Friday, 1 January 2016

डोगा उन्मत का रिव्यु अश्वनी धर द्विवेदी जी द्वारा
डोगा उन्मत रिव्यु

Spoiler Status-Spoilers हैं पर उनसे कहानी का मज़ा ख़राब नहीं होगा ।।

Review-कहानी की शुरुआत वहीं से होती है जहाँ इसका तीसरा भाग खत्म हुआ था यानी की लोमड़ी डोगा को किसी तरह से ले के उसके घर आ जाती है यहाँ पे कोई खास हिस्सा नहीं है कहानी का इसलिए इसकी चर्चा करने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता ।।

जैसा की आप जानते हैं कि डोगा की कहानियाँ असल ज़िन्दगी के ताने बाने पर बुनी हुई होती हैं इसलिए उसकी कॉमिक्स में कोई super-natural element नहीं मिलने वाला, खैर फिर से कहानी पर आते हुए आगे के कुछ फ्रेम्स में निर्मूलक का फिर से डोगा बन के लोगों क मारना दिखाया जाता है ।।

इस कहानी में फिलहाल निर्मूलक एक strong character बन के उभरा है और वो मास्क क्यों पहनता है ये भी दिखाया गया है लेकिन वो कौन है और उसकी डोगा से क्या दुश्मनी है ये नहीं पता चल पाया है ।।

कहते हैं की अगर किसी सुपरहीरो को मारना हो तो पहले उस विश्वास को मारना चाहिए जो लोग उसपर करते हैं उसकी आधी मृत्यु तभी हो जाती है, और फिलहाल निर्मूलक ये कर चुका है ।।

अब देखना है की क्या डोगा लोगों को फिर से विश्वास दिला पायेगा की वो निर्दोष लोगों का हत्यारा नहीं है या फिर लोगों की प्रताड़नाएं सहते हुए वो निर्मूलक का सामना करेगा ।।

मेरी तरफ से ये सीरीज फिलहाल सही दिशा में जा रही है और आगे के राज़ शायद इस सीरीज की अगली कॉमिक्स में खुल जाएँ ।।

धन्यवाद

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