भागो, इधर.. इस गली में आओ.."
"चलो वहाँ सामने से"
दोनों एक गली में घुसे और फिर पुलिसवाले को नजर नहीं आए।

chapter- 01
प्रारंभ
10 अगस्त 2015,Alcorcon,Madrid Spain
"अब्राह्नन जार्विस, टेनिस की दुनिया में स्पेन का एक और उभरता हुआ सितारा, अब्राह्नन ने हाल में ही मैड्रिड मास्टर्स का खिताब जीता है और कोपा सेविला के भी फाइनल तक पहुँचे । हम स्पेन के लोगों को ये उम्मीद..."
किसी ने टीवी का प्लग खींच दिया और आवाज बंद हो गई ।

"फ्रेड, टीवी क्यों बंद किया ?"
"मि जार्विस, आपको एक नए कोर्ट पर प्रैक्टिस के लिए जाना है और ये बातें आपसे बेहतर कौन जानता है कि आपने कब कौन सा कप जीता है?"

"हाँ,मुझे लगा कि वो बताएँगे कि मेरी एटीपी रैंकिंग पाँच स्थान बढ़ गई है और हम अब्राह्नन से मि जार्विस कब हो गए?"

"अभी अभी हुए हो और जल्द ही हट भी जाओगे, पर तुम्हारी रैंक बढ़ी है ये टीवी पर देने से क्या फायदा? किसी और को जानना है क्या? "
"चलो यार" अब्राह्नन हल्के से मुस्कराया और फ्रेड के साथ चल पड़ा ।
अभी अभी दो महीने पहले जब अब्राह्नन ने मैड्रिड मास्टर्स जीती थी तो उसे कई लोगों ने बधाईयाँ दी थी जिसमें निश्चित रूप से उसे सबसे अधिक सारा का बधाई देना पसंद आया था जिसने उसे मीठे स्वर में कांग्रेट्स कहा था और हाथ मिलाया था।

सारा उस मैच में फिल की टिकट पर आई थी पर मैच के बाद उसने उससे सहानुभूति भी नहीं जताई जो अब्राह्नन के लिए मैच का सर्वश्रेष्ठ पल था और फिल के लिए सबसे बुरा।
सारा फिल के दोस्त मार्शल्स की कजिन भी थी।
इन पलों को याद करते हुए अब्राह्नन ने अपना रैकेट लिया और बाहर निकल गया।
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Chapter- 02
मैजिकल रैकेट
फिल ने अपनी प्रैक्टिस से वापस आकर रैकेट रखा और सामने वाले कमरे की तरफ बढ़ गया । कमरे में उसके दो दोस्त मार्शल्स और रोजर्स पहले से बैठे थे।
"उसने जो कुछ भी किया, जिन मैचों को जीता उस रैकेट से ही जीता।वो सचमुच कोई प्रतिभाशाली खिलाड़ी नहीं है।"
रोजर्स उन्हें बता रहा था।
"हाँ उस रैकेट के बारे में तो मैंने भी सुना है" फिल ने कहा ।
"तो वह कोपा सेविला में कैसे हार गया? " ये मार्शल्स की आवाज थी।
"क्योंकि उसके पास वो रैकेट नहीं था। रैकेट्स बदल गए थे।"रोजर्स ने जवाब दिया ।
"पर अगर किसी के पास जादुई रैकेट है तो वो तो उसका अच्छे से ख्याल रखेगा न ताकि वो कहीं खो न जाए?वो बदले कैसे गए ?"
"अगर किसी ने जानबूझकर चालाकी से बदला हो तो?"रोजर्स ने हल्की सी मुस्कान दी।
"और वो मैड्रिड में क्यों जीता? "
"उसे समय नहीं मिला "
"मैं जानता हूँ तुम पूछोगे कि मैं ये कैसे जानता हूँ? क्योंकि ये अदला बदली करने वाला शख्स मैं ही था। उसके फ्लैट में चोरी से दाखिल होना कोई बड़ी बात नहीं मेरे लिए । मैंने रैकेट्स फाइनल में ही बदले क्योंकि मैं चाहता था कि फिल उसे हराए ।" रोजर्स के जवाब पर खामोशी छा गई ।
"तुमने अपने प्लान और रैकेट के बारे में पहले नहीं बताया? "फिल ने दोबारा पूछा ।
"मुझे लगता है ये ही सही समय था और मुझे ये भी लगता है कि देर हो रही है । मैं रैकेट के बारे में और जानकारी जुटाता हूँ ।तुम भी कोशिश करना"रोजर्स ने कहा और चल दिया ।

"ये रोजर्स भी कमाल का आदमी है ।इतना बड़ा काम ये अकेले कर रहा था"फिल ने प्रशंसनीय स्वर में कहा ।
"हाँ वो तो है ही पर ये बंदा थोड़ा रहस्यमयी लगता है । लंबे बाल,घनी मूंछे दाढ़ी। अचानक चौंका देना, सबसे छुपाकर काम करना और सबसे बड़ी बात अपने बारे में कुछ न बताना"
मार्शल्स ने कहा ।
"हम्म्म पर मुझे इससे दिक्कत नहीं है। मैं उससे ये सब भी पूछ ही लूँगा।
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Chapter-03
सारा बेल
11 सितम्बर 2015,alcorcon,Madrid, Spain
अब्राह्नन और सारा धीरे धीरे एक दूसरे के अधिक करीब आने लगे। जल्द ही अब्राह्नन ने सारा से अपने प्यार का इजहार कर दिया जिसे सारा ने खुशी खुशी स्वीकार कर लिया । उसकी जिंदगी में सब कुछ अच्छा चल रहा था।कुछ दिनों में वैलेंसिया ओपेन होने वाला था और बाकी खिलाड़ियों की तरह वो भी जम के मेहनत कर रहा था।पर एक शाम कुछ ऐसा घटा जिसने इसकी जिंदगी में भूचाल ला दिया....

दरवाजे पर दस्तक हुई।
"आ जाओ"
फ्रेड दरवाजा खोलकर अंदर आ गया ।
"मैं तुम्हें कुछ दिखाना चाहता हूँ अब्राह्नन"
"हाँ दिखाओ"
"आओ इधर" फ्रेड ने उसे इशारे से बुलाया।
"तुम सारा से प्यार करते हो न?"
"हाँ बिलकुल " अब्राह्नन ने जवाब दिया ।
"सही है.... और वो भी तुमसे प्यार करती है?"फ्रेड ने हल्के व्यंग्य से पूछा।
"हाँ लेकिन..."
" ये गलत है, ऐसा सिर्फ तुम सोचते हो।"
"क्या??? तो वो किससे प्यार करती है? फिल से?"अब्राह्नन ने गुस्से,हैरानी और व्यंग्य का मिला जुला भाव दिखाया।
"हो सकता है पर तुमसे तो नहीं करती"
"कैसे कह सकते हो तुम ये?"
"इसे सुनो" फ्रेड ने अपना फोन उसकी तरफ बढ़ा दिया ।
"कहां मिला ये तुम्हें?"
"सारा ने मुझसे मेरा फोन एक काॅल करने के लिए लिया था और नम्बर डिलिट कर दिया। मुझे थोड़ा शक हुआ तो मैंने वाॅयस काॅल रिकॉर्ड्स देखे।प्ले करने पर सारा और एक लड़के की आवाज सुनाई दी।मैंने सुना और...."
अब्राह्नन ने उसे प्ले किया ।
फोन पर सारा थी जो किसी लड़के को ये बता रही थी कि वह अब्राह्नन के घर पर है पर अब्राह्नन वहाँ नहीं है और वह मैजिकल रैकेट को ढूँढने की कोशिश कर रही है।
रिकॉर्ड सुनने के बाद अब्राह्नन बिलकुल खामोश हो गया।
"वह... किस र...रैकेट के बारे में बात कर रही थी?"अब्राह्नन ने पूछा।
"जादुई रैकेट"
अब्राह्नन की आंखों में मौजूद आंसू अब उसके चेहरे पर बहने लगे थे।
"मैं अब भी विश्वास नहीं कर पा रहा ।सारा यहाँ मुझे हराने के लिए..."
"ठीक है अब्राह्नन,तुम्हें विश्वास हो जाएगा।आज रात तुम मेरे साथ उसके घर चलना"
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Chapter-04
सारा का सच
Phil's house,Madrid, Spain
11 September 2015,Madrid, spain
कई दिनों के बाद आज फिर से तीनों दोस्त फिल, रोजर्स और मार्शल्स फिल के घर बैठे थे।
"कहां थे तुम रोजर्स? " मार्शल्स ने पूछा।
"बस व्यस्त था, तुमलोगों ने उस रैकेट के बारे में कुछ और पता किया? "
"नहीं, कहीं से जानकारी नहीं मिली"
"हाँ जैसा मैंने सोचा था,उसने ये जानकारी किसी को नहीं बताई होगी"
"तुमने कुछ पता किया रोजर्स?"फिल उसे उम्मीद भरी नजरों से देख रहा था।
"हाँ मैंने लगभग सब कुछ जान लिया है, मैं जल्द ही उसे तुम्हें सौंप दूंगा"
"कैसे पता कर लेते हो यार इतना?हमें तो कोई जानकारी नहीं मिलती"
"उसका कोई करीबी,मेरा बहुत करीबी है"
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Sarah's house,Madrid, Spain
11 September 2015, Madrid, Spain
"आवाज मत करो अब्राह्नन, धीरे चलो"फ्रेड ने धीमी आवाज में कहा।

तभी अब्राह्नन चौंक गया जब फ्रेड ने एक पिस्तौल निकाल ली।
"ये.. क्या है? हम उसे जान से मारने जा रहे हैं?"अब्राह्नन ने हैरान होते हुए पूछा ।
"ये नकली है, हम उसे ये दिखाकर डराएंगे और सारा सच हमारे सामने होगा"
"तुम्हें ये दिया किसने?"
"हरबर्ट को जानते हो न तुम? मेरा इंडियन दोस्त?"
"अच्छा वो हरबर्ट अग्रवाल , हाँ जानता हूँ "
"आओ फिर"
दोनों सारा के फ्लैट के बाहर खड़े थे।सारा अकेली रहती थी।
फ्रेड ने दरवाजे पर दस्तक दी।
सारा दरवाजा खोलने बाहर आई और दोनों को देख के आश्चर्यचकित हो गई।
"तुम लोग इतनी रात में,आओ अंदर"
सारा इस बात से और परेशान हो गई क्योंकि दोनों अच्छे मूड में नहीं दिख रहे थे।
"क्या हुआ अब्राह्नन? तुम परेशान दिख रहे हो" सारा ने पूछा।
"हाँ क्योंकि मैं परेशान हूँ"
"क्या कारण है?"
"तुम" अब्राह्नन के शांत मस्तिष्क पर क्रोध ने आधिपत्य जमाना प्रारंभ कर दिया था।
"मैं...?कैसे? "सारा अब बहुत परेशान दिखने लगी थी।
"ये नाटक छोड़ दो सारा, तुम्हारा सच अब हम जान चुके हैं,
बस हम पूरी बात जानना चाहेंगे" फ्रेड ने कहा।
"कैसा सच?मैं कुछ नहीं जानती, अब्राह्नन, तुम बताओ ये क्या..."
"मुझे धोखा देने का सच"
"मैंने तुम्हें धोखा कब दिया अब्राह्नन और कैसे कह सकते हो तुम ये बात?" सारा भी क्रोध में थी।
"चुप रहो सारा, तुम्हें याद है वो फोन काॅल जो तुमने मेरे फोन से की थी? उसी ने तुम्हारा भेद खोल दिया है। तुम अब्राह्नन से प्यार करती ही नहीं थी,तुम तो किसी और की मदद के लिए यहाँ आई थी। शायद फिल...." फ्रेड अपनी बात पूरी कर पाता इससे पहले लोहे का बक्सा उसके चेहरे से टकराया और वह गिर गया। उसके सिर से खून निकल रहा था।
"मैंने कहा न चुप रहो।मैं उस फिल से प्यार नहीं करती" सारा की आँखों में दृढ़ संकल्प और तेज गुस्सा साफ दिख रहा था।
"मैंने तुम्हें धोखा नहीं दिया अब्राह्नन"
"इसका विश्वास मत करना अब्राह्नन।ये जिससे प्यार करती है उसी के दोस्त को जान से मार डालना चाहती है" फ्रेड चिल्लाया।
सारा ने एक और बक्सा उठाया पर उससे पहले अब्राह्नन ने पिस्तौल निकाली और ट्रिगर दबा दिया ।
सचमुच की बंदूक चलने की आवाज हुई और सारा जमीन पर लुढ़क गई । गोली उसकी दांई आँख के ऊपर लगी थी।
"ये क्या किया तुमने अब्राह्नन? तुमने सारा को मार दिया"फ्रेड ने चिल्लाकर कहा।
"तुमने तो कहा था कि बंदूक नकली है।इसमें रबर की गोलियाँ हैं"
"हाँ ये नकली ही थी, पर ये... बंदूक कैसे बदल दिए गए"
अब्राह्नन सारा की लाश के पास बैठा था, बिलकुल शांत,जैसे ये फैसला नहीं कर पा रहा कि क्या करना चाहिए।
पर तभी दरवाजे पर हुई दस्तक ने उसे बता दिया कि अब क्या होना चाहिए ।
"दरवाजा खोलो, मैंने गोली चलने की आवाज सुनी थी"
कोई आ गया था।
अब्राह्नन ने खिड़की से देखा। खाली दोमंजिले इमारत से बाहर गाड़ियों से भरी सड़क पर कूदा नहीं जा सकता था ।
फ्रेड खड़ा हो गया था। उसने दरवाजा खोला। सामने पुलिसवाला था। दोनों ने जल्दी से उसे धकेला और भाग गए।
बाहर अब तेज बारिश हो रही थी। पुलिसवाले ने कुछ दूर तक उनका पीछा किया पर दोनों भागने में सफल रहे ।
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Chapter-05
अगली सुबह
12 सितम्बर 2015,Madrid,Spain

दोनों दोस्त भागकर अब्राह्नन के घर पहुँचे। दोनों बिलकुल शांत थे। जानते थे ये अपनी ही गलती है।पर जो कुछ उन्होंने किया क्या वो गलत था?
सारा ने उसे धोखा दिया था। उसने जिससे वह बेहद प्यार करता था।हाल फिलहाल उसके लिए इससे बुरी चीज कुछ भी नहीं हो सकती थी। अब्राह्नन के मस्तिष्क में ये विचार घूम रहे थे।
किसी की आँखों में नींद नहीं थी।
क्या होगा इसके बाद? क्या वे पकड़ लिए जाएँगे? क्या अब्राह्नन फिर कभी टेनिस खेल सकेगा?अगर खेल भी सका तो क्या वो पहले की भांति खेल सकेगा?
इन सबका एक ही जवाब था... पता नहीं...
या शायद था, जो सभी को अगली सुबह पता चल जाने वाला था।
ये सब सोचते सोचते थके हुए अब्राह्नन की आँखे भारी होने लगीं और निद्रा ने उसे अपने आगोश में ले लिया।
सुबह अब्राह्नन की नींद खुली। उसने पलटकर देखा पर फ्रेड वहाँ नहीं था।आस पास देखने पर भी फ्रेड नहीं दिखाई दिया।
अपार्टमेंट से नीचे उतरने पर किसी ने बताया कि फ्रेड पुलिस स्टेशन गया है।
फ्रेड पुलिस स्टेशन गया है।लेकिन क्यों? क्या वो बताने गया है कि मैंने सारा का खून कर दिया है ।नहीं, फ्रेड ऐसा नहीं कर सकता, वो दोनों कई सालों से अच्छे दोस्त थे।शायद सबसे अच्छे... शायद....
अब्राह्नन जल्द ही पुलिस स्टेशन पहुँच गया । वहाँ फ्रेड लाॅक अप में बंद था। इजाजत लेकर वह फ्रेड के पास पहुँचा ।
"क्या हो गया फ्रेड? उन्होंने तुम्हें यहाँ क्यों बंद किया है?"
"यहाँ से चले जाओ अब्राह्नन मैं नहीं चाहता कि मैं तुमसे बात करूँ और उन्होंने मुझे बंद नहीं किया ।मैं यहाँ अपनी मर्जी से हूँ " फ्रेड ने एक बेहद हैरानी भरा जवाब दिया।
"क्या?अपनी मर्जी क्यों ?"
"क्योंकि मैंने अपना जुर्म कुबुल कर लिया है"
"कैसा जुर्म? क्या किया है तुमने?"
"मैंने कहा न मैं तुमसे बात नहीं करूँगा"
"पर क्यों?"
"क्योंकि तुमने मेरी सारा को मार दिया,अब्राह्नन"
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Chapter-06
प्रेम त्रिकोण
12 September 2015,Aranjuez,Madrid,Spain

अब्राह्नन मुड़ा और वापस जेल अधिकारी के पास पहुँचा ।
"क्या जुर्म किया है फ्रेड ने?"
"उसने मुझे सब तुम्हें ही बताने के लिए बताया है।बैठ जाओ"
अधिकारी ने कहा ।
"अब पूछो, क्या पूछना है?"
"फ्रेड जेल में क्यों बंद है? उसने क्या किया है?"
"सारा नाम की लड़की की हत्या"
"क्या? उसने सारा की हत्या ... पर.."
"इसके अलावा उसने तुम्हें धोखा भी दिया और भ्रमित किया"
"ये आप क्या कह रहे हैं? वह ऐसा क्यों करेगा? मुझे... आप शुरू से सारी बातें बताइए जो उसने आपसे कही"
"देखो... फ्रेड यहाँ आधी रात को आया.. उसने कहा कि वह किसी का खून करके आया है। उसने कहा कि उसने किसी सारा नाम की लड़की का खून कर दिया है, फिर उसने ये भी बताया कि वह तुम्हें..."
"रूकिए,क्या आप मुझे सीसीटीवी फुटेज दिखा सकते हैं?"
"हाँ बिलकुल, आओ"
वह कंप्यूटर के पास गया और उसने एक वीडियो प्ले कर दिया ।
फ्रेड पुलिस अधिकारी के सामने बैठा था।
"तो बताइए मिस्टर फ्रेड फ्रेडरिक, क्यों मारा आपने सारा को?"
"जानबूझकर नहीं मारा मैंने उसे"
"और अब्राह्नन? "
"शुरू में मैं उसका बहुत अच्छा दोस्त था,पर धीरे धीरे उसकी कामयाबी से मैं जलने लगा उससे।हर बार उसकी ही तारीफ, उसी को तवज्जो मिलती और मैं? मुझे कोई पूछने वाला नहीं था। पर फिर भी मैंने कभी उसका बुरा नहीं चाहा। पर तब तक जब तक सारा उसकी जिंदगी में नहीं थी। जब मैंने सारा को देखा,तब से ही मैं उसका दीवाना हो गया पर वो तो अब्राह्नन के पीछे पागल थी।ये बात मैं नहीं सह सका"
फ्रेड थोड़ा रूका और फिर बोलना शुरू किया।
"मैं बस चाहता था कि अब्राह्नन और सारा अलग हो जाऐं और सारा मेरे साथ आ जाए।मैंने ही फेक काॅल रिकॉर्ड बनाया। प्लान के मुताबिक अब्राह्नन सारा से अलग होना चाहने लगा पर रात को सब गड़बड़ हो गया। मैंने अपना असली बंदूक गलती से ले लिया ।एक पिस्तौल मैं हमेशा साथ में रखने लगा था जबसे मैंने डबल एजेंट बनना शुरू किया ।मैं ही रोजर्स था, मैंने फिल को मैजिकल रैकेट की झूठी बात बताई क्योंकि मुझे उससे पैसे चाहिए थे।उसने मेरी बात पर विश्वास कर लिया और आगे की जासूसी के लिए ढेर सारे पैसे दिए। उन पैसों से मैं अपना और सारा का भविष्य सुरक्षित करना चाहता था।फिल से मैं इसलिए भी नफरत करता था क्योंकि वो भी सारा को चाहता था।पर जैसा मैंने कहा रात में सब कुछ खत्म हो गया । मैंने गलती से सारा पर गोली चला दी और..... फिर तो कुछ बचा ही नहीं था।मेरा उद्देश्य ही खत्म हो गया था। तब मुझे महसूस हुआ कि अब मैं इस समाज में नहीं रह पाऊंगा और मैं यहाँ आ गया"
सारी बातें सुनने के बाद अब्राह्नन फिर से फ्रेड के पास गया ।
"तुमने मुझे क्यों बचाया?"
"अगर मैं तुम्हारे बारे में बता देता तो वे तुम्हें भी यहीं बंद कर देते और मैं तुमसे दूर जाना चाहता हूँ जितना जा सकूँ । बेहतर होगा तुम भी चले जाओ,जितनी जल्दी जा सको"
फ्रेड ने जो कारण दिया था वो बिलकुल वाजिब था।पर क्या ये सच भी था..? कौन जाने...
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