Saturday, 27 February 2016

नाग योद्धा .........
...

🐍"महाकाव्य"🐍


🐍🐍🐍🐍🐍

राजस्थान एक स्थान,जहां हो रहा खुदाई कम,
इतिहास जानने मानव का, लोग जुटे यहाँ तमाम।
अचानक मजदुर डरने लगे,उस जगह से दूर हटने लगे।
एक मूर्ति निकली वहाँ से,खुदाई हो रहा जहाँ से।
मूर्ति वो राशस की थी, मानव के भशक की थी।
अचानक मूर्ति हिलने लगी, इधर उधर चलने लगी।
बिजली चमकने लगी , धरती भी हिलने लगी
मूर्ति वो अभिसप्त थी रासश कुररक्ष की थी।😈😈😈😈😈😈


सब भय से भागने लगे ,उस रासश से डरने लगे।
गूंज उठा अट्टहास, जाग उठा क्रुरक्ष राशस राज।
वो बोला कौन सा है ये देश, कौन सा है काल।
आँख बंद करके उसने ,जान लिया सब हाल ।
कहाँ गया तक्षक नगर, कहाँ है तक्षक राज🐍🐍🐍

चारो ओर ढूंढ लिया, मन में उसने जान लिया।
कल जो था तक्षक राज,वो है आज नागराज।
पहुँचा वो पताल लोक, बन गया है जो नागलोक।
तौसी वहाँ का राजा है, सुखी सभी प्रजा है।....🐍🐍🐍🐍🐍




जारी..............................

by


कमल कुमार पटेल...🙏🙏🙏🙏.......
एक छोटा सा प्रयास
आप सब की रिव्यू के इंतिजार में.........
....
🙏🙏🙏🙏🙏🙏


click here to download it in PDF 

Post a Comment: