Friday, 11 December 2015


मै हूँ सुनील चौधरी , आज में अपने जीवन की एक अधभुत घटना का वर्णन करता हूँ,ये उस समय की बात है जब मेने मनोज कॉमिक्स में मनोज कुमार गुप्ता जी के यहाँ उनके पर्सनल असिस्टेंट के लिए अप्लाई किया,  और वहाँ से इंटरव्यू की काल् आने पर उनके ऑफिस पहुँच गया।
समय - सुबह के 10.02 am , जगह - मनोज कॉमिक का ऑफिस
मै - में आई कम इन सर ?
मनोज गुप्ता : आइये सुनील बेठिये आज आपका इंटरव्यू है और आप 2 मिनट लेट आये है क्या हमेशा ऐसा ही करते है
सुनील - सॉरी सर (डरते हुए) , असल में मै आपके ऑफिस पेहली बार आया हु और बाहर साथ वाले रूम में राम - रहीम , क्रूक बॉण्ड, और हवलदार बहादुर की कॉमिक्स प्रिंट्स हो रही थी तो में खुद को रोक नहीं पाया और उनको देखने में 2 मिनट्स चले गए।
मनोज गुप्ता जी : हा हा हा , डरो नहीं तुम पहले इंसान नहीं हो जिसके साथ ऐसा हुआ है , यहाँ जो भी आता है कॉमिक्स की दुनिया में खो जाता है हा हा हा
दोस्तों में तो पहले डर ही गया था की पहले दिन ही गलती कर दी और ऊपर से इतने बड़े आदमी  पता नहीं कितनी डांट पड़ेगी पर कहते है न बड़े लोगो के दिल भी बड़े होते है गुप्ता जी भी वैसे ही निकले एक दम शांत सवभाव के हसहि मजाक पसंद वाले और फिर उन्होंने मेरा इंटरव्यू लिया और मुझे मेरी पहली नोकरी मिल गयी  पर में एक बात पूछना चाहता था जो मेने पूछ ही ली।
सुनील :  सर मै आपसे  एक बात पूछना चाहता हूँ।
मनोज गुप्ता : पूछो पूछो  अब तो तुम यहाँ के कर्मचारी हो
सुनील : सर आप इतने   सारे हीरोज की कॉमिक्स छापते हो कोई एक्शन करता है और कोई कॉमेडी पर हर कॉमिक्स में सभी  हर बार अपने बेस्ट रूप में होते है और हवलदार बहादुर और क्रूक बॉण्ड की कॉमेडी  तो अल्टीमेट होती है दूसरी सभी कंपनी से बेस्ट ऐसा कैसे होता है
मनोज गुप्ता जी : सुनील एक बात हमेशा याद रखना कभी खुद पर घमण्ड मत करना और जिस काम को करो उसमे अपना 100% देना , यहाँ सभी कर्मचारी इसी सूत्र का  पालन करते है और मै भी , और रही दूसरी कंपनी की बात तो वो भी अपनी जगह बेस्ट है जैसे की मेरे भतीजे संजय और मनीष मिल कर राज कॉमिक्स को  बहुत ही अच्छी तरह चला रहे है और उनके नागराज और बांकेलाल तो मुझे भी बहूत पसंद है
तभी उस कमरे में आता है वो सकश जिसहे मेने सिर्फ कॉमिक्स में ही देखा था जिसका नाम था
टोटान............
स्टोरी - टोटान एक अद्भूत रक्षक
पार्ट
जगह - मनोज कुमार गुप्ता जी का ऑफिस
टोटान अंदर आता है जिसहे देख् कर  मै अपने ऊपर काबू नहीं रख पाता मै अपनी कुर्सी से खड़ा हो जाता हूँ और उस अधभुत इंसान को देखने लगता हूँ जो था हमारे देश की शान , मुजलीमो की जान , मासूमो का रक्षक , दुश्मनो का भक्षक ..... टोटान.....एक अद्धभूत रक्षक....
उसने वहीँ नीले रंग का जेकेट पहना था जिसके अंदर काली टी - शर्ट थी नीली जैकेट पर ऑरेंज कलर की 2 लाईने थी और गोल्डन रंग की बेल्ट थी जिसके बेच पर ईगल बना हुआ था , निले रंग की पेन्ट पहनी हुई थी जिस पर रेड कलर के लंबे घुटनो से थोड़े निचे तक के जूते थे और हाथो में रेड कलर के दस्ताने पहने हुए थे सिर पर एक सोने का मुकुट पेहना हुआ था जिसके ऊपर घात लगाए हुए एक चीते की छोटी मूर्ति लगी हुई थी ।
मुझे पता ही नहीं चला कब वो मेरे पास आया और केहने लगा
टोटान : क्या हुआ श्री मान अब अगर पूरा स्कैन कर लिया हो तो अपना खुला मुँह बंद कीजिये और अपनी कुर्सी पर बैठ जाइये ।
मै जैसे सपने से जागा और अपने मुँह को बंद करते हुए  कुर्सी पर बैठ गया , मै बहुत उत्सुक था
सुनील : क्या आप असली के टोटान है , आप कहा से आये है और यहाँ क्यों रहते है , आपके पास कौन कौन सी पावर्स है ?
टोटान : बस बस एक साथ कितने सवाल करोगे सांस तो ले लो
मुझे अपनी गलती का एहसास हुआ और मनोज जी भी मेरी ओर ही देख रहे थे तो मै चुप कर के बैठ गया
टोटान : अरे क्या हुआ अपने सवालो का जवाब नहीं चाहिए , मेरा नाम टोटान है मै टोमो ग्रह का वासी ही मेरा ग्रह  एक घटना में तबाह हो गया और मेँ पृथ्वी वासी भी हूँ जिसकी कहानी फिर कभी बताऊंगा मेरा असली नाम अर्जुन है और मेरी पावर्स की जानकारी भी जल्दी ही तुमको मिल जाएंगी।
मनोज गुप्ता जी : तो कहिये टोटान जी आज आप हम्हे अपनी जिंदगी की कौन सी कहानी बताएँगे जिसहे हम अपनी अगली कॉमिक में छाप सकते है, दरअसल जब से हमने आपकी कहानियां अपनी कॉमिक्स में छापनी शूरु की है हमारी कॉमिक्स की सेल सभी कंपनी से जयादा हो गयी है
टोटान : धन्यववाद गुप्ताजी आप जैसे अच्छे और ईमानदार आदमी को अपनी जिंदगी की दास्तान बताने में मुझे भी मज़ा आता है, तो चलिए में आप को अपनी हाल ही की रूसो ग्रह की यात्रा की कहानी बताता हूँ
अभी 1 महीने पहले मै अपने दोस्त रमाकांत की प्रॉयोगसाला में बैठा था की हमहे किसी अन्जान ग्रह से कुछ जीवित लोगो के सिग्नल मिलते है तो मै अपनी उत्सुकता को रोक नहीं पाता और अपने स्पेसशीप मै बैठ कर उस ग्रह की ओर जाने लगता हूँ अभी मै उस ग्रह के पास ही पहुचा था की कुछ स्पेस शीप मेरे यान पर हमला कर देते है
स्टोरी : टोटान - एक अधभुत रक्षक
पार्ट -3
सुनील : लेकिन आप वहाँ अंतरिक्ष में उनके ग्रह पर इतनी जल्दी कैसे पहुँच गये ?
मनोज गुप्ता : सुनील बिच में नहीं बोलते ये सही बात नहीं हैं
मै असल में अपनी भावनाओ में भूल ही गया की मै कहाँ हूँ पर टोटान ने मुझे मनोज जी की डाँट से बचा लिया वो कहते है न बड़े लोगो के दिल भी बड़े होते है
टोटान :  कोई बात नहीं गुप्ता जी , इनका सवाल भी जायज है आखिर आपकी कॉमिक्स के पाठक भी तो आपसे यही सवाल करेंगे, दरअसल सुनील मेरा स्पेस शिप प्रकाश से भी 10 गुणा वेग से उड़ता है और मेरी अपनी गति भी किसी पॉवर फुल जेट इंजन दे कई गुणा तेज है तो अब वापस स्टोरी पर आते है
टोटान : तो मुझे टोटान के सैनिको ने जंगी  स्पेसशीप से घेर लिया और मुझ पर बिना किसी चेतावनी के हमला कर दिया तो मुझे भी अपनी आत्म रक्षा के लिए उन पर हमला करना पड़ा और मैने उनके कई विमानों को तबाह कर दिया किन्तु एक यान ने मेरे शीप को अपना निशाना बना लिया और मुझे रूसो ग्रह पर अपने शीप को उतारना पड़ा , वहाँ कुछ देर में मेने अपने शीप को रिपेयर किया पर मेरे मन में उस ग्रह को देखने की लालसा उत्पन हो गयी और  मै अपने शीप को वहाँ छुपा कर वहाँ आस पास में उड़ने लगा वहाँ का वातावरण हमारे ग्रह की तरह ही था और वहाँ के लोग भी यहाँ की तरह थे पर उनके घर हमसे उन्नत थे तभी मेरी नज़र एक महल पर पड़ी मै ऐसी उन्नत जगह पर एक महल देख कर चोंक गया पर वो महल वाकई में बहुत खूबसूरत था  वहाँ के मैदान में बहुत से लोगो की भीड़ लगी हुई थी  मै भी उस भीड़ में जा कर खड़ा हो गया तभी वहाँ किसी रानी के आने की घोसना हुई और एक अत्यंत ही खूबसूरत युवती वहाँ आई उसका रंग दूध से भी ज्यादा सफ़ेद था और उसने हलके नीले रंग का बहुत ही चमकीला वस्त्र धारण किया हुआ था सिर पर उसके एक सोने का हिरे जड़ित मुकुट धारण किया हुआ था। वहाँ के लोगो से मुझे पता चला की यहाँ की प्रथा के अनुसार यहाँ रानी का हुकुम चलता है और आज रानी का स्वयंवर है रानी जिसहे चुनेगी वो नया राजा बनेगा  रानी भीड़ में से किसी को भी चून सकती है
रानी आगे बढ़ी और भीड़ में खड़े युवको को देखती हुई आगे बढ़ने लगी और उसके साथ उसकी कुछ दासियाँ भी थी , आचानक रानी मेरे पास आ कर रुकी और मेरे गले में हार ड़ाल कर केहने लगी
रानी : तुम कौन हो युवक क्या नाम है तुम्हारा , अब मै तुमसे ही विवाह करुँगी
टोटान : मेरा नाम टोटान है और मै दूसरे ग्रह से आया हूँ आप का क्या नाम है मै आपसे विवाह नहीं कर सकता
रानी : मेरा नाम रानी सुर्व्या है अब तुम्हे मुझसे विवाह करना ही पड़ेगा
टोटान : नहीं ऐसा नहीं हो सकता मैने सिर्फ लोगो की रक्षा करने की कसम खायी है
तभी वहाँ एक सैनिक आ जाता है
सैनिक : ये यहाँ कैसे आ गया सैनिको गिरफ्तार कर लो इशे आज इसने हमारे युवराज को मार दिया
रानी : (रोते हुए) नहीं ये नहीं हो सकता., मेरा भाई नहीं मर सकता वो बहुत शक्तिशाली था  , टोटान मै तुम्हे जीवित नहीं छोड़ूंगी , सैनिको खत्म कर दो इसह
सभी सेनिक मेरी और बढने लगे और अपने हथियारों से मुझ पर वार करने लगे 
टोटान : रानी मेने ये सब आत्मरक्षा के लिए किया है मेने ये जान बुज कर नहीं किया , आप लोग मुझे समझने की कोशिश किजिये
पर कोई मेरी बात समझने को तैयार नहीं था , इसलिए मेने अपने हाथो से लोहे की मजबूत चैने निकाली और उन सबी को उन से बाँध दिया , मै जानता था की ये चैन इन लोगो को ज्यादा देर तक रोक नहीं पाएंगी इसीलिए मै तुरंत अपने स्पेसशीप की ओर उड़ चला और उस में बैठ कर यहां आ गया।
सुनील : तो टोटान जी क्या वो लोग आपके पीछे यहाँ नहीं आये
टोटान : नहीं अभी तक तो नहीं और शायद कोई आये भी नहीं
तभी बाहर से मनोज कॉमिक्स में टोटान की कॉमिक्स को लिखने वाले लेखक  महेंद्र जैन जी अंदर आते है
महेंद्र जैन : सर जल्दी से अपने रूम का टी.वी ऑन कीजिये एक बहुत बड़ी न्यूज़ आ रही है.........
स्टोरी : टोटान - एक अधभुत रक्षक
पार्ट :4
मनोज कुमार गुप्ता : क्या हुआ महेंद्र जैन
महेंद्र जैन : सर जल्दी से टी.वी ओन कीजिये हमारे देश पर दूसरे ग्रह के लोगो का हमला हुआ है।
मनोज गुप्ता टी वी ऑन करते है
रिपोर्टर : नमस्कार , ये है दूरदर्शन  अभी अभी हमारे देश के विभिन्न स्थानो पर  दूसरे ग्रह के लोगो का हमला हुआ है जगह जगह उडन तस्करी देखी गयी है और वो लोग चेतावनी दे रहे है की `टोटान तुम जहाँ भी हो हमारे सामने आ जाओ यू कायरो की तरह छुप कर मत बैठो वर्ना यहाँ जो भी तबाही होगी उसके ज़िम्मेवार तुम खुद होंगे'
टोटान : मेरी पृथ्वी पर हमला करने वालो को टोटान जीवित नहीं छोड़ेगा।
और टोटान ऑफिस में से बाहर आ कर दुश्मनो की ओर उड़ जाता है , जैसे ही टोटान शहर में  घुसता है वहाँ का नज़ारा देख कर टोटान के आँखों में से खून के आँसू बहने लगते है हर तरफ तबाही ही तबाही जगह जगह लाशो के ढेर लगे हुए है
तभी टोटान की नज़र लगभग 8 साल की एक घायल लड़की पर पड़ती है टोटान तुरंत उसके पास जाता है
लड़की : टोटान अंकल मुझे बहुत दर्द हो रहा है मुझे बचा लो। अगर मै मर गयी तो मेरी मम्मी के साथ कौन खेलेगा....
टोटान तुरंत लड़की को गोद में उठा लेता है और हॉस्पिटल की ओर उड़ जाता है, हॉस्पिटल पहुँच कर.....
टोटान : डॉक्टर इस लड़की को चेक कीजिये इसे तुरंत इलाज की जरुरत है
डॉक्टर : आई ऍम सॉरी टोटान , ये लड़की अब जीवित नहीं है .....
टोटान में जैसे अब प्राण ही न हो वो एक दम जड़वत हो गया आज इस लड़की के मरने पर टोटान के सामने उसकी मरी हुई बेटी  रूपाली का चेहरा आ गया की कैसे दुश्मन ने उसकी बेटी के टुकड़े कर दिए थे और उसकी लाश भी कुछ इसी तरह टोटान के हाथो में थी ।
टोटान : आज फिर एक बार हार गया मै अपनी किस्मत से ...... तुझे बचा नहीं पाया बिटीया लेकिन मुझे कसम है तेरे शरीर से बहे एक एक बूँद खून के कतरे की आज टोटान या तो तेरे हत्यारों को जान से मार देगा या सव्य अपने प्राण त्याग देगा ।
टोटान रूसो ग्रह के अंतरिक्ष यानों की तलाश में यहाँ से वहाँ उड़ने लगा तभी उसे कुछ यान लाल किले के ऊपर उड़ते हुए दिखाई दिए शायद उनका अगला निशाना लाल किला ही था.....
टोटान तुरंत अपनी आँखों से अपनी प्रलयकारी किरणों का वार उन उड़न तस्करीयो पर करता है और उनको नस्ट कर देता है तभी वहाँ और भी बहुत सारे यान आ जाते है और टोटान पर अपने हथियारों से हमला कर देते है .... टोटान अपने मुकुट से आग के गोले निकालता है और सभी यानो पर हमला कर देता है और अंत में दुश्मन सेना का सेनापति जल्लाद आ जाता हैं।
जल्लाद : टोटान मेरी सेना को खत्म कर के ये मत समझ की तू जीत गया अभी रूसो ग्रह का वीर बेटा जीवित है।
टोटान : अगर तुम वीर होते तो यहाँ के मासूम लोगो पर हमला नहीं करते....
जल्लाद : चूहों को बिल से बाहर लाने के लिए  हम मिठाई नहीं रखते बल्कि उसके बिल में पानी भर देते है ..... तू क्या सोचता था हम तुझे ढूंढ नहीं पाएंगे , हमारे यंत्रो ने तुम्हारे आने और वापस जाने की दिशा देख ली थी हम्हे सिर्फ यही नहीं पता था की तुम किस ग्रह पर हो इसलिए यहाँ तक के रास्ते में बीच में आने वाले 24 ग्रहो को हम्हे तबाह करना पड़ा.......
टोटान : आज तुम लोगो को उन सभी मासूम लोगो के खून का हिसाब देना होगा
और फिर टोटान और जल्लाद में एक भयंकर युद्ध शुरू हो जाता है .......कभी टोटान का पलड़ा भारी होने लगता है तो कभी जल्लाद का ....
जल्लाद : बहुत सख्त जान है रे तू टोटान।
टोटान : ताकत तो तुम में भी बहूत है पर पाप चाहे लाख गुना ताकतवर क्यों न हो ....जीत हमेशा सत्य का साथ देने वालो की ही होती हैँ।
जल्लाद : सच्चाई की तरफ तो मै भी हूँ ....टोटान ... फर्क सिर्फ इतना है की हम दोनों ही अपनी अपनी ओर से लड़ रहे है
और फिर उन दोनों में युद्ध शुरू हो जाता है
जल्लाद टोटान पर एक  विद्युत जाल फेंकता है जिसमे टोटान फँस जाता है और उसको करंट के सॉक लगने लगते है ।
जल्लाद : आखिर कबूतर जाल में फंस ही गया , अब इस जाल से बाहर तेरी लाश ही आएगी
टोटान : इस जाल पर पर इतना घमंड मत कर देख  अपने जाल का हश्र...
टोटान  अपने  हाथो से नीली किरणें निकलता है जिससे विद्युत् जाल जल कर खत्म हो जाता है।
टोटान : इस जाल की तरह जलने की बारी अब तेरी है , संभाल मेरा वार.....
टोटान अपनी प्रकाश गति से उड़ते हुए जल्लाद के पास जाता है और उसके चेहरे पर एक जोरदार मुक्का मरता है ,जिससे जल्लाद के होठो से खून निकल आता है , जल्लाद क्रोध से आग बगुला हो जाता है और वो टोटान पर लगातार अपनी सभी शक्तियों का वार करता है जिससे टोटान बुरी तरह घायल हो जाता है और जमीन पर गिर जाता है तभी वहाँ मनोज  कुमार गुप्ता अपनी कार में सुनील और टोटान की प्रेमिका बरखा ( जिसका घर मनोज कॉमिक्स के ऑफिस के साथ ही है)के साथ आ जाते है।
बरखा : उठो टोटान तुम हार नहीं सकते खत्म कर दो इस शैतान को और बचा लो अपनी कर्मभूमि को.....
जल्लाद : किस टोटान को आवाज़ दे रही है लड़की , ये तो अब खड़ा भी नहीं हो सकता वार क्या ख़ाक करेगा।
टोटान पेहले बरखा को देखता है और फिर जल्लाद की ओर देखता है , भूमि से मिटटी को अपनी हथेली पर उठा लेता है और अपने पांवो पर खड़े होते हुए
टोटान : देख जल्लाद ..... ये मिट्टी मेरी माँ है और जब कोई किसी बच्चे की माँ पर वार करता है तो बच्चा कितना ही छोटा या कमजोर हो वो दुश्मन पर वार जरूर करता है.... और आज मै तुझे इसी मिटटी में मिला दूँगा
टोटान अपनी सम्पूर्ण शक्ति को इकठ्ठा करता है और अपने सिने(छाती) से एक चक्र निकलता है , बहुत ही तेज प्रकाश निकल रहा था उस चक्र से , ऐसा लग रहा था मानो भगवान् विष्णु का सुदर्शन चक्र उत्पन हो गया हो वहाँ , चक्र जल्लाद की ओर तेजी से बढता है , जल्लाद अब समझ गया था की वो अब नहीं बचेगा वो तेजी से आकाश में उड़ जाता है पर चक्र उसका पीछा कर के उसके सिर को इसके धड़ से अलग कर देता है ।
बरखा तेजी से टोटान के पास दौड़ती हुए जाती है और उसके गले लग जाती है
बरखा : तुम जीत गए टोटान तुम जीत गए, तुमने पृथ्वी को बचा लिया ।
अभी बरखा अपनी बात पूरी भी न कर पायी थी की तभी आकाश में प्रकट होती है रानी सुर्व्या....
सुर्व्या: मेरी फौज और सेनापति को मार कर ये मत सोचो टोटान की तुम जीत गए , अभी मै जीवित हूँ और अपने भाई की हत्या के जुर्म का दंड मै तुम्हे दूंगी.....
रानी चारो और अपना मायाजाल फेला देती है और टोटान पर वार करने लगती है, टोटान लगातार लड़ने की वजह से घायल और कमजोर हो गया था वो रानी सुर्व्या के वारो का सही से जवाब नहीं दे पा रहा था ....
टोटान अपनी आँखों से लाल रंग की किरणों से रानी पर वार करता है पर रानी गायब हो कर खुद को बचा लेती है और तुरंत दूसरी और प्रकट हो कर टोटान पर वार करती है
तभी वहाँ बाबा  महंतनाथ प्रकट होते है
बाबा महंतनाथ : वत्स मुकुंद (टोटान का ही एक नाम) ये रानी अपनी मायावी शक्तियो का प्रयोग कर रही है , इसका सामना करने के लिए तुम भी अपनी मायावी शक्तियो का प्रयोग करो ।
टोटान : जैसी आज्ञा गुरु देव ,
और टोटान अपनी सभी मायावी शक्तियों का आवाहन करता है...
टोटान : जय बाबा महंतनाथ........
टोटान के हाथ में एक दिव्यधारी तलवार प्रकट होती है , टोटान अपनी तलवार का प्रयोग करता है और तलवार से जादुई किरणें निकलती है और रानी के मायाजाल को खत्म कर देती है
टोटान : तेरे इस मायाजाल की तरह अब तेरा भी सर्वनाश निषचीत है  सुर्व्या....
टोटान अपनी तलवार को पूरी ताकत लगा कर रानी की ओर फेंकता है और तलवार रानी के पेट में गुस्स जाती है और रानी का शरीर हवा में विलीन हो जाता है
बाबा महंतनाथ : आज तुमने एक बार फिर इस धरती का ऋण चूका दिया और खुद को एक अधभुत योद्धा साबित कर दिया।
और फिर टोटान बरखा को ले कर किसी अनजान जगह की ओर उड़ चला और हम बस देखते रहे जाते हुए उस  शख़्स को जिसका नाम है - टोटान - एक अधभुत योद्धा
वहीँ दूसरी ओर रूसो ग्रह पर
जल्दी करो राजवैध जी अभी कोई नहीं जानता की राजकुमार अभी जीवित है, रानी और सेनापति की मृत्यु के बाद एक राजकुमार ही है जो टोटान को खत्म कर के हमारा बदला ले सकते है...
राजवैध : मै अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहा हूँ किन्तु राजकुमार अर्ध चेतना की अवस्था में है पता नहीं इन्हें कब होश आयेगा , इन्हें होश 1 दिन में भी आ सकता है और 1 साल में भी ................
               समाप्त - या फिर कहे
               अगली कहानी की
                  एक नई शुरुवात.........

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