Thursday, 17 March 2016



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ब्रह्मा भैया के साथ हुए हादसे को 5 दिन बीत चुके थे।😃😃
पर ब्रह्मा भाई पर दर्द 💥💥अभी तक बीत रही थी।😭😭😭
अपने दूकान में पड़े पड़े कराह रहे थे।😣😣😣😣
कभी कभी उठने बैठने समय जोर जोर से पागलों की तरह चिल्लाने लगते थे जिसे सुनकर कौवे🐤🐤 भी अपने माथे को पटकने लगते थे।
ग्राहकों को अब उनकी दुकान पर जाने से डर लगने लगा था कि न जाने क्या क्या कर डाले अ'बला' नारियों👩👩 के साथ।

ब्रह्मा भैया-उफ़ साला..बैठे बैठे दिमाग खराब हो रहा है...कोई ग्राहक भी नही आता उस दिन से..और माता जी ने भी हमें अपना चेहरा दिखने से मना किया है...इस बात पे मैं दुसरे दिन गमछे से चेहरा लपेट कर गया तो घरवालो ने टॉयलेट पेपर चोर समझ कर कायदे से धुलाई कर दी🙀🙀🙀...और जब पता चला माता जी को कि मैंने घर में घुसने की कोशिश की तो नचा नचा के मारा.😖😖😖😖😖.. घर का भी द्वार बंद हो गया अब तो मेरी खातिर...5 दिनों से चवन्नी भी नसीब नही हुई है...और उस दिन उस कमीने satki ने गल्ले के सारे पैसे भी लेकर भाग गया..😤😤😤😤.और हमारा भूखों मरने की नौबत आ गयी...वो तो भला हो पीटने वाले लोगों का जो अपने साथ घरेलू खरीददारी का सामान लेकर घर जा रहे थे.😋😋😋..और मुझे पीटने की धुन में कुछ लोगो ने उसे यहीं छोर दिया....पहले दिन तो खाने में मजा आया..आय हाय..वो बेशरम ब्रांड के रसगुल्ले 😋😋और मैं आवारा प्रेमी पागल ब्रांड के मीठे चॉकलेट्स 🍫🍫और समोसे कचौड़ियाँ...(युप..मुहं में पानी आ गया..पर पी लेता हूँ..बाहर पानी लेने जाऊँगा तो लोग मारेंग😩😩😩े)..पर दुसरे दिन बहुत कुछ बासी हो गया पर खाना पड़ा..तीसरे दिन तो पत्तागोभी टमाटर 🍅🍅मूली और गाजर खा कर रहा हूँ..ये लोग सिंगल फॅमिली वाले क्यू होते है यार..साला दो चार लोग होते हैं और मूली गाजर भी लगता ह गिन के ले जाते है...साला एक ही दिन में ख़तम हो गया..और कल तो बैगन🍆🍆 भिन्डी और आलू खा के रहना पड़ा है(वो भी बिना धुला हुआ..)..पर आज दो..सब ख़तम..थोरा मिर्च खाया हूँ पर कितना कड़वा था।छि छि। उसके बाद बैगन और भिन्डी के बचे खुचे डनटियो और थोड़ा सा हल्दी पाउडर खाया हूँ।बुहुहू। और दर्द भी हो रहा है। दवाइ की सख्त जरूरत है और पैसे भी कम है।"😞😣😞😣😞😣

तभी उनको कुछ याद आता है।🍃🍃🍃

"अरे हां..वो satki(और सुना है साथ में प्रिंस और आकिब भी था😾😾😾😿😿) कमीने ने तो गल्ले के पैसे चुराए है पर पेंट के पॉकेट में भी कुछ पैसे थे। देखता हूँ"😸😸😸

भैया पॉकेट में हाथ डालते है और पैसे निकालते है। परन्तु उनकी दुर्दांत विभीसक पिटाई के दौरान वो भी फट गए।😂😂😂

ब्रह्मा भैया-"उफ़..सारे पैसे फाड़ दिए..पर रुको..ये 50 का नोट तो सही सलामत है। चलो आज भर इसी से काम चला लेता हूँ(इससे नही तो और किस्से...कौन अभी मेरे हाथो में करोरों की संपत्ति है).."😜😜😜😜

"पर बाहर कैसे निकलू"😞😞😞

ऐसे निकला तो लोग मारेंगे..लातो से भी हाथों से भी बातों और खुराफातों से भी...एक काम करता हूँ। ये satki(नाम मत लो कमीने का) जो लडकियों वाला लिबास पहन के आया था (साला है ही छक्का😂😂😂) वो यहीं छोड़ के गया है। वही पहन कर निकल लेता हूँ।(क्यू कि प्रिंस और आकिब के कपडे आयेंगे नही)"😭😭😭

ब्रह्मा भैया अपने कपड़े के ऊपर से ही उसे पहनने लगते हैं। परन्तु थोड़ी टाइट हो जाती है

"उफ़.😡😡😡😠😠😠.ये साला satki इतना पतला क्यूँ है...लगता है बीवी खूब मारती होगी और खाना पीना भी नही देती होगी। हीहीही.😅😅.डरपोक"

[नेपथ्य से.(मेरा मतलब स्टोरी पढ़ते समय मन में उठती बातें)😁😁😁😁

satki सम्राट भैया:-अबे ओ ब्रह्मा...मैं डरपोक वरपोक नही हूँ। और ना ही मेरी शादी हुई है। अबे मैं पतला नही हूँ तू अपनी डाइटिंग कर ...और हाँ...हीहीही..तू अपने कपडे उतार दे तो तेरे ऊपर परफेक्ट हो जायेंगे ये कपडे...बात करते हैं।😬😬😈😈😈

राकेश भाई-"शांत वत्स satki..गुस्सा में कुर्सी और मोबाइल न पटको। और ये तो स्टेज प्रोग्राम चल रहा है। तो वो कैसे अपने कपड़े उतार सकता है।👿👿👿
satki जी:-बात तो थोड़ी मोरी सही राका तेरी..
राकेश भैया-"तो फिर..दम मार के बैठो और चुपचाप स्टोरी पढो(प्रोग्राम देखो)। झूठ मूठ का मजा खराब ना करो(कहाँ कहाँ से चले आते है...वो तो दोस्त है..नही तो बाहर फिंकवा देता.😱😱😱😱😱.]


खैर किसी तरह ब्रह्मा भाई कपडे पहनते है।


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ब्रह्मा भैया अपने दुकान से बाहर निकले।👲👲 दूकान पे ताला लगा रहे थे। तभी उन्होंने अपने दूकान के ऊपर एक छोटा सा बैनर लगा हुआ देखा जिसपर लिख हुआ था की
"ये दुकानदार भ्रष्ट आदमी है😀😀 और एक नंबर का हवसी दरिंदा है।😁😁अपने दूकान में लडकियों से छेड़छाड़ करता है। और उनको धमकाता भी है।आपलोग इसके दूकान न जाएं अगर अपनी इज्जत प्यारी है तो.और इसका बहिष्कार करें😒😒😒।
             सुभचिन्तक
                      A.T.S.K.
     """"
हल्का सा दिमाग दौड़ाने पर उन्होंने इसका मतलब जान लिया।atsk फॉर अभिराज ठाकुर satki खोपड़🗿🗿🗿।

"ओये satki के बच्चे..मेरा पुलिंदा बाँधने का पूरा बन्दोबश्त कर दिया था तूने। मैं तेरी खोपड़ी खोल दूंगा।"😠😠😠😠😡😡

वो इतने गुस्से में बोले की एक आदमी ने आकर पुछा-"क्या हुआ मोहतरमा"👿👿

"क..क..कुछ नही..मैं इस दूकान में जाने की सोच रहा...मेरा मतलब रही थी। पर ये बोर्ड पढ़कर मेरा खून खौल गया। अब नही जाउंगी।"😱😱😱

आदमी-"पर अभी तो दूकान बंद है"😒😒😒

ब्रह्मा भैया-"तुझे कोई मतलब..जादा शाना बनता है..acp प्रद्युमन का भूत स्वर है तेरे ऊपर..रुक तू"😬😬😬😬

आदमी-"म म मुझे माफ़ करें..चलता हूँ.."😰😰😰

ब्रह्मा भैया आगे बढ़ दिए। वो मार्किट की ओर जा रहे थे।
बड़े मटक मटक के चल रहे थे।😜😜😜

तभी एक छिछोड़े ने सीटी मारी और कहा-"कहाँ चली ओ छम्मक छल्लो..यूँ कमर मटका मटका के न चलो...छलकती है जवानी ..दिल भटक जाता है..कर न डालूँ कहीं मनमानी..हीही"😉😉😉😉😍😍😍😍

ब्रह्मा-"भाग मुएं यहाँ से..एक लड़की को छेड़ता है"😭😭😭

लड़का-"अब लड़की को नही तो क्या लड़की को छेड़ें जानेमन..हाय हाय..जरा देख तो दिल का💜💙💜💙💜💙 आलम..कुदरत ने लगता है रविवार को बड़ी फुर्सत में बनाया था। हाय हाय...ये गोरी गोरी✋✋ हथेलियाँ..गोरे पैर.(हीही..गोरे???...पर ये मरदाना हाथ पैर क्यों लग रहा है...खैर मुझे क्या..मुझे तो बस लड़की छेरनी है..अव्वल दर्जे के छिछोड़े जो ठहरे😹😹😹😹)

ब्रह्मा भैया(दीदी भी बोला जा सकता है):-"भाग यहाँ से ..तेरे घर में माँ बहिन नही है क्या"👹👺👹👺👹

छिछोरा-"माँ बहिन तो है पर तेरे जैसी कोई माल(हीही..रखैल ) नही है ।अब और न तरपा..आजा मेरी जानेमन..जरा दिखा तो अपना हर 'पहलू(अब तो आपलोग समझ गए होंगे की ये छिछोरा कौन है)"
इतना कहकर उसने ब्रह्मा भैया का हाथ पकड़ लिया और जबरदस्ती पुच्ची 😚😚😚😘😘😘लेने का प्रयास करने लगा।
तभी ब्रह्मा भैया का चेहरा 😜दिख गया और वो छिछोडा उछल पड़ा।

छिछोडा-"अरे ब्रह्मा यार तू..😞😞"
ब्रह्मा भैया-"अरे शाश्वत भाई आप..😣😣"

शाश्वत भैया:-"अरे ब्रह्मा यार..ये बता तेरी ये दुर्गति कैसे हुयी। मैंने सुना की तुम्हे कुत्तो 🐕🐕🐕और सूअरो🐖🐖ं की भाँती कूटा गया."
ब्रह्मा भैया-"हां भाई बताता हूँ। पहले आप बताओ की आप यहाँ कैसे?"

शाश्वत भैया-"अरे भाई गजब बात करते हो यार..हमको पता चला की तुम्हारे साथ ये सब हुआ तो रहा नही गया भाई। आखिर खास आदमी हो 🐭🐭🐭तुम अपने। देखो तो..कैसा काला काला चेहरा हो गया है। बिलकुल हाउसफुल2 के श्रेयस तलपड़े के बाप की तरह.😂😂😂😂.और देख तो। कितना दुबला हो गया है तू। चल पहले दबा के खा लेते है। मुझे भी बहुत जोरों की भूख लगी है।"😙😙😙

ब्रह्मा भैया-"पर भाई मेरे पास पैसे नही है।केवल 50 रूपए है। उसमे तो चाय पानी भी ढंग से न होगा।"😭😭😭

शाश्वत-"तुम भी न यार..जुलुम ढाते हो। अरे अभी हम है न तुम्हारे साथ।चल मेरे साथ(क्या पता..मुझे भी ग्रुप का एडमिन बना दे)😜😜😜

ढाबे पर

शाश्वत भैया-""रे छोटू जरा इधर अइयो"
चिंटू-"साहेब हमारा नाम चिंटू है"
शाश्वत-"चल बेटा चिंटू जल्दी जल्दी दो प्लेट मुर्गा🐓🐓🐓 ला।"

दो मिनट बाद
"ई लो साहेब..औरो कोनो चीज चाहिए तो आवाज दे देना।☺☺

शाश्वत भैया-"हाँ तो भैया ब्रह्मा.😊😊.अब बताओ।हुआ क्या था।"
ब्रह्मा भाई-"वो satki अपने दो चेलों के साथ लड़की का भेष बनाकर कमर मटकाते हुए मेरे दूकान में आया और मुझे छेड़कानी के जाल में फंसा दिया।"😔😔😔
शाश्वत भैया-"तुम भी न यार परले सिरे के मूर्ख हो।एक तो लड़के को छेड़ते हो और यार छेड़ना ही था तो कोई खोपचे का बंदोबस्त कर लेते"😜😜😜
ब्रह्मा भैया-"बुरा न मानना भैया.पर अभी तो आप भी मुझे लड़की के भेष में छेड़ रहे थे। और मैंने तो छेड़ा भी नही था। उन्होंने मुझे मार खिलवाने के लिए ऐसा किया था।"😭😭😭😢😢😢

शाश्वत भैया-"हम्म..आजकल satki को ज्यादा चर्बी चढ़ी हुई है। उसका जवानी का जोश का होश उड़ाना पड़ेगा।"😠😡😡😡
ब्रह्मा भैया-"हाँ भाई। बहुत बड़ा जुल्म किया उसने हमपर। गलत इलज़ाम लगने और मार खाने से पहले मैं मर क्यों नही गया..ऊहू..सुबुक"😫😫😫
शाश्वत भैया-"अरे रो मत मेरे भाई।मरे मेरे दुश्मन।😠😠 आजकल satki ज्यादा भाव खा रहा है। मुझे भी ग्रुप का एडमिन नही बना रहा है। चलो। हमलोग मिलकर तुम्हारा बदला लेते है।"😈😈😈
ब्रह्मा भैया:-"सुबुक..भाई जरा आप रूमाल दो तो"👿👿

शाश्वत भैया:-"ये ले"
ब्रह्मा भैया:-"आं छी..सुबुक(नाक पोछकर) ये लो भाई। अरे रुको जरा चप्पल भी पोंछ लू। हां अब लो..😦😦.हम कैसे लेंगे बदला"😋😋😋

शाश्वत भैया-"(साला हम तो तुम्हे बोतल का ढक्कन सुंघा रहे थे तुम तो साला पूरी बियर ही पीने पर अमादा हो):-हमलोग भी उसको पूरी तरह मार खिलाएंगे जितना तुमको खिलाया उससे भी ज्यादा।"😠😠😠
ब्रह्मा भैया-"नही भाई उतना तो नही खिला सकते"😱😱😱


शाश्वत भैया:-"क्यू"😤😤😤
ब्रह्मा भैया-"अरे मैं ये स्टोरी नही लिख रहा हूँ न। ये तो अपना अभि लिख रहा है। और उसे ये शाम तक पोस्ट भी करनी है तो शोर्ट में निपटाना पड़ेगा।"😅😅😅

शाशवत भैया-"कोई बात नहीं...ससते बजट में ही निपटा देंगे.."😫😨😪
 ब्रह्मा भैया-"पर भाई हमलोग उसको मजा चखाएंगे कैसे..?"

s भैया-"उसके टाउन जाकर"

b भैउअ-'पर मैंने उसका घर नहीं देखा"
s भैया-"टेंशन नक्खो भीडू..अपुन को सब पता है बाप..तू खाली चल मेरे साथ...अक्खा सिस्टम हिल डालेगा अपुन satki का.."😂😂😂

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रात के 8 बज चुके है और शाश्वत भैया और ब्रह्मा भैया पहुँच चुके है satki भैया के टाउन...
b भैया-"हम्म..तो अब कहाँ जाना है भैया.."
s भैया-"जरा रुको भाई..सारा माथा भन्ना रहा है। वैसे भी..satki आवारों की तरह किसी क्लब में बौख रहा होगा या किसी स्कूटी के पीछे से "कभी डेविल आपके आगे,कभी आप डेविल के आगे-टू मच फन "वाला डायलाग छोड़ रहा होगा।"😆😆😆

बी भैया-"तो हमलोग क्या करें तब तक"👿👿👿

s भैया-"यहाँ थोड़ी दूरी पर एक मुजरा दरबार है जहाँ रंगीलिबाई अपने लटकों झटकों से जलवा बिखेरती है। चलो एक घंटा आनंद उठा आयें.."👿👿👿👿

b भैया-"पर मैं मुजरा वुजरा नहीं देखता(हीही..मन तो मेरा भी है..बस थोड़ा शरीफ बन्ने की कोशिस कर रहा हूँ जो की मै हूँ नही)"😑😑😑😏😏😏

s भैया-"बेटा ज्यादा नौटंकी न कर..तू क्या क्या देखता है मुझे सब पता है...हम तो ससुरा वो हैं जो बोतल का ढक्कन देखकर दारु का स्वाद बता देते है। अब चुपचाप चलो।"😈😈😈

b भैया-"हाँ चलो(आज चलकर आनंद उठा ही आयें..बहुत दिनो से मुजरा नहीं देखा है)👿👿

मुजरा दरबार में दोनों घुस चुके थे। शाश्वत भैया और ब्रह्मा भैया आगे की पंक्ति में बैठे ताल ठोक रहे थे। दोनों का मन बावरा हुआ जा रहा था। भ्रमर का गुंजार मन में हो रहा था। दोनों का चरमोत्कर्ष देखने योग्य थे। दोनों को देख के ऐसा लग रहा था की कोई सुध ही ना है इनको। मस्ती के सागर में डूबे हुए थे दोनों।👨👨👨👨👨

तभी सज धज कर रंगीली बाई आई।👩👩👩👩

रंगीली-"सभी उपस्थित सज्जनों को मेरा प्रणाम"🙏🙏🙏🙏🙏(सज्जन..वो भी मुजरे में)

रंगीली बाई शास्वत भैया और ब्रह्मा भैया के सामने ही कड़ी थी।
s भैया-"आपने हमें सज्जन बोल कर हमारा मान बढ़ा दिया..हीहीही"👏👏

रंगीली-"अजी दुर्जन तो वो हैं जो सब कुच्छ होते हुए भी शरीफ होने का ढोंग करते है(यथा-जन्नत जान)
खुलकर जी पड़े जो कोई,ऐसे जीने में हर्ज ही क्या है
सारी खुशियाँ हमारे ही वास्ते,उस रब ने अर्ज किया है"

सभी लोग-"वाह वाह वाह वाह"
तालियाँ👏👏👏👏👏👏👏

ब्रह्मा भैया-"वाह रंगीली जी..क्या बात कही है आपने..शब्द शब्द में कवित्व भरा है..इसी बात पे चलते हैं क्या 9 से बारह..हीही"🚶🚶🚶🚶

रंगीली-"जी उस बारे में मुजरा खत्म होने बाद बात करते हैं"👭👭

मुजरा प्रारंभ हुआ।
ब्रह्मा भैया और शाश्वत भैया मस्ती के सातवें आसमान पर था। बीच बीच में कभी कभी शाश्वत भैया भी नाच💃💃💃 करने बीच में चले जाते थे। फिर आकर बैठ जाते थे। ये सब देखकर ब्रह्मा भैया को भी जोश चढ़ा और वो भी अपना डांस करने लगे। उन्हें बस एक नागिन डांस ही आता था। सो वो जमीन पर लोट लोट के डांस करने लगे। उनका डांस s भैया की तरह उच्च कोटि का नहीं था जिस वजह से जनता की मांग पर उन्हें वापस अपनी जगह पर आसन लगाना पड़ा।😕😕😕

मुजरा ख़त्म हुआ।

b भैया-:चलती है क्या 9 से बारह..हीही"

रंगीली:-आउंगी पर 12 बजे। 9 से 12 किसी और के साथ जाना है। हिहिहिही।पर आना कहाँ है।

शाश्वत भैया-"इस पते पर"
रंगीली-"ठीक है मोरे राजा.."😋😋😋

बाहर

b भैया:-"वाह शाश्वत भाई..क्या मुजरा दिखाया आपने..वाह..मजा आ गया। जीवन धन्य हो उठा।"
s भैया-"तो...मैं हूँ ही सबका उद्धारक। बस एक बार ग्रुप का एडमिन बन जाऊं"😟😟😟

b भैया-"उफ़..हाय वो जवानी..आ हां...क्या खूब थी..आहा..जी करता है उसकी गोद में जाके बैठ जाऊं"😆😆😆

s भैया-"अबे इस चीज से बाहर निकल..और सुन..मैंने उस रंगीली को satki का घर का पता दे दिया है और अपना नाम अभिराज बताया है। वो रात को जोर जोर से उसके घर के सामने आवाज देगी और satki के माँ बाप जमकर satki की धुलाई कर देंगे"😂😂😂

b भैया-"पर शाश्वत भाई..हमें पर्सनली भी satki को पीटना चाहिए।😠😠😠

s भैया-"अमां यार तुम भी एक नंबर के जाहिल हो..बिना पीटे कैसे घर चले जाएँ..पहले चलो खा लेते हैं उसके बाद satki का घंटनाद करेंगे"😛😛😛

खाने पीने के बाद
b भैया-"10 बज चुके है भैया अब क्या करें। "
s भैया -"satki 11 बजे के बाद सोता है। तो चलो...हम लोग उसके रूम में छिप जाते हैं।"😅😅

फिर वो दोनों छिपते छिपाते satki भैया के रूम में पहुँच जाते है..
और चारपाई के नीचे छिप जाते है।
तभी खाना पीना खा कर satki भैया बिस्तर पकड़ने मेरा मतलब सोने आते हैं।

satki भैया-"वाह..मजा आ गया खाकर..(डकार लेकर)-अब जरा देखूं लडकियों की क्या अपडेट है"😜😜😜

satki भैया-"ये ग्रुप वाले भी कितना मेसेज करते है। मन तो करता है सबको पीटूं..कोई सुनता ही नहीं मेरी..छोरो..फ़ोन लगाता हूँ अनजान नंबर पड़ जो आज लिए है।"
satki भैया फ़ोन लड़कियों को फ़ोन लगाते है पर सब लड़की एक ताफ से उनकी सटका देती है।😂😂😂😂

satki-"छोरो..खैनी खाओ और मुंह बंद कर के सो जाओ"

satki भैया खैनी खाकर सो जाते है।😴😴😴😴

चारपाई के नीचे-"अब क्या करें शाश्वत भाई.."
s भिया-"ये satki moti नींद का प्राणी है। एक बार सो गया तो जल्दी जागेगा नहीं।अब तुम देखते जाओ।"😋😋

मोबाइल की रौशनी में शाश्वत भिया ने अपना मोजा(जोकि महीने भर से धोया नही गया था) satki भैया के नाक पर रख दिया।
satki भिया(नींद में)-ऊंह..कौन है बे..सो जाओ.."

शाश्वत भैया झट से छिप गए।

अबकी बार ब्रह्मा भैया निकले और satki भैया का पैर पकड़ कर इतना जोर से खींचा की वो धराम से गिर पड़े।
उनकी नींद खुली..वो घबरा गए।मुंह में आये पानी को बिना चूं शोर किये हुए उठ गए। तभी उड़ता हुआ एक किताब उनके मुंह पे आकर लगा।

फिर उन्होंने लाइट जलाया।उन्हें कुछ न दिखा। वो फिर बिस्तर पे गए।
और बोले-"कौन हो तुम.."
"हीही हा हा हा..मैं ब्रह्मा का भूत👻👻👻 हूँ"
satki-"याक..ब्रह्मा मर गया क्या.."
"मूर्ख प्राणी..बिना मरे कोई कैसे भूत बन सकता है। तूने मुझको इतना मार खिलवाया की मैं बेचारा निकल लिया इस लोक से...अब तुझे भी अपने साथ लेकर जाऊँगा।"👻👻
satki-"पर मैं भूतो में नहीं मानता.."
"नहीं मानता तो मत मान..तेरे न मानने से थोड़े ही कुछ होता है..मैं तुझे भी अपने साथ लेकर जाऊँगा.."
 satki भैया चुपचाप बल्ब बंद करके सो गए।

थोड़ी डेर बाद

एक बड़े चादर में उन्हें ढंककर उनकी अन्धादुन्ध धुलाई होने लगी। मोटे मोटे लाठियों से ब्रह्मा भैया उन्हें मार रहे थे। ज्यादातर प्रहार उनके पिछवारे पे हो रहा था। और शाश्वत भैया उनके मुंह बंद किये हुए थे। और शरीर भी कसे हुए थे। और लगातार होते असहनीय चोट से satki भैया का दिमाग काम नहीं कर रहा था।🎆🎆🎆🎆🎆🎆

मारते मारते satki भैया के मुंह को चादर में लपेट कर और जोर से बांधकर दोनों फरार हो गए।

ब्रह्मा भैया-"आज ठण्ड पड़ी दिल को..अब कहाँ जायेंगे.."😌😙

"चलो यहाँ छुप जाते है..जरा satki का तमाशा देख लें..रंगीली भी आती हि होगी.."😜😜😜

थोड़ी देर बाद

रंगीली आकर जोर जोर से अभिराज मैं आ गयी कह कह कर चिल्लाने लगी।
satki भैया के माता पिता और अगल बगल के पडोसी जमा हो गए।
"ओये..कौन हो तुम.."

"मैं अभिराज की प्राण प्रिय हूँ..उन्होंने मुझे आज बुलाया है.."

बगल में खड़े एक लड़के ने कहा कि अरे ये तो रंगीली बाई है..मुजरे वाली.."

बस रंगीली ने बहुत रंग जमाया और satki भैया की खोज शुरू हुई। तभी शोर सुनकर satki भोया भिबा रहे थे की माता पिता और बाकी लोगों का गुस्सा उन पर बरस पड़ा।

और वो दोनों रंगीली को लेकर निकल लिए।😂😂😂😂😂



.....................समाप्त..............

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