Saturday, 19 March 2016



ध्रुव की लाश देखते ही नागराज की चीख निकल गई!!
"ये नही हो सकता!!ध्रुव उठो,उठो ध्रुव!!तुम्हे उठना ही होगा!!"नागराज बेतहाशा बोलता चला गया!!
"मि.नागराज..."एडा बोली!"शाह!!सम्भालिये खुद को!!हमें लाश को पोस्टमार्टम के लिये ले जाना होगा!!"
नागराज आज पता नही खुद को क्यों बहूत कमजोर महसूस करने लगा!! उसे खुद का एक हाथ कटा हुआ महसूस होने लगा!!पता नही कितने ही खलनायक उनके हाथों से पराजय का स्वाद चख चुके थे,पर ये कौन था जो ध्रुव को हरा गया!!!
"ठीक है,मिस!!"नागराज अलग हटता बोला!!"आप लोग अपना काम कीजिए!"
उसने अपने आँसू छुपाने की पूरी कोशिश की,पर खुद को रोक पाना उसके लिये मुश्किल हो रहा था!!
लाश को उठाया गया!!
"इसका भी दिल निकालने की कोशिश की गई हे,देखो!!"निशा लाश को करीब से देखती बोली!!
"लेकिन निकाल नही सकी!!"एडा बोली!!"श्वेता हे कहाँ??"
निशा चौंकी "वॉट यू मीन??यू थिंक शी केन किल हर ओन ब्रदर??"
"हम्मम्म!!"एडा सिर हिलाकर रह गई!!
"सटक गई हो क्या??"निशा चिल्लाती बोली!!
"चलो!!"एडा चल दी!!

Houston...
निजी अस्पताल..
नागराज टूट चुका था!!
समय उसके लिये भी बहुत मुश्किल था!! श्वेता के लिये थोड़ा ज्यादा!!
एक नर्स करीब आती बोली"डॉक्टर अभी बिजी हे!"
अचानक एडा वहाँ पहुँची!!साथ मे श्वेता थी!!श्वेता शंकित नज़र आ रही थी!शायद उसे एडा ने ध्रुव के बारे मे नही बताया था!!
"यहाँ क्या है??"श्वेता पुछ बैठी!!
"Overacting कर रही हो मेरे सामने? ह्म्म??"एडा ने तनिक गुस्से मे उसकी तरफ़ देखा!!
"तुम क्या बोलना चाहती हो,मेरी कूछ समझ मे नही आ रहा है!!"श्वेता अब भी कन्फ्यूज नज़र आ रही थी!!!
"अच्छा,यहाँ आओ!!"एडा ने श्वेता को खींचकर मोर्ग(मुर्दाघर) के सामने खड़ा कर दिया!!
श्वेता ने जेसे ही अंदर देखा,उसे पैरों के नीचे से ज़मीन खिसकते महसूस हुई!!
"नही....."उसके हलक से चीख उबल पड़ी!!!
एडा की फूँक सरक गई!!"अबे ए,***** की माँ!!मरवाएगी क्या ढक्कन?"
उसने वहाँ से निकल लेनेमे ही भलाई समझी!!!
श्वेता की चीख सुनकर नागराज उसके करीब पहुँचा!!"तुम यहाँ केसे श्वेता???"
श्वेता की आँखों से आँसू ढुलक गए!!
उसने नागराज की बातो पर ध्यान नही दिया!!वो एकटक ध्रुव की लाश को देखती रह गई!!नागराज ने उसे हिलाया लेकिन श्वेता पर कोई असर नही हुआ!! शायद उसे ध्रुव की मौत का सदमा लगा था!!!
बाहर निकलते ही एडा निशा से जा टकराई!!
"कहाँ से आ रही हो??"वो पुछ बैठी!!
"मै तुम्हारे ही पास आ रही थी!!"निशा साफ जल्दबाजी मे लगी!!
"हुआ क्या हे??"उसे रोकती एडा बोली!!
"समय नही हे,गाड़ी मे बैठो,रास्ते मे बताती हूँ!!"वापस पलट कर निशा तेजी से कार मे सवार हुई!!एडा बगल मे जा बैठी!!
"सुनो.."निशा ने बताना शुरू किया!!"श्वेता को अभी अभी अमेरिकन canyone मे देखा गया हे!!"
"कौन सी श्वेता,??उसे तो मे अभि हॉस्पिटल लेकर आई हूँ!अंदर ही होगी अब भी!!"एडा आँखे मिचमिचाते हुए बोली!!
निशा ने एक ठंडी आह भरी!!
"ओके.."फ़िर बोली"तो उस श्वेता से मिल लेंगे जो सी आई ए एजेंट्स के कत्ल करती फ़िर रही हे!!"
थोड़ा रुककर निशा फ़िर बोली"मे कब से बोल रही हूँ तुम चुप क्यों हो,कूछ बोलो भी!!"
"सोच रही हूँ,मुझसे इतनी बड़ी गलती हो चुकी हे कि शायद मे उसे ठीक न कर पाऊँ!!क्या बीती होगी श्वेता पर जब उसने अपने भाई की लाश देखी होगी!!" कहते वक्त एडा की आँखे नम हो आई थी!!



1092 american canyon
श्वेता वही मौजूद थी जब एक नीली आँखो वाली लड़की(इससे आप पहले भाग मे मिल चुके है) उसके सामने बैठी थी!
"तुमने उस लड़की को केसे पहचाना?उसने तो किसी भारतीय लड़की का भेष बनाया हुआ था!!"
सामने बैठी श्वेता ने तमाम किस्सा बयान करना शुरू किया(इटालियन)"ठीक वेसे ही जेसे तुमने पहचान लिया!! सी आई ए वाले एक लड़की को उनके एजेंट्स का कातिल समझ रहे हे!! उसे चेक करने के लिये ही उन्होने "सरीना"(जो कि ऋचा बनी हुई थी,जो बाद मे ऋचा के रुप मे मारी गई)को ऋचा बनाकर उसके सामने पेश किया,लेकिन वो लड़की उनके झांसे मे नही आई!!लेकिन मेने उसे पहचान लिया था और सुबह होते ही उसे नर्कलोक की यात्रा पर रवाना कर दिया!!"एक लम्बी साँस छोड़कर श्वेता सोफे पर पसर गई!!!!
"हम्मम्म,अब ये भी तो बताओ कि ध्रुव नाम के उस लड़के से पीछा केसे छुड़ाया!!"सामने से फ़िर एक सवाल हुआ!!
श्वेता धीमे से मुस्काई!!"मुझे तो ये भी नही पता था कि उस लड़के का नाम ध्रुव हे!!"वो थोड़ा रुकी,फ़िर बोली:"जिद्दी था पर अच्छे अच्छों की अकड़ निकाल दी हे मेने भी,तो वो कौन सा हीरो था??"
थोड़ी देर रुककर फ़िर श्वेता बोली""रिवील" ये बताओ नेक्स्ट टारगेट कहाँ हे इस वक्त??(फाइनली इसने नाम तो लिया)
रिवील धीमे से मुस्काई!!!
"उस ****** के लिये तुम्हे लंदन जाना होगा!!"जबड़े भींचते चले गए रिवील के!!
"और तुम?"श्वेता पुछ बैठी!!
(पाठकगण याद रखे कि रिवील के साथ रुकी श्वेता वो हे जो सी आई ए एजेंट्स का कत्ल कर रही हे)

श्वेता जा चुकी थी!!रिवील वही बैठी अब तक एक किताब को पढ़ने की कोशिश कर रही थी!कोशिश इसलिए क्योंकि ये भाषा उसकी समझ के बाहर थी!!(वो एक देवनागरी लिपि मे लिखी एक प्राचीन गाथा थी)उसने किताब को सेंटर टेबल पर रखा और होठों मे बुदबुदा उठी"कम ऑन एडा,जल्दी यहाँ पहुंचो ताकि मे भी तुमसे मुलाकात कर लूँ!!
उसने आँखे बँद की और सोफे पर लेट गई!!दिमाग flashback मे घूम गया!!जेसे ये कल की ही बात हो!!
Flashback:-
8 साल पहले:-
स्थान:-verona (Italy)
एक 15 साल की लड़की जब स्कूल से घर पहुँची तो सामने का नजारा देखकर चौंक गई!!सामने उसके पिता का दम तोड़ता शरीर पडा था!!शायद साँस चल रही थी अभी!इस ख़याल ने ही उसके अंदर एक ऊर्जा भर दी!वो लगभग दौड़ती हुई अपने पिता के पास पहुँची और उसका सिर अपनी गोद मे रख लिया!!
(इटालियन)"पापा,उठिये पापा!!किसने किया हे ये??"उसकी आँखो से आँसू बहने लगे!
उसकी तेज आवाज़ ने एकबारगी उस डूबती धड़कन को भी जिंदगी मे वापस ला खड़ा किया!!
"हुंह,"वो चौंका!"तुम यहाँ केसे??अच्छा हाँ,तुम तो स्कूल से आई हो न!!"फ़िर अचानक ही उसके चेहरे के भाव बदले!"तुम जाओ यहाँ से!वो अभी यहीं हैं!तुम्हे भी मार देंगे!"डर उस समय उस आदमी के चेहरे पर नाच रहा था!!
"कौन?"लड़की चौंकी!!
तभी दरवाजे पर आहट हुई!!उसने पलटकर देखा तो 3 हट्टे कट्टे युवक उसकी तरफ़ गन ताने बढ़ रहे थे!!वो अपनी जगह से हिली और इसी के साथ उन तीनों ने अंधाधुंध गोलियाँ चलानी शुरू कर दी!उसके पिता का दम तोड़ता शरीर कूछ गोलियाँ लगने के कारण वही ढेर हो गया!उसके मुँह से एक हिचकी निकली और वो वहीँ ढेर हो गई!!
कूछ देर बाद जब उसकी आँखे खुली तो उसने खुद को वहीँ पड़े पाया जहाँ वो ढेर हुई थी पर उसके पिता की लाश गायब थी!!थोड़ी देर तो वो सन्न रह गई कि उसे जिंदा क्यों छोड़ दिया गया!फ़िर उसने अपने पिता की लाश को ढूंढना शुरू किया पर असफलता ही हाथ लगी!!कूछ मिला तो एक किताब,जो उसकी समझ के परे थी और अपने पिता की लिखी एक डायरी,जिसमे उसकी माँ के कातिल सी आई ए वाले ही साबित होते थे!!उस किताब के बारे मे उस डायरी मे कोई जिक्र नही था!!उस छोटी उम्र मे अकेले रहना और खासकर "जिंदा"रहना उसके लिये बड़ी चुनौती थी पर केहते हे न!
"वक्त सबसे बलवान होता हे"इस वक्त वह कथा सत्य हो रही थी,जब वह बच्ची बड़ी हो चुकी थी!!
साथ ही रिवील की सोच टूटी और फ्लशबॅक ख़त्म हो गया!!

Houston
वही का नीजी अस्पताल
श्वेता सदमें मे जा चुकी थी!साथ ही ध्रुव की मौत ने नागराज को भी अपंग सा कर दिया था!!उसके साथी उसे सम्भालने की कोशिश कर तो रहे थे पर अंदर ही अंदर वो खुद भी घुट रहे थे!!
श्वेता को भी सदमें के कारण उसी अस्पताल मे भर्ती करना पड़ा था!!नागराज आईसीयू के बाहर खड़ा शीशे मे से श्वेता को देख रहा था!! तभी सोडान्गि पीछे आ खड़ी हुई!!
"नागराज,मेरे ख़याल से हमें ध्रुव और श्वेता को इंडिया पहुँचा देना चाहिये!!" शुष्क स्वर मे वो बोली!!
"शायद तुम ठीक कह रही हो सौडान्गि!! पर मे नही जाने वाला!!"नागराज के चेहरे पर ढृढ़ता नजर आने लगी थी!!
(जायेगा वो ऊपर,जिसने ध्रुव का ये हाल किया हे और श्वेता की इस हालत का ज़िम्मेदार भी वहीँ हैं!!)


एडा और निशा american canyon पहुँच चुके थे!!निशा reception पर पहुँची!!
"हम सीआईए से हैं!मे"निशा राणा" और ये हैं मेरी पार्टनर "एडा रौश"!!"श्वेता की तस्वीर दिखाते हुए"ये लड़की कूछ देर पहले यहाँ आई हे,वो किस फ्लैट मे किससे मिलने गई हे जल्दी बताओ!!"
"आपको लगता हे कि मै आपकी बातो मे आ जाऊँगा!!"युवक थोड़ा अकड़ते हुए बोला!!
"हटो"एडा सामने आई!उसने अपने गाऊन से गन निकाली और उसकी तरफ़ तान कर बोली"मै गिनती नही गिना करती क्योंकि मेरे पास इतना समय नही होता!फ्लैट न. बोल या मर!!choice is yours!"
उसके बोलने के तरीके ने ही युवक के होश उड़ा दिये!!उसके मुँह से निकला"1092"
"चलो"उसने निशा की तरफ़ देखते कहा!!

अंदर जाने के लिये उन्हे दरवाजा खुला मिला!!क्या पता क्या इंतजाम किया गया था उन्हे निपटाने के लिये!!एडा कूछ यू अंदर घुसी जेसे वो उसीका फ्लेट हो!! जबकि निशा सावधान थी!
"ढूंढो,कूछ मिलता हे क्या हमारे लायक?"एडा आगे बढ़ती बोली!!
"ये फोटो मिली हे,"निशा एक फ्रेम आगे बढ़ाते हुए बोली!"काफी खूबसूरत लड़की हे!मेरा तो दिल आ गया इसपर!!"वो एडा की तरफ़ देख कर आँखे मिचमिचाते बोली"क्यों?केसी लगी?"
"केसी लगी का क्या मतलब?मे तुम्हारी तरह लेस्बियन नही हूँ!!"चिढ़ कर एडा बोली!!
"हे भगवान!!तुम्हे किसने बोला के मै लेस्बियन हूँ??"निशा के चेहरे पर सख्त हैरानी के भाव आये!!
"तुम्हारी हरकतें कहती हैं!!"
एडा वापस अपने काम मे लग गई!!सेंटर टेबल से उसने एक ख़त बरामद किया!! जो इटालियन भाषा मे लिखा हुआ था!!
"ये देखो!"एडा ने हाथ के इशारे से निशा को करीब बुलाया!!
निशा ने ख़त देखकर एडा को वापस थमाया!"मुझे इटालियन नही आती!"
"मै सुनाती हूँ!"उसने ख़त पढ़ना शुरू किया!!
(इटालियन)
"प्यारी एडा,
ये ख़त तुम्हारे लिये ही हे!हमेशा की तरह इस बार भी तुम मेरे करीब पहुँच ही गई!अफसोस,इस बार भी तुम देर से ही पहुँची!!मुझे एक किताब मिली हे जो कि हमारे पिता,उफ़्फ़,माफ करना,मेरे पिता ने रखी हुई थी!!भाषा का पता नही,पर मालूम करने पर पता चला कि कोई भारतीय भाषा हे!!पता चला हे ध्रुव की लाश वापस उसके देश जा रही हे,मे भी वहीँ जा रही हूँ!!हिम्मत हो तो पकड़ लेना !!मुझे पता चला हॆ कि ये किताबी भाषा उसी देश की हॆ जिसे भारत कहते हॆ!! एक बात और उस श्वेता को छोड़ देना जो ध्रुव की बहन हॆ,क्योंकि जो तुम्हारी जमात के लोगो का कत्ल कर रही हॆ,वो कोई और हॆ!नीचे उन ****** की लिस्ट दे रही हूँ,जो अगले शिकार होंगे!!हिम्मत हो तो रोक लेना!!या मुझे पकड़ने भारत आ जाना!!एक बात और-जब तुमने इस चिट्ठी को उठाया हॆ उसी वक्त वहीँ रखा बॉम्ब एक्टीवेट हो चुका हॆ!!अब तुम देखो कि तुमने कितना वक्त बरबाद किया हॆ इस चिट्ठी के पीछे!!अगर तुम जिंदा ऱही तो फ़िर मिलेंगे!!
तुम्हारी प्रिय दुश्मन
Reveal renji"
ख़त ख़त्म हुआ तो एडा ने निशा के चेहरे पर हवाइयां उड़ती देखी!!
"क्या??"उसने हाथ हवा मे उठाते कहा!!
"यहाँ बॉम्ब हॆ??"बड़ी मुश्किल से निशा के मुँह से निकला!!
"उसकी चिंता मत करो!इस ख़त मे बचे हुए एजेंट्स के नाम नोट करो!"उसने ख़त थमाया!!
निशा ख़त के नाम लिखने मे लग गई और एडा बॉम्ब ढूंढने मे!!
आखिर दोनो के काम एक साथ पूरे हुए!!
"मे तो बोलती हूँ,भाग लेते हॆ यहाँ से!!" निशा के रोंगटे खड़े थे!!
"यहाँ से भागकर कहाँ तक जायेंगे?ये बॉम्ब काफी पावरफुल हॆ!!शायद पूरे canyone को उड़ा देने लायक ताकत हॆ इसमे!!"एडा के चेहरे पर कोई भाव नही था!!न डर,न कोई और भाव!!
"तो?"निशा आँखे उचकाकर बोली!"क्या करे?मरने का इंतजार?"
"वो तुम करो!मेरे पास काम हॆ और भी!" उसने कोई भाव नही दिया निशा को!
एडा ने बॉम्ब का ऊपरी हिस्सा हटाया तो तारो का एक झुण्ड नजर आया!!
एडा ने अपने ग़ॉगल्ज बालों से निकालकर आँखो पर चढ़ाया!!
"ओके!!"एडा ने एक लम्बी साँस छॊडी!!
"एक मिनट से भी कम वक्त हॆ जल्दी कूछ करो!!"निशा आवेश मे आकर बोली!!
एडा ने अपने होठों पर उँगली रखकर उसे चुप रहने का इशारा किया!!धीरे धीरे वो कई तार काटती गई!अंत मे दो ही तार बचे!!तेजी से उसने दिमाग दौडाना शूरु किया!!तभी अचानक उसकी नजर उन तारो के नीचे छिपे तार पर गई!!उसपर चढ़ा प्लास्टिक निकाल कर उस तार को दोनो तारो के नीचे छिपाया गया था!!
"हॆ भगवान!कितनी कमीनगी से नीचे छिपाया हॆ तार को ****** ने!!नही देखा होता तो.."एडा को वाक्य अधूरा छोड़ना पड़ा!!क्योंकि-
निशा बीच मे बोली"तो काट दो न उसे!"
"नही,इसी को तो नही काटना हॆ!!"कहते हुए एडा ने तेजी से दोनो तार काट दिये!!

"हक्क..."निशा ने हिचकी ली!!जब कूछ नही हुआ तो वो बोली!"अरे,ये तो सच मे सही तार निकला यार!!"
एडा ने कोई जवाब नही दिया!!
निशा फ़िर से बोली!"वेसे चाहती तो हम दोनो यहाँ से निकल सकते थे!लेकिन तुम दूसरो की जान की कितनी फिक्रमंद हो,ये आज मै जान गई!!"
"बकवास हो गई हो तो यहाँ आओ!!"एडा ने उसे करीब बुलाया!!
"इस ख़त मॆ लिखे उन लोगो के नाम अलग कर लो और उन्हे ढूंढकर बचाने का काम तुम्हारा!!"एडा ने कहा और बाहर की ओर चल दी!!
"और तुम??"निशा उसे फौलो करती बोली!!
"उस **** की बच्ची को पकड़ने!इंडिया!"एडा के जबड़े भींच गए थे!!

ध्रुव की मौत की ख़बर अब तक आम हो चुकी थी!!न सिर्फ भारत मॆ,बल्कि दुनिया के कई देशों मॆ ये बात फैल चुकी थी!हर कोई सन्न था!!

netherland मॆ रहने वाला कॉमेट भी अब भारत के लिये निकल चुका था!

नागराज ने जब बाकी superheroes को इसकी ख़बर दी तो बाकी लोगो की तरह उन्हे भी यकीन नही हुआ!उन्होने भी राज़नगर जाने का फैसला कर लिया था!!

राज़नगर मॆ
रोबो की गुप्त लैब
Natasha ने काँच का गमला टीवी पे दे मारा,जिसमे ध्रुव की लाश और उसे भारत लाने की प्रकिया का सीधा प्रसारण दिखाया जा रहा था!!
"नही......"वो चीख उठी!चीख इतनी जोरदार थी कि कई लोगो ने सुनी,जो वहाँ से कहीँ दुर थे!
रोबो अंदर दाखिल हुआ!!अब जबकि उसने natasha को अपनी तरह बना लिया था!!सिर्फ वो ही उस कमरे मॆ जा सकता था!किसी और को अंदर जाने की इजाजत नही थी!
रोबो के अंदर जाते ही एक वार उस पर भी हुआ,जिसे उसने फुर्ती से बचा लिया!!
उसने देखा,natasha सिर नीचे किये रो रही थी!!वो उसके करीब पहुँचा!
"क्या हुआ??"उसने कूछ यूं पूछा जेसे उसे कूछ पता ही न हो!!
"पापा,आ..आपने दे..देखा.टी..टीवी प..पर क..क्या दिखा रहे हॆ!!"बड़ी मुश्किल से बोल पाई वो!!गला रुंध गया था उसका!!भले ही अब वो आधी मशीन बन गई थी पर दिल अब भी इंसान का था,जिसमे ध्रुव रहता था!!रहता हॆ और शायद हमेशा ही रहेगा!!!
रोबो ने प्यार से उसके सिर पर हाथ फेरा!!"छोडो न,टीवी वाले सिर्फ वही दिखा सकते हॆ जो वो जानते हॆ,लेकिन सच्चाई सिर्फ मै जानता हूँ!!"कहते वक्त उसकी आँखो मॆ एक शैतानी चमक थी!!
"क...क्या म..मतलब??"natasha समझ न पायी!!!
"आओ मेरे साथ!!"रोबो उठ खड़ा हुआ और बाहर को चल दिया!
natasha भी उठ खड़ी हुई पर बाहर जाने मॆ उसे झिझक हो रही थी!!अब तक किसी भी आदमी की नजर मॆ न आई थी वो!!थोड़ी देर बाद उसने आँसू पौछे और बाहर को चल दी!!!
बाहर कॉरीडोर सुनसान था!!रोबो को उसने एक रूम के बाहर रुके देखा!!!
"य..यहाँ क्या हॆ???"उसके मुँह से निकला!!
"अंदर जाओ!!कोई तुम्हारा इंतजार कर रहा हॆ!!"रोबो ने दरवाजा खोल दिया!!!
Natasha अंदर दाखिल हुई!!
खुशी से उसकी चीख उबल पड़ी!
"ध्रुव...."

कहानी जारी रहेगी "The new protecters" मॆ.....


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