Tuesday, 14 June 2016

मौत का खेल अंतिम भाग....' खतरों के खिलाड़ी'
TODAY · ONLY ME
अब तक आपने पढ़ा कि विक्टोरिया के किले में एक ओर ध्रुव चंडिका प्रेतों का सामना कर रहे हैं दूसरी ओर विक्टोरिया और लोरी.ध्रव चंडिका वज्रप्रेत से निपट रहे हैं और विक्टोरिया लोरी पर भारी पड़ रही है.क्या हुआ उनकी जिंदगियों को? क्या मौत से बच पाये हमारे....

**खतरों के खिलाड़ी**

ध्रुव-" ये वज्र. तो का ऊर्जा रूप है.उसका शरीर कहां है?"

वज्र.-" प्रेतों के बारे में तुझे बहुत ज्ञान है शायद.मेका शरीर किले के गुप्त कमरे में है.मैं जब तक वहां से अपना ऊर्जारूप प्रक्षेपण कर रहा हूं तब तक मैं अमर हूं!"

चंडिका-" अब प्रेतों लॉजी क्यों समझा रहे हो ध्रुव? इससे निपटने का मार्ग सोचो"

ध्रुव-( ललकारते हुये) " क्या यही तुम्हारी प्रेतगिरी है? दो साधारण मानवों पर ऊर्जारूप छोड़ना? सशरीर आने में डर लगता है क्या?"

वज्र.-" सशरीर आया तो तुम दोनों डरोगे .प्रेतों को डर नहीं लगता बल्कि हमसे तेरे जैसे छछुंदरों को लगता है"

ध्रुव-" वाह रे तेरी प्रेत गिरी!( तड़ित वार को उछलकर बचाते हुये) हम छछूंदर हैं तो शरीर के साथ आ और हमको मार.वरना प्रेत होने का घमंड त्याग दे"

चंडिका-(धीमी आवाज़ में)-" इससे क्या बहस कर रहे हो? इससे निपटने का रास्ता सोचो."

ध्रुव-" वही कर रहा हूं.( तेज़ आवाज़ में) अरे ओ वज्रप्रेत की छटी औलाद! यदि तुममें हिम्मत हो तो सशरीर आकर हमें मारकर दिखाओ!"

वज्र-( गुस्से से आग बबूला होकर)" तू मुझे चुनौती दे रहा है? मुझे? चल तेरी आखिरी ख्वाहिश भी पूरी कर देता हूं( वज्रप्रेत अपना शरीर लेने किले के एक ओर चल पड़ा)

चंडिका-" ये क्या कियी तुमने?"

ध्रुव-" कुछ नहीं, बस इसके अहंकार को छेड़ दिया है.इसका ईगो हर्ट हो गया .अब ये सशरीर आयेगा तब हमारे वार इस पर असर करेंगे"

चंडिका-" वाह ध्रुव! यू आर जीनियस.तुमने इसका ईगो हर्ट कर दिया अब शायद इसका अहंकार ही इसे ले डूबेगा"

तभी, उनके सामने एक आकृति प्रकट हुई.उसके बड़े बड़े सींग थे.कटिवस्त्र.भयानक मुखमंडल.वो कोई और नहीं , बल्कि सशरीर वज्र. था. वज्र-" मैं आ गया हूं कीड़ों! अब तुम्हारा अत निकट है!"
तड़ित वार करता है और दोनों उछलकर बचते हैं

ध्रुव छलावे की तरह बिजली की बौछारों को छकाता हुआ वज्र . की तरफ बढ़ा और शानदार ड्रॉप किक उसके पैरों पर मारी.उसके घुटने हिल गये.और उसी समय चंडिका किसी WWE टैग टीम पार्टनर की तरह उछली और एक फ्लाइंग किक वज्र. के जबड़े पर मार.और उसे गिरा दिया.

वज्र.-" कोशिश अच्छी है चमड़ों के जूते तुमको झटकों से बचा रहे हैं.पर कब तक बचोगे?" वज्रप्रेत का हाथ उठा और मांस के बने उड़न प्राणी
प्रकट हो गये.जो ध्रुव और चंडिका पर टूट पड़े.उनका स्पर्श जोरदार झटके दे रहा था.

वज्र.-" हा हा हा ! ये मेर वज्र प्राणी हैं.ये तुमको झटका देंगे.और दो चार झटकों में तुम हमारी जमात में शामिल हो जाओगे...मरकर!"

ध्रुव स्टार ब्लेड छोड़े.पर बेअसर रहे .चंडिका ने फायर गन निकाली पर एक वज्रप्राणी उसे ले उड़ा.अब उसे कई प्राणियों ने घेर लिया था .ध्रुव और चंडिका के शॉक लगते जा रहे थे.

चंडिका-" कुछ करो ध्रुव.ये संख्या में बहुत ज्यादा हैं!"

ध्रुव-" एक मिनट चंडिका! यदि हमें छूकर ये शॉक दे रहे हैं तो खुद से टकरा गये ते क्या होगा?"

ध्रुव की स्टार लाइन ने दो प्राणियों को बांध कर आपस में भिड़ा दिया.स्टार रोप तुरंत तोड़ दी गई ताकि शॉक ध्रुव तक न पहुंचे .और दोनों प्राणी धमाके के साथ फट पड़े.

वज्र-" कोशिश अच्छी है .पर मैं ऐसे सैकड़ो प्राणी पैदा कर सकता हूं.तुम मारते जाओ ये बढ़ते जायेंगे!"
........*******.......

मुसीबत हर जगह थी..

विक्ट.-" तू एक सिद्ध तांत्रिका जरूर है पर मैं भी नरक की चुज़ैल हूं.तेरी शक्ति की काट मैंने ढूंढ़ ली है."

विक्टोरिया ने हाथ उठाया और हवा में एक खोपड़ी प्रकट होकर लोरी को आ लगी.वार अप्रत्याशित था इसलिये वो बच न सकी और जड़ होकर गिर पड़ी.

लोरी-" अहहह! ये क्या? मैं अपने हाथ- पांव हिला नहीं पा रही!"

विक्ट.-" हा हा हा हा! तेरी तंत्र शक्ति तेरे दिमाग से नियंत्रित होती है.ये काली खोपड़ी जे गोरी है वो तेरे दिमाग से आये हर संकेत को रोक रहे हैं.तंत्रशक्ति चलाना तो तू हाथ पांव भी नहीं हिला पायेही .अब चढ़ेगी तेरी बलि!"

लोरी बेबस हो गई थी.यही हाल ध्रुव और चंडिका का था.

ध्रुव-" ये प्राणी हमें देख सकते हैं.पर यदि ये हमें नदेख पायें तो?"
ध्रुव ने फ्लैश बम और सिग्नल फ्लेयर का वार करने लगा और वज्रप्राणियों की आंखें चौंधियाने लगी और बंद होने लगीं.

चंडिका-" वाह ध्रुव! अब ये कुछ नहीं कर पायेंगे!"

लेकिन...

चंडिका-" ये क्या? ये अब भी हमको देखकर वार कर रहे हैं.इनकी आंखे बंद होने के बाद भी!"

वज्र.-" ये तुम्हारी तरंगों को पकड़ कर तुम्हारी स्थिति भांप कर तुम पर वार कर सकते हैं .हा हा हा हा! तू बहुत अकड़ रहा था न लड़के मुझे अपना शरीर लाने के लिये? अब भुगत ले!"

चंडिका-" हमारा दांव तो हम पर भारी पड़ गया! अब क्या करें?"
ध्रुव-" ये हमारी स्थति भांप रहे हैं.शायद ये हमारे लिये ही प्रोग्राम किये गये हैं.यदि इनकी प्रोग्रामिंग गड़बड़ा जाये तो?" चंडिका-" हां....ऐसा मैं कर सकती हूं!"
चंडिका ने अपनी बेल्ट में लगा अल्ट्रासौनिक बटन चालू किया और...

वज्र-" ये ..ये क्या? वज्रप्राणी एक दूसरे पर ही टूट पड़े हैं! ये क्या जादू है?"

चंडिका-" ये विज्ञान का जादू है.मेरी अल्ट्रासॉनिक तरंगे इनकी प्रोग्रामिंग को गड़बड़ कर रही है सीधे शब्दों में ये एक दूसरे को दुश्मन मानकर भिड़ रहे हैं."

ध्रुव-" अब तेरे वज्रप्राणी भी खत्म हो गये.अब तुझे पीट पीट कर बेदम कर देंगे!" ध्रुव ने जोरदार पंच वज्. के मुंह पर मारा.

वज्र. उठा और अपने शरीर को सांप की तरह लंबा और लचीला करके दोनों को कुंडली में जकड़ता चला गया .उसके हाथ विशालकाय मुट्ठियों का रूप लेने लगे और उनके हर वार में बिजली के झटके लग रहे थे.

चंडिका-" आह! अब हम क्या करें ध्रुव?"
वज्र-" मरो दोनों! हाहाहा!"
ध्रुव-( आहहह! इसके झटके बहुत तेज हैं.दिमाग संतुलन खो रहा है.जल्द ही मेरी आंखें बंद हो जायेंगी.एक मिनट! ये मुट्ठियां एक एक करके मार रहा है.मुट्ठियां जोड़कर मारता तो हमारी खोपड़ियां फाड़ सकता था पर ये अपने हाथ दूर दूर रखे हुये है .हां..कुछ समझ में आ रहा है पर ये करने के लिये मुझे अपना पूरा बल लगाना होगा)

अगले ही पल ध्रुव ने शिकंजे से अपने हाथ आजाद किये.मुट्ठियों को पकड़ा.झटके लग रहे थे पर इच्छाशक्ति बिजली की शक्ति से ज्यादा बड़ी होती है .दोनों मुट्ठियां खुलीं और हाथ आपस में जुड़ गये और एक तेज झमाका हुआ और वज्र . का शरीर सामान्य होकर भूमि पर आ गिरा.ध्रुव और चंडिका सावधानी से उछलकर बच गये.

चंडिका-" वाह ! कमाल हो गया ये प्रेत कैसे पिट गया?"
ध्रुव-" इसके दोनों हाथ बिजली के निहेटिव और पॉजीटिवछोर की करह थे.बस मैंने इनको जोड़ दिया और ये शॉर्टसर्किट हो गया"
चंडिका-" बहुत बढ़िया दिमाग लगाया.अब हें लोरी के पीछे जाना है!" ****************

किले के दूसरे भाग में..

विक्ट.-" हा हा हा हा ! अब तू बलि चढ़ेगी लड़की.ये कुल्हाड़ा तेरा सर काटेगा और बलि संपन्न बोगी!"

कुल्हाड़ा उठा तो गरदन काटने मगर विक्टोरिया के हाथ में नहीं टिका रहा.
विक्टोरिया-" ये आग की लपट कहां से आई? किसने दुस्साहस किया विक्टोरिया की बलि में अड़ंगा डालने का?"

चंडिका-" ये काम चंडिका फायर गन ने किया है.लोरीसे दूर हट.

लोरी-" थैंक गॉड! ध्रुव और चंडिका तुम लोग यहां आ गये!"

ध्रुव-" पर तुम्हें क्या हो गया लोरी?"

लोरी-" इसकी खोपड़ी ने मेरा सर छोड़कर बाकी का शरीर जड़ कर दिया है .मैं कोई तंत्रशक्ति चला नहीं पा रही हूं"

विक्टोरिया-" आश्चर्य! वज्रप्रेत को तुमने हरा दिया! लगता है तुम लोग बहुत शक्ति शाली हो.बहुत खूब .अब मैं लोरी की बलि चढ़ाऊंगी( तभी, विक्. का ग्लोब चमकने लगा)ये...ये गोला चमक रहा है! यानी...ये लड़का ही है महापुण्यात्मा!विश्वास नहीं हो रहा .."

चंडिका-" बलि तो हम तेरी चढ़ायेंगे चुड़ैल!"
फायर गन दहक उठी पर विक्ट. ने आग का रास्ता पलटदिया और आग ने एक कैद बनकर चंडिका को घेर लिया.

चंडिका-" आहहह! ये क्या है?"

विक्टो .-" ये एक अग्नि कैद है.इसके छल्ले सिकुड़ते जायेंगे और तुझे छकर खाक कर देंगे इसलिये लड़के तू हिलना भी मत!"
ध्रुव चंडिका की गत देखकर स्तब्ध हो गया.विक्टोरिया ने एक किरण वार किया और ध्रुव के पांव जड़ हो गये.

ध्रुव-" कौन हो तुम? क्या चाहती हो बलि लेकर?" विक्ट.-" हममम! तुम्हारे मरने से पहले तुमको ये जरूर बताऊंगी.सुनो ...
कई हजार साल पहले, प्रेतलोक के शहंशाह और मेरे मालिक लॉर्ड कैंटरविल का राज एकच्छत्र चलता था.हमारे गुलाम प्रेत पृथ्वी पर भी आतंक मचाते थे.मगर सदात्माओं ने हमारे राज को नेस्तनाबूद करने की ठान ली.हमारे गुलामों में से ९९ ने बगावत कर दी.उन्होंने हमारे राज़ दुश्मन को बताने शुरु के. दिये .वो हमारी प्रताड़नाओं से तस्त थे.एक दिन हम पर सदात्माओं ने हमला कर दिया बागियों के कारण हम वैसे भी कमजोर थे.सदात्माओं के आगे हमारे पैर उखड़ने लग गये
तब सदात्माओं ने लॉ.कैंटर.विल पर धोखे से वार किया और उनकी आत्मा को निकाल कर एक क्रिस्टल में कैद कर दिया जो प्रचंड पुण्यशक्ति से बना था.उन्होंने मुझे भी एक ताबूत में बंद कर दिया .इस तरह हमारे शासन का अंत हो गया.मगर....दो हजार साल बाद किसी ने इस किले में आने का दुस्साहस किया.पहले भूतहा होने से कोई यहां नहीं आता.पर कुछ छात्र यहां आये.एक ने मेरा ताबूत खोल दिया.दरअसल कोई पुण्यात्मा ही इस ताबूत को खोल सकता था.मैं आजादसहो गई.मैंने उनको मारने से पहले उनका दिमाग पढ़कर वर्तमान युग की सारी जानकारी पा वी.दरअसल कोई महापुण्यात्मा ही क्रिस्टल को ढूंढ़कर कैंटर. को आजाद कर सकता था.इसके लिये हमें उन बागी प्रेतात्माओं की बलि चाहिये थी.उनको पकड़ने के लिये और क्रिस्टल के लिये महापुण्यात्मा को ढूंढना था.इसके लिये मैंने " मौत का खेल" का प्रयोग किया.मैंने ऑडीशन और टीवी सीकियल के नाम पर दुनियाभर में कृत्रिम प्रतियोगिता चलाई.प्रेतात्मायें भिखारी, अनाथ, आदि के रूप में जन्मे थे.मेरे गुलाम प्रेत मानव रूप में बनकर लोगों को प्रतियोगिताओं में लोगों को जोड़ने लगे.कई बार बड़े घर में प्रेतों का पुनर्जन्म हुआ था.उनको गायब करने के बाद मेरे जादू ने पुलिस और उनके संबंधियों की सारी याद्दाश्त भुला दी .मेरा चलता फिरता जादुई किला किसी की पकड़ में न आयाऔर आज मेरी खोज पूरी हुई है.आज तू मिल गया और लोरी भी.अब अगर अपनी दोस्तों की खैरियत चाहता है तो मौत का खेल खेलने के लिये तैयार हो जा!"

ध्रुव-" कभी नहीं! मैं कभी तेरे पति शैतान कैंटर. को आजाद करूंगा ये तूने सोचा भी कैसे?"

चंडिका-" हमारी चिंता मत करना ध्रुव इसकी बात मत मानना."

लोरी-" हां ध्रुव चंडिका सही कह रही है.हम कैसे भी करके बच जायेंगे!"
विकट. -" चुप कर लड़की.सुनो ध्रुव, यदि तुमने मेरी बात नहीं मानी तो तेरे घर को खंडहर बना दूंगी और तेरे शहर को कब्रिस्तान.ले देख!"
विक्टोरिया इशारे पर ग्लोब चमक उठा और राजनगर में प्रेतों का कोहराम दिखाई देने लगा.

ध्रुव-" नहीं...मैं फिर भी राजनगर के लिये पूरी दुनिया को दांव नहीं लगाऊंगा."

विक्टो.-" मेरे पास इसका भी इलाज है.ये दख....तेरे घर में भी प्रेतों ने हमला कर दिया है.तेरी मां को प्रेतसेना खत्म कर देगी.हा हा हा .!"

तभी, ध्रुव को लोरी का मानसिक संदेश मिलने लगा.
लोरी-( ये मैं हूं ध्रुव ,लोरी.)
ध्रुव-) पर तुम्हारी कोई शक्ति नहीं चल रही है न.तो मुझसे मानसिक संपर्क कैसे बनाया तुमने?)
लोरी-(वो इसलिये क्योंकि विक्ट. मेरी तंत्रशक्ति के बारे में ही जानती है जबकि मेरे पास मानसिक शक्ति भी है जिसका अब तक मैंने प्रयोग किया ही नहीं.खोपड़ी मेरे शरीर को जड़ कर रही है दिमाग को नहीं.अब सुनो...मुझे लगता है कि इसकी बात मानने में ही भलाई है.क्रिस्टल में पुण्यशक्ति है.वो ही हमारी हार या जीत की कड़ी है!"
ध्रुव-(ठीक है लोरी.तुम कहती हो तो मान लेते हैं)
विक्ट-" चुप क्यों हो लड़के? जवाब दो .खेलोगे या "
ध्रुव-" खेलूंगा और जीतूंगा भी!"
विक्ट-" बहुत खूब .( ध्रुव के पांवों को प्रभावमुक्त करती है) अब एक नर्सरी राइम पांच बार दोहरायी जायेगी.उसके पूरे होने तक तुमको क्रिस्टल ढूंढना है.तुम्हारा खेल शुरू होता है...अंब!"
बैकग्राऊंड में..ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टाररर.

ध्रुव-( लोरी, क्या तुम क्रिस्टल का पता जानती हो?)
लोरी-( हां ध्रुव.वहां आगे एक कमरा है जिसके ऊपर खोपड़ी है.उसी कमरे में है क्रिस्टल)
ध्रुव-( हां मुझे दिख रहा है.)
कमरे में घुसते ही ध्रुव को एक अलमारी दिखी.उसे खोलते ही ध्रुव ने पांच पांच क्रिस्टल थे.
ध्रुव-( यहां तो पांच पांच क्रिस्टल हैं)
लोरी-( ध्रुव, इनमें से एक ही असली है बाकी सब पापशक्ति से बने हैं.)
ध्रुव-( तो इनका पता कैसे चलेगा?)
उतने में दो बार राइम पूरी हो चुकी थी.
ध्रुव-( लोरी, इसके हिसाबवसे मां महापुण्यात्मा हूं.यदि ये पापशक्ति से बने हैं तो मुझेसे छूते ही नष्ट हो जायेंगे.कोशिश करने में क्या हर्ज है?)
ध्रुव एक एक करके क्रिस्टल्स को छूने लगा और पापशक्ति के बने क्रिस्टल नष्ट होते चले गये और बच गया असली .
ध्रुव-( क्रिस्टल...मिल गया लोरी.)
क्रिस्टल लेकर ध्रुव विक्टो. के पास पहुंचा.

विक्टो-" हा हा हा! बहुत खूब लड़के बहुत खूब! अब लॉर्ड कैंटर. जिंदा होंगे हा हा हा!"

ध्रुव-" विक्टोरिया! ये क्रिस्टल ले आया हूं तेरे कैंटरविल के लिये नहूं दुनिया के लिये .'
विक्टो-" चुप कर लड़के.आ और ये क्रिस्टल उस ताबूत में रखे लॉर्ड कैंटर. को छुआ यदि नहीं किया तो तेरी मां और शहर गया!"
ध्रुव-" यदि मैं इसको तोड़ दूं तो?"
विक्टो-" नहीं...ऐसा मत करना!"

ध्रुव ने क्रिस्टल उठाकर पटक दिया.कैंटर. की आत्मा आजाद हो गई मगर क्रिस्टल की सत्यशक्ति कैंटर. के शरीर में समाने लगी और उस पर सत्यकवच चढ़ने लगा .अब उसकी आत्मा उसके शरीर में नहीं घुस पा रहीथी.

विक्टो-" नहीं...क्रिस्टल को केवल कैंटर. को ही छुआना था.क्रिस्टल के टूटने से सत्यशक्ति आजाद हो गई अब कैंटर विल की आत्मा अपने शरीर में घुस नहीं पा रही है!अब त्रुम भी नहीं बचेगे....आहहह!"
मानसिक वार विक्टोरिया को आ लगा.
लोरी-" अब बोल मैड विक्टो"
विक-" अब तू आजाद कैसे हो गई?"
लोरी-" मेरा दिमाग आजाद था इसलिये मानसिक संपर्क से ध्रुव को निर्देश देकर क्रिस्ट ढूंढा और तुड़वा दिया.अब दिमाग आजाद था तब वार तो हो ही सकता था.तेरे विचलित होते ही खोपड़ी को मैंने निकाल दिया.अब तू नहीं बचेगी!"
चंडिका-" इसके विचलित होते ही मैं भी आजाद हो गई हूं.अब तू एक है और हम तीन."
विक्टो-" तुम लोगों ने मेरा उद्देश्य मिटा दिया मेरी कोशिश मेरा इंतजार खत्म होने ही वाला था पर तुमने मेरी योजना विफल कर दी पर बचोगे तुम भी नहीं."
विक्ट और कैंटरविल गायब हो गये और नहां रखा ग्लोब खतरन्क किरणें उगलने लगा
चंडिका-" ये क्या हो रहा है! इसकी किरणें रेडियेशन का असर कर रही हैं."
लोरी-" मेरे वार इस ग्लोबलपर असर नहीं कर रहे हैं."
ध्रुव-" लोरी यदि हम इन किरणों कोगोले में ही दफन कर दें तो?"
ध्रुव ने यूटिलिटी बेल्ट का स्प्रे कैन निकाल कर ग्लोब पर पोत दिया.
लोरी-" मैं भी तंत्रशक्ति से कवच इस पर चढाती हूं"
गोले की शक्ति अंदर ही दफन हो गई और गोला फट पड़ा.

चंडिका-" बहुत खूब ध्रुव.अब ये किला भी नष्ट हो रहा है!"
लोरी-" अब चलो.काली शक्ति के मिटते ही मेरी शक्तियां बढ़ गई हैं.अब हम यहां से निकल चलते हैं.लोरी ने तीनों पपर कवच चढाया और वो किले की दीवार तोड़कर निकल गये.
तीनों खतरों के खिलाड़ी खतरों को धता बताकर अपने घरों की ओर बढ़ चले.
समाप्त...

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