Friday, 18 March 2016



अमेरिका और वहाँ का व्यस्त शहर शिकागो....
दिन मे सबसे ज्यादा व्यस्त तो रात मे भी कम नही....
"The langham"
अमेरिका का ग्रांड होटेल
रात के 12:35 का ये वक्त कूछ ज्यादा ही सन्नाटे वाला हे..
अचानक ही मैन डोर से श्वेता अन्दर आयी!उसने एक सरसरी निगाह रेसप्सन पे डाली तो पाया की वहाँ पे सिर्फ एक लड़की थी!
उसने अपने क़दम लिफ्ट की तरफ़ बढ़ाये!लिफ्ट की तरफ़ बढ़ते उसके क़दम अचानक ही ठिठक गये क्यूकि लिफ्ट नीचे की तरफ़ ही आ रही थी!!!!
उसने इंतजार किया!तीन लोग (होटेल स्टाफ)उसमे से निकले और बिना उसे नोटिस किये निकल गये जेसे वो वहाँ हो ही न!लिफ्ट के बंद होने से पेहले वो उसमे समा गई!!!!!
उसने छट्वे फ्लोर का बटन दबाया!अचानक होटल स्टाफ की नज़रें उस तरफ़ उठ गई!!
"कोई अंदर गया क्या??"उन्होने आपस मे सवाल किया!!
"मेरे ख़याल से तो नही"एक ने कहा!
"तो फ़िर वो आवाज़ कैसी थी?"
"हो सकता हे किसी ने लिफ़्ट बुलाई हो"
"इस वक्त ?"
"क्या हुआ हे वक्त को,कोई कभी भी चेक आउट कर सकता हे!"
"हम्मम्म"
लिफ्ट छट्वे फ्लोर पर पहुँची!!!
श्वेता ने बाहर क़दम रखा!कॉरीडोर मे सन्नाटा पसरा था!वो चुपचाप चलती हुई रूम नम्बर 611 पे पहुँची और आश्चर्यजनक रूप से दरवाजे के आर पार हो गई!!कोई और वहाँ होता तो ज़रूर नजरो का धोखा समझ लेता पर वहाँ कोई नही था!!
जेसन टायलर जो उस समय रूम नम्बर 611 मे मौजूद शख्स था वाश्रूम से निकला तो बेड लाईट ऑफ देखते ही उसे वहाँ किसी के होने का अहसास हुआ! लेकिन वो कुछ कर पाता उसके पेहले ही उसे खुद के दिल पर किसी की पकड़ महसूस हुई!!!
"हिलना मत!" (बोली जाने वाली भाषा इटालियन थी)पीछे से जनाना आवाज़ आई!!
(जेसन टायलर :-एक सी आई ए एजेन्ट,युवा,जोशीला,मेहनती और किसी से न डरने वाला) जेसन टायलर एक अड्वेन्स्ड एजेंट हे शायद इसलिए ही उसके पास मल्टी लेंग्वेज़ ट्रांसलेटर भी मौजूद था पर उसे इस्तेमाल करने का वक्त उसे नही मिल पाया क्युकि उसकी हल्की सी हरकत ने उसे मौत के मुँह मे धकेल दिया!उसके हिलते ही श्वेता का हाथ उसके दिल पर कस गया और उसका दिल उसने पीठ के हिस्से से बाहर खींच लिया!!!!!
जेसन का मुँह खुला रह गया!!श्वेता का चेहरा देखकर नही लगा की उसे इस बात का कोई अफसोस हो या वो डर गई हो!!
श्वेता ने अपना हाथ बाहर खींचा,जेसन का दिल अब भी उसकी मुट्ठी मे धड़क रहा था!जिसे उसने एक कोने मे फेक दिया!!!
उसने अपने हाथ साफ करने की जगह दरवाजे की तरफ़ क़दम बढाये!!!वो बाहर निकली पर तभी वो दो होटेल स्टाफ से टकरा गई!उसने ध्यान दिया कि ये दोनो नीचे मिलने वाले तीन होटेल स्टाफ मे से थे!
एक बोला :-"ये कौन हे और अचानक कहाँ से आ गई??"
"इस कमरे से निकली हे ये"दूसरे ने कहा "और वो भी आर पार होती हुई"
"पकड लो इसे,भागने न पाये"एक झपटता हुआ बोला!
लेकिन जेसे ही वो श्वेता पर झपटा आर पार होकर गिर गया!!
"You okay??" पास मे खड़ा स्टाफ करीब आता बोला!!
"अरे,मुझे नही,उसे पकड़!पता नही क्या कर रही थी अंदर??"
दूसरा उसे पकड़ पाता उसके पेहले ही श्वेता दीवारों के आर पार होती हुई नजरो से ओझिल हो गई!!


2 दिन बाद :-

राज़नगर:-जुर्म के अधिकारियों का सबसे बड़ा अड्डा,साथ ही उनके विनाशक का घर....
आज विनाशक अपने घर थोड़ा लेट पहुँचा हे और उसके ही घर पे एक सर्प्राइज़ उसका इंतजार कर रहा हे .......
"पूरी रात तो शांति से गुजर गई,लगता हे मुजरिम सुधरते जा रहे हें"घर मे घुसते ही ध्रुव बोला!
जेसी कि उसे उम्मीद थी श्वेता बोली:-"सुधरेंगे क्यों नही,आखिर सभी जानते हें रात के वक्त एक हें जो उन्हे कोई भी जुर्म करने ही कहाँ देगा!" "हाँ,ये बात तो हें!"ेध्रुव खुश होता बोला !"ट्रैनिंग किससे ली हें aआखिर"श्वेता ने खुद की पीठ थपथपाते हुए कहा!
"तुझसे थोड़ी ली हें"ध्रुव उसकी चोटी खींचता बोला!
"मम्मी देखो न भैया ने आते ही मुझे परेशान करना शुरू कर दिया "श्वेता खुद को छुडाते हुए बोली!
"पंगा तूने लिया था,अब मम्मी को बीच मे क्यों घसीट रही हें?"उसे छोड़ता ध्रुव बोला!"चल जा छोड़ दिया तुझे"
"माँ मे नहाकर आता हूँ"ध्रुव बोलते हुए बाथरूम कि तरफ़ बढ़ा ही था कि तभी बजी callbell कि वजह से रुक गया!
"सुबह सुबह कौन आ गया??"श्वेता बड़बड़ाती हुई आगे बढ़ी!!
"दरवाजा खोलेगी तो पता चलेगा न पागल...."ध्रुव बोला!
"हाँ हाँ खोल रही हूँ और मुझे बार बार पागल मत बोलो भैया,कही देती हूँ!"
दरवाजा खोलते ही सामने तीन पुलीस वाले और दो फॉरेनर खड़े थे!
"भैया को लेने पुलिस आई हें"श्वेता दरवाज़े से ही बोली!
एक फॉरेनर बोला:-"सॉरी मेम,बट हम सिर्फ आपको लेने आये हें"
"लेकिन मुझे ही क्यों,में न तो commando फोर्स में न ही पुलिस में"श्वेता ने माथे पे बल डाले!
"ज्यादा भोली मत बनो"दूसरे ने गुस्से में कहा!
"आप मेरी बहन से इस तरह बात नही कर सकते!"अब तक ध्रुव भी वहाँ पहुँच चुका था!"आप हें कौन और क्या कहना चाहते हें साफ साफ कहिये!!"
गुस्सैल फोरेनर बोला:-"में केविन हार्ट फ्रॉम सी आई ए और ये हें मेरे पार्टनर केन रेक्स और मिस आपको एक सी आई ए एजेन्ट के कत्ल के जुर्म में गिरफ्तार किया जाता हें"
सुनते ही ध्रुव सहित सबके होश उड़ गये!
"ये आप क्या कह रहे हें ऑफीसर,इसने तो आज तक मक्खी तक नही मारी!"ध्रुव उसके सर पे चपत मारता बोला!!
"हाँ,और इन्होने तो बहुत से डायनासोर मारे हें!"श्वेता चिढकर बोली!
"अरे पगली,मैं तेरी तरफ़ से बोल रहा हूँ!"ध्रुव बोला!
"जो भी हो मि.हमारे पास आपकी बहन की गिरफ्तारी का warrant हें"केविन बोला!
"आप एक मासूम पर इस तरह का इल्जाम नही लगा सकते!"ध्रुव बोला!
"मासूम पर नही लगा सकते,अपराधी पर लगा सकते हें!आप हमारे साथ चल रही हें मिस,चाहे तो चुपचाप या ज़बरदस्ती!आपकी मर्जी!"केविन बोलता हुआ खड़ा हो चुका था!
"लेकिन ये भी तो हो सकता हें कि....."
ध्रुव अपने शब्द पूरे नही कर पाया!!केविन और केन बाहर जा चुके थे!!
अब??

अमेरिका
1092 Donaldson way
american canyon CA

इस अपार्टमेंट के बाहर झूले पर एक खूबसूरत लड़की बैठी हें और उसके हाथ में एक फोटो फ्रेम और नीली आँखों में आँसू हें.....
(बोली जाने वाली भाषा इटालियन थी)"अभी तो सिर्फ एक कमीना मरा हें पापा,जब तक उन में से एक भी जिंदा रहेगा में उस बुक को नही छूने वाली जिसमे मेरी मौत का राज़ छुपा हें......."
उसे क्या पता था कि वो राज़ भी अमेरिका आ रहा था! ध्रुव के रुप में!!
न्यू जर्सी (अमेरिका)
सी आई ए का हेडक्वॉर्टर
श्वेता अब तक एकटक उस पेपर को देख रही थी जो उसे भारत से अमेरिका लाया था,बहुत जल्द वो यहां आने वाली थी पर अपने वैज्ञानिक प्रयोग के लिये न कि किसी ऐसे कत्ल के इल्जाम में गिरफ्तार होकर जो उसने किया ही नही.....केविन सामने ही बैठा उसे घूर रह था!!
"अब बहूत हुआ!!इससे पेहले कि मैं अपना धैर्य खो दूँ,तुम अपना मुँह खोलो!!"
ध्रुव,जो कि अब तक चुप था अचानक केविन के इस लहजे पर गर्म हो गया!!
"बहुत हुआ ऑफीसर,आप मेरी बहन को mentally torcher नही कर सकते ...."
केविन गुस्से में उठा और जेसे ही ध्रुव कि तरफ़ बढ़ा तभी फोन कि घंटी बजी...!!
"हेलो"वो गुस्सैल लहजे में बोला!!
सामने से कुछ कहा गया जिसके बाद वो थोड़ा शांत हुआ!"ओके"बोलकर उसने फोन रखा और बाहर चल दिया!!!
पीछे ध्रुव और श्वेता अकेले रह गये!!!
महानगर :-
राज़नगर के सबसे करीब,
और यहाँ का रक्षक नागराज,ध्रुव के सबसे करीब!!!
"मि.शाह,आपके लिये काल हें!"सौडान्गि करीब आती बोली!उसके हाथ में फोन था!
"हेलो,"वो mouthpiece में बोला!!
"हाई,मि.शाह!में सी आई ए से एजेन्ट रौश बोल रही हूँ!!हमें आपकी एजेन्सी मदद की ज़रूरत हें "सामने से जनाना आई!!"और ध्यान रहे सिर्फ आपकी एजेन्सी की न की नागराज की"नागराज ने जेसे ही कुछ बोलने के लिये मुँह खोला उसके पेहले ही सामने से फोन काट दिय जा चुका था!!!
कोई था जो नागराज का राज़ जान चुका था!!!
कहानी जारी रहेगी ......


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